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रामनगरी में गुरुपूर्णिमा महोत्सव की धूम
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:49 AM IST
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रामनगरी में गुरुपूर्णिमा महोत्सव की धूम
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में गुरुपर्व रविवार को विभिन्न मंदिरों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। देश के विभिन्न प्रांतों, जिलों से बड़ी संख्या में शिष्य, श्रद्धालु, भक्त अपने-अपने गुरुद्वारों-मंदिरों में जाकर अपने सद्गुरुदेव का दर्शन-पूजन कर अपनी श्रद्धा निवेदित करेंगे।
दशरथ महल बड़ा स्थान में बिन्दुगद्याचार्य स्वामी देवेन्द्रप्रसादाचार्य के सानिध्य में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संचालित हो रहे हैं। अखंड नाम संकीर्तन भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। महाराज जी ने बताया कि रविवार को गुरुपूर्णिमा पर्व पर विभिन्न प्रांतों से हजारों भक्त पधारेंगे।
वहीं गुरुधाम में तीन दिवसीय गुरुपूर्णिमा महोत्सव की धूम है। शनिवार को अखंड नाम संकीर्तन का समापन हुआ। आश्रम के व्यवस्थापक गदाधर जी ने बताया कि रविवार को गुरुदेव का पूजन एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा।
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वहीं परमहंस आश्रम में महंत विष्णुदेवदास के सानिध्य में गुरुपूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। इसी क्त्रस्म में गोविंद दास के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथामृत की वर्षा हो रही है। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
महंत विष्णुदेवदास ने बताया कि गुरूपूर्णिमा पर विभिन्न आयोजन होंगें। इसी प्रकार मणिरामदास जी की छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज, जानकीघाट बड़ास्थान, सियारामकिला झुनकीघाट, हनुमत निवास, चैबुर्जी मंदिर, रंगमहल, हरिधामगोपाल मंदिर, शनिधाम आदि मंदिरों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य गुरुपूजन की धूम होगी।
मूल नक्षत्र में गुरुपूर्णिमा
गुरुपूर्णिमा का पर्व मूल नक्षत्र में मनाया जायेगा। ज्योतिष स्वामी हरिदयाल मिश्र ने बताया कि पूर्णिमा शनिवार को ही लग गई है। रविवार को मूल नक्षत्र में गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि सिद्धि प्राप्ति के लिए मूल नक्षत्र का अति महत्व है।
इसलिए इस दौरान किया गया पूजन अक्षय फलदायी साबित होगा। उन्होंने कहा कि संवत 2074 का राजा बुध व मंत्री गुरु हैं। गुरु ही भगवान शनि के भी गुरु हैं। इसलिए गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा अर्चना करने से सुख-शांति का माहौल कायम होगा।
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अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में गुरुपर्व रविवार को विभिन्न मंदिरों में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। देश के विभिन्न प्रांतों, जिलों से बड़ी संख्या में शिष्य, श्रद्धालु, भक्त अपने-अपने गुरुद्वारों-मंदिरों में जाकर अपने सद्गुरुदेव का दर्शन-पूजन कर अपनी श्रद्धा निवेदित करेंगे।
दशरथ महल बड़ा स्थान में बिन्दुगद्याचार्य स्वामी देवेन्द्रप्रसादाचार्य के सानिध्य में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संचालित हो रहे हैं। अखंड नाम संकीर्तन भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। महाराज जी ने बताया कि रविवार को गुरुपूर्णिमा पर्व पर विभिन्न प्रांतों से हजारों भक्त पधारेंगे।
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वहीं गुरुधाम में तीन दिवसीय गुरुपूर्णिमा महोत्सव की धूम है। शनिवार को अखंड नाम संकीर्तन का समापन हुआ। आश्रम के व्यवस्थापक गदाधर जी ने बताया कि रविवार को गुरुदेव का पूजन एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा।
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वहीं परमहंस आश्रम में महंत विष्णुदेवदास के सानिध्य में गुरुपूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। इसी क्त्रस्म में गोविंद दास के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथामृत की वर्षा हो रही है। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
महंत विष्णुदेवदास ने बताया कि गुरूपूर्णिमा पर विभिन्न आयोजन होंगें। इसी प्रकार मणिरामदास जी की छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज, जानकीघाट बड़ास्थान, सियारामकिला झुनकीघाट, हनुमत निवास, चैबुर्जी मंदिर, रंगमहल, हरिधामगोपाल मंदिर, शनिधाम आदि मंदिरों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य गुरुपूजन की धूम होगी।
मूल नक्षत्र में गुरुपूर्णिमा
गुरुपूर्णिमा का पर्व मूल नक्षत्र में मनाया जायेगा। ज्योतिष स्वामी हरिदयाल मिश्र ने बताया कि पूर्णिमा शनिवार को ही लग गई है। रविवार को मूल नक्षत्र में गुरुपूर्णिमा महोत्सव मनाया जायेगा। उन्होंने बताया कि सिद्धि प्राप्ति के लिए मूल नक्षत्र का अति महत्व है।
इसलिए इस दौरान किया गया पूजन अक्षय फलदायी साबित होगा। उन्होंने कहा कि संवत 2074 का राजा बुध व मंत्री गुरु हैं। गुरु ही भगवान शनि के भी गुरु हैं। इसलिए गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा अर्चना करने से सुख-शांति का माहौल कायम होगा।