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4817 किसानों का माफ होगा 16.78 करोड़ ऋण
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अयोध्या। कर्ज माफी के लाभ से वंचित 4817 किसानों के लिए खुशखबरी है। चुनाव से पूर्व सरकार की ओर से चलाई गई हेल्प डेस्क में प्राप्त हुई करीब 75 सौ शिकायतों के सत्यापन के बाद ये किसान कर्जमाफी का लाभ पाने के लिए पात्र पाए गए हैं।
जिला स्तरीय कमेटी की ओर से ऋण माफी की स्वीकृति देते हुए कर्जमाफी के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। शीघ्र ही किसानों के खाते में धन पहुंचने की उम्मीद है।
भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में किसानों के एक लाख तक के कर्ज को माफ करने का ऐलान किया था। निजाम बदलने के बाद उस पर प्राथमिकता से अमल किया गया। जिसके तहत जिले के 72 हजार 592 किसान चिह्नित किए गए थे।
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सरकार की ओर से पात्रता निर्धारित करने के बाद इनमें से बहुत से किसान वंचित हो गए। जिसमें प्रमुख कारण, ऋण खाते का नवीनीकरण न होना, देय धनराशि मार्च 2016 तक शून्य होना, ऋण खातों पर आधार फीड न होना, चार हेक्टेयर से अधिक की भूमि होना, एक ही जमीन पर दो या अधिक बैंकों से ऋण होना, अभिलेख पूर्ण न होने, ऋण लिए गए गाटों की उस समय जांच न हो पाने आदि प्रमुख रहे।
चुनाव से पूर्व करीब पांच चरणों में 58 हजार किसानों का कुल 268 करोड़ कर्ज माफ किया गया है। तकनीकी दांवपेंच के कारण पात्र होते हुए भी अपात्रता की श्रेणी में पहुंचे किसानों के लिए सरकार ने कई बार ऑनलाइन शिकायतें मांगीं और ऑनलाइन पोर्टल संचालित किया।
जिनके निस्तारण के बाद कई और पात्र किसानों को लाभान्वित किया गया। इन सबके बावजूद भी कई किसान पात्र होते हुए भी बैंक की गलती से देयता गलत भरने, आधार न होने, नामिनी न होने आदि की वजह से कर्जमाफी का लाभ न पा सके।
ऐसे किसान लंबे समय से बैंक से लेकर जिले के उच्चाधिकारियों सहित शासन-प्रशासन तक चक्कर काट रहे थे। इन्हीं मामलों पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार ने जिला मुख्यालय पर हेल्प डेस्क बनाने का फरमान जारी किया था।
पांच दिसंबर से 21 जनवरी तक हेल्प डेस्क का संचालन जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पर किया गया था। जिसमें कुल 7500 शिकायतें किसानों ने दर्ज कराईं।
प्राप्त शिकायतों का मैनुअल सत्यापन कराया गया, जिसके बाद 4817 और किसान पात्रता की श्रेणी में आए हैं। जिनका 16.78 करोड़ माफ करने का ऐलान किया गया है।
इन पात्र किसानों के कर्जमाफी के लिए सत्यापन के उपरांत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा शासन को डिमांड भेजी गई है। पटल प्रभारी विवेक दूबे ने बताया कि हेल्प डेस्क में 7500 शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
इनमें अधिकांश शिकायतें नामिनी न होने, बैंक द्वारा देयता गलत भरने सहित आदि की थीं। जिनके जांच के बाद करीब 27 सौ किसान अपात्र मिले। इनमें कई किसान पूर्व में भी शिकायत कर चुके हैं। शेष पात्र मिले किसानों की देयता निर्धारित करके सूची शासन को प्रेषित की गई है। शीघ्र ही इन किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलेगा।
हेल्प डेस्क पर चुनाव से पूर्व 75 सौ शिकायतें प्राप्त हुईं थीं। मैनुअल सत्यापन के बाद इनमें से 4817 किसान पात्र मिले हैं, जिनके 16.78 करोड़ कर्जमाफी के लिए शासन को डिमांड भेजा गया है। शीघ्र ही किसानों के खाते में धन पहुंच जाएगा।
-बीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी, अयोध्या
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जिला स्तरीय कमेटी की ओर से ऋण माफी की स्वीकृति देते हुए कर्जमाफी के लिए शासन को डिमांड भेजी गई है। शीघ्र ही किसानों के खाते में धन पहुंचने की उम्मीद है।
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भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में किसानों के एक लाख तक के कर्ज को माफ करने का ऐलान किया था। निजाम बदलने के बाद उस पर प्राथमिकता से अमल किया गया। जिसके तहत जिले के 72 हजार 592 किसान चिह्नित किए गए थे।
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सरकार की ओर से पात्रता निर्धारित करने के बाद इनमें से बहुत से किसान वंचित हो गए। जिसमें प्रमुख कारण, ऋण खाते का नवीनीकरण न होना, देय धनराशि मार्च 2016 तक शून्य होना, ऋण खातों पर आधार फीड न होना, चार हेक्टेयर से अधिक की भूमि होना, एक ही जमीन पर दो या अधिक बैंकों से ऋण होना, अभिलेख पूर्ण न होने, ऋण लिए गए गाटों की उस समय जांच न हो पाने आदि प्रमुख रहे।
चुनाव से पूर्व करीब पांच चरणों में 58 हजार किसानों का कुल 268 करोड़ कर्ज माफ किया गया है। तकनीकी दांवपेंच के कारण पात्र होते हुए भी अपात्रता की श्रेणी में पहुंचे किसानों के लिए सरकार ने कई बार ऑनलाइन शिकायतें मांगीं और ऑनलाइन पोर्टल संचालित किया।
जिनके निस्तारण के बाद कई और पात्र किसानों को लाभान्वित किया गया। इन सबके बावजूद भी कई किसान पात्र होते हुए भी बैंक की गलती से देयता गलत भरने, आधार न होने, नामिनी न होने आदि की वजह से कर्जमाफी का लाभ न पा सके।
ऐसे किसान लंबे समय से बैंक से लेकर जिले के उच्चाधिकारियों सहित शासन-प्रशासन तक चक्कर काट रहे थे। इन्हीं मामलों पर गंभीरता से विचार करते हुए सरकार ने जिला मुख्यालय पर हेल्प डेस्क बनाने का फरमान जारी किया था।
पांच दिसंबर से 21 जनवरी तक हेल्प डेस्क का संचालन जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पर किया गया था। जिसमें कुल 7500 शिकायतें किसानों ने दर्ज कराईं।
प्राप्त शिकायतों का मैनुअल सत्यापन कराया गया, जिसके बाद 4817 और किसान पात्रता की श्रेणी में आए हैं। जिनका 16.78 करोड़ माफ करने का ऐलान किया गया है।
इन पात्र किसानों के कर्जमाफी के लिए सत्यापन के उपरांत जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा शासन को डिमांड भेजी गई है। पटल प्रभारी विवेक दूबे ने बताया कि हेल्प डेस्क में 7500 शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
इनमें अधिकांश शिकायतें नामिनी न होने, बैंक द्वारा देयता गलत भरने सहित आदि की थीं। जिनके जांच के बाद करीब 27 सौ किसान अपात्र मिले। इनमें कई किसान पूर्व में भी शिकायत कर चुके हैं। शेष पात्र मिले किसानों की देयता निर्धारित करके सूची शासन को प्रेषित की गई है। शीघ्र ही इन किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिलेगा।
हेल्प डेस्क पर चुनाव से पूर्व 75 सौ शिकायतें प्राप्त हुईं थीं। मैनुअल सत्यापन के बाद इनमें से 4817 किसान पात्र मिले हैं, जिनके 16.78 करोड़ कर्जमाफी के लिए शासन को डिमांड भेजा गया है। शीघ्र ही किसानों के खाते में धन पहुंच जाएगा।
-बीके सिंह, जिला कृषि अधिकारी, अयोध्या