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कई जिलों ने किया बार के सहयोग में हड़ताल का ऐलान
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2015 10:43 PM IST
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बार के हड़ताल की आंच पूर्वांचल के कई जिलों में लगी। वहां इसके समर्थन में हड़ताल की घोषणा की गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति व जिले के प्रशासनिक जज को पत्र भी लिखा गया है।
पत्र में वाहन स्टैंड को लेकर प्रशासनिक अफसरों की ओर से उदासीनता का आरोप लगाया गया है। गुरुवार तक तीनों मांग पूरी न हुई तो अधिकारियों का पुतला फूंकने का एलान किया गया है।
27 जून से वकील अपनी तीन मांगो को पूरी करने के लिए न्यायिक कार्य से विरत रहकर आंदोलित हैं। बुधवार को भी बार अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में धरना दिया गया।
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कहा गया कि वकील इस तरह शांत बैठने वाले नहीं हैं। खुद बंगले को गिराकर उसकी तोहमत वकीलों पर लादते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाना कहां का न्याय है।
वकीलों ने प्रशासनिक अधिकारियों को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि इस दौरान मांग न पूरी हुई तो आंदोलन को और धार देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों का पुतला फूंका जाएगा।
निरीक्षण न्यायमूर्ति को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि वकीलों के वाहन सुरक्षा के मद्देनजर कचेहरी परिसर में नहीं घुसने दिए जाते। वाहनों को वकील सड़क के किनारे खड़ा करते थे।
इस पर भी प्रशासन की ओर से पाबंदी लगा दी गई। कई साल से वाहन स्टैंड के लिए अधिवक्ता प्रशासन से जमीन मांग रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। उनसे प्रकरण में अपने स्तर से हस्तक्षेप करके कार्रवाई की मांग की गई है। बुधवार को धरने को गिरीश तिवारी, सुशील चौबे समेत कई अन्य ने संबोधित किया।
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पत्र में वाहन स्टैंड को लेकर प्रशासनिक अफसरों की ओर से उदासीनता का आरोप लगाया गया है। गुरुवार तक तीनों मांग पूरी न हुई तो अधिकारियों का पुतला फूंकने का एलान किया गया है।
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27 जून से वकील अपनी तीन मांगो को पूरी करने के लिए न्यायिक कार्य से विरत रहकर आंदोलित हैं। बुधवार को भी बार अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में धरना दिया गया।
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कहा गया कि वकील इस तरह शांत बैठने वाले नहीं हैं। खुद बंगले को गिराकर उसकी तोहमत वकीलों पर लादते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाना कहां का न्याय है।
वकीलों ने प्रशासनिक अधिकारियों को दो दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि इस दौरान मांग न पूरी हुई तो आंदोलन को और धार देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों का पुतला फूंका जाएगा।
निरीक्षण न्यायमूर्ति को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि वकीलों के वाहन सुरक्षा के मद्देनजर कचेहरी परिसर में नहीं घुसने दिए जाते। वाहनों को वकील सड़क के किनारे खड़ा करते थे।
इस पर भी प्रशासन की ओर से पाबंदी लगा दी गई। कई साल से वाहन स्टैंड के लिए अधिवक्ता प्रशासन से जमीन मांग रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। उनसे प्रकरण में अपने स्तर से हस्तक्षेप करके कार्रवाई की मांग की गई है। बुधवार को धरने को गिरीश तिवारी, सुशील चौबे समेत कई अन्य ने संबोधित किया।