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परिषदीय शिक्षकों की अंतर्जनपदीय काउंसलिंग में बवाल

Faizabad Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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फैजाबाद। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में आए परिषदीय शिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया रविवार को भारी विरोध और कई तरह के आरोपों के कारण जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल ने निरस्त कर दी। रविवार को दूसरे दिन चल रही काउंसलिंग में करीब डेढ़ बजे हंगामा हो गया। सूचना मिलने पर दलबल के साथ पहुंचे जिलाधिकारी ने एडी बेसिक कार्यालय में बैठकर महिलाओं के आरोपों को सुना। काफी देर तक चले हंगामे के बाद आखिरकार अब तक हुई काउंसलिंग निरस्त कर दी। उन्होंने सहायक निदेशक बेसिक को रिक्त विद्यालयों की सूची उनके सामने प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही पारदर्शिता के मद्देनजर नए सिरे से रिक्त विद्यालयों की सूची बना काउंसलिंग से तीन दिन पहले कार्यालय पर चस्पा कराने का आदेश दिया है।
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अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के तहत जिले में आए 350 शिक्षकों की काउंसलिंग शुरू हुई थी। इन शिक्षकों में नि:शक्त व महिलाएं प्रमुख रूप से हैं। बीएसए जेपी सिंह के दीर्घकालीन अवकाश पर होने से काउंसिलिंग प्रक्रिया एडी बेसिक ब्रजभूषण मौर्य की देखरेख में शनिवार को उनके कार्यालय भवन में शुरू हुई। शनिवार को ही देर शाम काउंसिलिंग प्रक्रिया में अनियमितता बरतने को लेकर विवाद शुरू हुआ। शहर के करीब के शिक्षा क्षेत्रों में रिक्त विद्यालयों को छिपाने तथा महिला अध्यापकों को दूर के स्कूलों में तैनात किए जाने का आरोप लगाया गया। कई महिला शिक्षकों का आरोप था कि रुपये लेकर नजदीक के स्कूल दिए जा रहें। जो पैसा नहीं दे रहा, उसे दूरदराज के पिछड़े क्षेत्रों वाले स्कूल में भेजा जा रहा है। किसी तरह शनिवार देर शाम तक 200 शिक्षकों की काउंसिलिंग हुई थी। शेष काउंसलिंग रविवार को शुरू थी। बताते हैं कि काउंसलिंग शुरू होने के बाद से विरोध के स्वर उठ रहे थे, लेकिन दोपहर करीब डेढ़ बजे हंगामा हो गया। सूत्रों का कहना है कि मौके से ही शिक्षक संघ के एक धड़े ने जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल को दूरभाष पर सूचना देकर रुपये लेकर काउंसलिंग करने और एक शिक्षक संघ पदाधिकारी के अंदर बैठकर काउंसलिंग कराने की बात कही। फिर क्या था, डीएम के आदेश पर एडीएम सिटी श्रीकांत मिश्र पहुंच गए। एडीएम के पहुंचने पर अनियमितता का आरोप लगा रहे शिक्षकों का स्वर और मुखर हो गया। कई महिला शिक्षकों ने कार्यालय के भीतर पहुंचकर अपनी बात रखनी चाही। इस बीच पुलिस स्थिति संभालती रही। उन्होंने एक-एक कर सबके नाम पूछे और अंदर मिले शिक्षक संघ पदाधिकारी की उपस्थिति पर नाराजगी जताई। कुछ ही देर बाद डीएम दीपक अग्रवाल भी वहां पहुंच गए। डीएम ने काफी देर तक एडी कार्यालय में बैठकर आरोप लगाने वालीं शिक्षिकाओं की बातों को सुना। हालांकि एडी बेसिक पर लगा कोई भी आरोप साबित नहीं हो सका। करीब आधा घंटे तक स्थिति से वाकिफ होने के बाद डीएम ने लॉटरी से काउंसलिंग कराने की सोची, लेकिन शासनादेश में ऐसा आदेश न होने के नाते सहमति के बाद दोपहर तक हुई काउंसलिंग निरस्त कर दी। उस वक्त तक दूसरे दिन 41 नंबर तक महिला शिक्षकों की काउंसलिंग हो चुकी थी। डीएम श्री अग्रवाल ने काउंसलिंग निरस्त करने के बाद एडी बेसिक को नए सिरे से रिक्त विद्यालयों (एकल व शिक्षक विहीन) की सूची बनाकर काउंसलिंग की तिथि से तीन दिन पहले कार्यालय में चस्पा कराने का निर्देश दिया। अब काउंसिलिंग प्रक्रिया जिलाधिकारी की देखरेख में होगी।

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