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गुमनामी बाबा के सामानों की शिफ्टिंग शुरू
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2016 11:33 PM IST
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कलेक्ट्रेट के कोषागार में रखे गए गुमनामी बाबा/भगवानजी के सामानों के शिफ्ंिटग शुरू हो गई है। शुक्रवार को डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने कोषागार पहुंचकर कार्रवाई को शुरू कराया। कोषागार के डबल लॉक में रखे बाबा के दो बक्सों के सामानों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी शुरू हुई।
सभी सामानों को अयोध्या के सरयू तट स्थित अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा।
हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने 31 जनवरी 2013 को आदेश दिया था कि गुमनामी बाबा के सामानों को म्यूजियम में सुरक्षित करके प्रदर्शित किया जाए। गुमनामी बाबा को ही यहां लोग सुभाषचंद्र बोस के रूप में मानते हैं।
इसके बाद प्रदेश सरकार ने इन सामानों को अयोध्या के अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय की गैलरी में रखवाए जाने का निर्णय लिया था। इसके लिए प्रशासन स्तर पर समिति बनाई गई है। अब इन सामानों को संग्रहालय में रखवाए जाने पर कार्रवाई शुरू की गई है।
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शुक्रवार को समिति के अध्यक्ष व एडीएम सिटी आरएन शर्मा ने एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सीटीओ, प्रभारी निदेशक रामकथा संग्रहालय, अधिशाषी अभियंता विद्युत व पीडब्ल्यूडी, विशेष आमंत्रित सदस्य शक्ति सिंह आदि के साथ कोषागार में बैठक की। डीएम के साथ कोषागार के डबल लॉक में रखे सामानों को खुलवाने की कार्रवाई शुरू कराई।
यहां से दो बक्से निकाले गए। इन बक्सों से निकलने वाले सामानों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई। इसके बाद तकनीकी समिति इन सामानों की जांच करेगी। इनका रासायनिक उपचार करने के बाद सामानों को संग्रहालय की गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा।
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सभी सामानों को अयोध्या के सरयू तट स्थित अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा।
हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने 31 जनवरी 2013 को आदेश दिया था कि गुमनामी बाबा के सामानों को म्यूजियम में सुरक्षित करके प्रदर्शित किया जाए। गुमनामी बाबा को ही यहां लोग सुभाषचंद्र बोस के रूप में मानते हैं।
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इसके बाद प्रदेश सरकार ने इन सामानों को अयोध्या के अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय की गैलरी में रखवाए जाने का निर्णय लिया था। इसके लिए प्रशासन स्तर पर समिति बनाई गई है। अब इन सामानों को संग्रहालय में रखवाए जाने पर कार्रवाई शुरू की गई है।
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शुक्रवार को समिति के अध्यक्ष व एडीएम सिटी आरएन शर्मा ने एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सीटीओ, प्रभारी निदेशक रामकथा संग्रहालय, अधिशाषी अभियंता विद्युत व पीडब्ल्यूडी, विशेष आमंत्रित सदस्य शक्ति सिंह आदि के साथ कोषागार में बैठक की। डीएम के साथ कोषागार के डबल लॉक में रखे सामानों को खुलवाने की कार्रवाई शुरू कराई।
यहां से दो बक्से निकाले गए। इन बक्सों से निकलने वाले सामानों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई गई। इसके बाद तकनीकी समिति इन सामानों की जांच करेगी। इनका रासायनिक उपचार करने के बाद सामानों को संग्रहालय की गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा।