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101 करोड़ से होगा अयोध्या के पर्यटन स्थलों का विकास

Fri, 08 Feb 2019 02:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Feb 2019 02:30 AM IST
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101 करोड़ से होगा अयोध्या के पर्यटन स्थलों का विकास
101 करोड़ से संवरेंगे पर्यटक स्थल
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अयोध्या। योगी सरकार ने अपने तीसरे बजट में अयोध्या के प्रमुख पर्यटन स्थलों के समेकित विकास के लिए 101 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। योगी सरकार के इस कदम का रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने स्वागत किया है।

संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने एक बार फिर अयोध्या के पर्यटन विकास की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है जो कि सराहनीय है। संतों ने कहा कि अयोध्या में बहुत से ऐसे स्थल हैं जो या तो उपेक्षित पड़े हैं, या फिर अस्तित्व खोने के कगार पर हैं।
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योगी के प्रयास से उम्मीद है कि उनका धार्मिक एवं पौराणिक गौरव लौटेगा। मणिरामदास छावनी के महंत कमलनयन दास ने कहा कि योगी सरकार ने पर्यटन विकास की अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी है जो कि स्वागत योग्य है।
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अयोध्या पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की नगरी है जिनका संरक्षण, संवर्धन एवं सुंदरीकरण आवश्यक है ताकि उसकी पौराणिकता सुरक्षित रहे। कहा कि इन स्थलों के सुंदरीकरण की प्रतिबद्धता सराहनीय है।

श्रीरामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने कहा कि योगी सरकार ने अयोध्या के पर्यटन विकास को लेकर जो बजट आवंटित किया है उससे रामनगरी की पौराणिकता के गवाह कुंड एवं सरोवरों का संरक्षण जरूरी है।

सभी कुंडों के पीछे कोई न कोई पौराणिक मान्यताएं है इनके सुंदरीकरण से अयोध्या की धार्मिक सुंदरता बढ़ेगी। महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं जो रखरखाव एवं संरक्षण के अभाव में अपना वैभव खोते जा रहे हैं।

यदि इन स्थलों का समेकित विकास किया जाए तो पर्यटन की संभावनाएं शीर्ष पर पहुंच जाएंगी। इससे देश-विदेश के श्रद्धालु तो आकर्षित होंगे ही अयोध्या का धार्मिक वैभव भी निखरेगा।


महंत शशिकांत दास ने कहा कि भगवान श्रीराम से जुड़े धार्मिक स्थलों का सुंदरीकरण होना चाहिए। तमसा तट, श्रृंगि ऋषि आश्रम, भरतकुंड सहित रामनगरी के पौराणिक घाटों को भव्यता प्रदान करने की जरूरत है।

अयोध्या के कई घाट वजूद खोने को हैं इन्हें संरक्षित किया जाना चाहिए। उम्मीद है कि अब इन धार्मिक स्थलों का विकास संभव हो सकेगा।
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