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‘अंतिम सांस तक मातृभूमि की रक्षा का लें संकल्प’
Faizabad
Updated Tue, 14 Oct 2014 05:31 AM IST
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फैजाबाद। प्रशिक्षण उत्तीर्ण कर रिक्रूट अब भारतीय सेना परिवार के सदस्य हो गए हैं। सभी को सेना में भर्ती होने के बाद संकल्प लेकर अंतिम सांस तक मातृभूमि की रक्षा करनी है। देश को आप जैसे होनहार सैनिकों की जरूरत है। उक्त बातें डोगरा रेजीमेंटल सेंटर के कर्नल करण सिंह ने शनिवार को कहीं। वे 34 सप्ताह का सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले पास आउट 110 रिक्रूटों के डोगरा रेजीमेंट सेंटर के परेड ग्राउंड पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि आला दर्जे की ड्रिल व उच्चकोटि के टर्नआउट के लिए सभी शाबाशी के पात्र हैं। उन्होंने रिक्रूटों को सदैव भारतीय सेना की सर्वोत्तम सैनिक परंपरा को बनाए रखने का संकल्प दिलाया और रेजीमेंट का आदर्श वाक्य ‘कर्तव्यमन्वात्मा’ अर्थात् ‘स्वयं से पूर्व कर्तव्य’ को अपना मार्गदर्शक बनाए रखने को कहा। कहा कि सभी अपनी यूनिट में पहुंचकर प्रशिक्षण के दौरान हासिल हुनर तथा अपनी काबिलियत का उपयोग करते हुए दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि शपथ लेने के बाद इस पर खरा उतरना कठिन। सभी जवान अपने संकल्प व शपथ पर खरा उतरें और भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखें। इस दौरान नौजवानों के कदमों की थाप के साथ रेजीमेंट के पाइप बैंड ने भी अपनी मधुर धुन बिखेरी। इस दौरान सैन्य अधिकारी, जवान व रिक्रूट तथा सैन्य परिवार के लोग मौजूद रहे।
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पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा कि आला दर्जे की ड्रिल व उच्चकोटि के टर्नआउट के लिए सभी शाबाशी के पात्र हैं। उन्होंने रिक्रूटों को सदैव भारतीय सेना की सर्वोत्तम सैनिक परंपरा को बनाए रखने का संकल्प दिलाया और रेजीमेंट का आदर्श वाक्य ‘कर्तव्यमन्वात्मा’ अर्थात् ‘स्वयं से पूर्व कर्तव्य’ को अपना मार्गदर्शक बनाए रखने को कहा। कहा कि सभी अपनी यूनिट में पहुंचकर प्रशिक्षण के दौरान हासिल हुनर तथा अपनी काबिलियत का उपयोग करते हुए दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि शपथ लेने के बाद इस पर खरा उतरना कठिन। सभी जवान अपने संकल्प व शपथ पर खरा उतरें और भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखें। इस दौरान नौजवानों के कदमों की थाप के साथ रेजीमेंट के पाइप बैंड ने भी अपनी मधुर धुन बिखेरी। इस दौरान सैन्य अधिकारी, जवान व रिक्रूट तथा सैन्य परिवार के लोग मौजूद रहे।
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