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हाईकोर्ट की अवमानना में तहसीलदार तलब
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:20 AM IST
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हाईकोर्ट की अवमानना में तहसीलदार तलब
फैजाबाद। आदेश का अनुपालन न करने पर तहसीलदार मिल्कीपुर को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने व्यक्तिगत रूप से कोर्ट मेें उपस्थित होने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव ने दिया है। मामले में अगली पेशी 8 सितंबर नियत की गई है।
अधिवक्ता ओंकारनाथ तिवारी ने बताया कि मिल्कीपुर तहसील की रेवना गांव निवासी केवलपती ने अपने पति की प्रापर्टी अपंजीकृत वसीयत के जरिए नामांतरित करने के लिए तहसीलदार मिल्कीपुर की कोर्ट में अर्जी दी लेकिन अर्जी को वसीयत अपंजीकृत होने के नाते स्वीकार नहीं किया गया। इसे केवलपती ने रिट याचिका के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपंजीकृत वसीयत के आधार पर वाद दर्ज करके सुनवाई करके मामले का निस्तारण तीन माह में करने का आदेश 21 जनवरी 2016 को किया था। लेकिन अी तक इसकीा निस्तारण नहीं हुआ। तब केवलपती ने कोर्ट में अवमानना याचिका प्रस्तुत की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले में 8 सितंबर तक मामले का निस्तारण न करने की दशा में तहसीलदार मिल्कीपुर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया।
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फैजाबाद। आदेश का अनुपालन न करने पर तहसीलदार मिल्कीपुर को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने व्यक्तिगत रूप से कोर्ट मेें उपस्थित होने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राकेश श्रीवास्तव ने दिया है। मामले में अगली पेशी 8 सितंबर नियत की गई है।
अधिवक्ता ओंकारनाथ तिवारी ने बताया कि मिल्कीपुर तहसील की रेवना गांव निवासी केवलपती ने अपने पति की प्रापर्टी अपंजीकृत वसीयत के जरिए नामांतरित करने के लिए तहसीलदार मिल्कीपुर की कोर्ट में अर्जी दी लेकिन अर्जी को वसीयत अपंजीकृत होने के नाते स्वीकार नहीं किया गया। इसे केवलपती ने रिट याचिका के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपंजीकृत वसीयत के आधार पर वाद दर्ज करके सुनवाई करके मामले का निस्तारण तीन माह में करने का आदेश 21 जनवरी 2016 को किया था। लेकिन अी तक इसकीा निस्तारण नहीं हुआ। तब केवलपती ने कोर्ट में अवमानना याचिका प्रस्तुत की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले में 8 सितंबर तक मामले का निस्तारण न करने की दशा में तहसीलदार मिल्कीपुर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया।
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