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चौरासी कोसी परिक्रमा पूरी कर अयोध्या पहुंचे परिक्रमार्थी
अमर उजाला ब्यूरो / फैजाबाद
Updated Sat, 14 May 2016 12:53 AM IST
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शुक्रवार को चौरासी कोसी परिक्रमा के समापन पर देर शाम पहुंचे कारसेवकपुरम पहुंचे परिक्रमार्थी।
- फोटो : अमर उजाला
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विहिप के हनुमान मंडल के बैनर तले 23 अप्रैल को मखभूमि से प्रारंभ हुई 84 कोसी परिक्रमा देर रात वापस कारसेवकपुरम पहुंच कर संपन्न हुई। इस अवसर पर परिक्रमार्थियों ने सरयू स्नान, भरत कुंड, नंदीग्राम का दर्शन, श्रीराम जन्मभूमि का दर्शन भी किया।
परिक्रमार्थियों का संतों, विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। परिक्रमा समापन के अवसर पर मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा अयोध्या की सांस्कृतिक एवं धार्मिक क्षेत्र की परिक्रमा करने से प्राणी जन्म-जन्मांतर के कष्टों से मुक्त हो जाता है।
84 कोसी परिक्रमा से जहां समाज में एकता का निर्माण होगा वहीं हमारे धार्मिक एवं सांस्कृतिक जीवन मूल्यों की रक्षा भी होगी। कहा कि भगवान श्रीराम साक्षात् धर्म के आधार स्तंभ हैं। अयोध्या पवित्र पावनी नगरी है।
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84 कोस में पड़ने वाले सभी धार्मिक केंद्र हमारी आस्था और श्रद्धा को बल प्रदान करते हैं। इसकी परिक्रमा करके हम सभी धन्य हैं। बता दें कि 22 अप्रैल कोे कारसेवकपुरम् अयोध्या से निकल कर 23 अप्रैल को मखभूमि से प्रारंभ हुई मोक्षदायिनी 84 कोसी परिक्रमा बस्ती, अंबेडकरनगर, फैजाबाद, बाराबंकी, गोंडा जिलों के 21 पड़ावों से गुजर कर आज शुक्रवार को अयोध्या पहुंच गई।
परिक्रमा की वापसी पर संत-धर्माचार्यों तथा विहिप, बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी पुरुषोत्तम नारायण सिंह, कारसेवकपुरम प्रभारी शिवदास, यात्रा प्रमुख सुरेंद्र सिंह सहित बजरंग दल के पदाधिकारी एवं प्रशिक्षार्थी भी मौजूद रहे।
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परिक्रमार्थियों का संतों, विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। परिक्रमा समापन के अवसर पर मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा अयोध्या की सांस्कृतिक एवं धार्मिक क्षेत्र की परिक्रमा करने से प्राणी जन्म-जन्मांतर के कष्टों से मुक्त हो जाता है।
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84 कोसी परिक्रमा से जहां समाज में एकता का निर्माण होगा वहीं हमारे धार्मिक एवं सांस्कृतिक जीवन मूल्यों की रक्षा भी होगी। कहा कि भगवान श्रीराम साक्षात् धर्म के आधार स्तंभ हैं। अयोध्या पवित्र पावनी नगरी है।
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84 कोस में पड़ने वाले सभी धार्मिक केंद्र हमारी आस्था और श्रद्धा को बल प्रदान करते हैं। इसकी परिक्रमा करके हम सभी धन्य हैं। बता दें कि 22 अप्रैल कोे कारसेवकपुरम् अयोध्या से निकल कर 23 अप्रैल को मखभूमि से प्रारंभ हुई मोक्षदायिनी 84 कोसी परिक्रमा बस्ती, अंबेडकरनगर, फैजाबाद, बाराबंकी, गोंडा जिलों के 21 पड़ावों से गुजर कर आज शुक्रवार को अयोध्या पहुंच गई।
परिक्रमा की वापसी पर संत-धर्माचार्यों तथा विहिप, बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी पुरुषोत्तम नारायण सिंह, कारसेवकपुरम प्रभारी शिवदास, यात्रा प्रमुख सुरेंद्र सिंह सहित बजरंग दल के पदाधिकारी एवं प्रशिक्षार्थी भी मौजूद रहे।