फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   मेडिकल दुकानों की हड़ताल, मरीजों की बढ़ी सांसत

मेडिकल दुकानों की हड़ताल, मरीजों की बढ़ी सांसत

Fri, 28 Sep 2018 10:32 PM IST
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
मेडिकल दुकानों की हड़ताल, मरीजों की बढ़ी सांसत
दवा की दुकानों पर ताला, भटकते रहे मरीज
विज्ञापन

फैजाबाद। केंद्र सरकार की ओर से दवा की ऑनलाइन बिक्री का नोटिफिकेशन जारी होने पर शुक्रवार को जिले में केमिस्ट-ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर मेडिकल स्टोर के ताले नहीं खुले। शहर से लेकर गांव तक मेडिकल की बंद दुकानों से परेशान मरीजों को अनेक समस्याओं से गुजरना पड़ा।

संगठन के पदाधिकारियों ने जगह-जगह जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी दिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर जारी नोटिफिकेशन में अब हर व्यक्ति द्वारा दवाओं की ऑनलाइन खरीदारी की बात कही गई है।
विज्ञापन


इसके विरोध में शुक्रवार को केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले भर के मेडिकल स्टोर संचालकों ने तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला अस्पताल से लेकर गांव-देहात के इलाकों तक मरीज दवाओं के लएि दर-दर भटकते नजर आए। केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अवि आनंद की अगुवाई में पदाधिकारियों ने शुक्रवार को ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कहा कि, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दवाओं की बिक्री का प्रस्ताव फार्मेसी एक्ट 1948 में निहित प्रावधानों की अवहेलना है। जिसमें दवाओं की उपलब्धता फार्मासिस्ट की उपस्थिति में ही करने का प्रावधान है। इसके लागू होने से मरीजों के स्वास्थ्य से समझौता हो रहा है व अंतरराष्ट्रीय दवा विक्रेता पूरे व्यापार पर कब्जा कर लेंगे।

गोसाईगंज नगर पंचायत के मेडिकल स्टोर संचालकों ने गोसाईगंज के एक गेस्ट हाउस में बैठक कर नगर के भीटी चौराहे पर सरकार विरोधी नारे लगाए। दुकानदारों ने कहा कि ऑनलाइन दवा व्यापार से नशे की प्रवृति बढ़ जाएगी। अब तक दुकानदार बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी दवाइयां नहीं देता है लेकिन ऑनलाइन होने से कोई भी आसानी से ऐसी दवा मंगवा सकेगा।

इस मौके पर रामजी, कपिलदेव सिंह, त्रिलोकी मोदनवाल, अनूप गुप्ता, प्रशांत कसौधन, शेखर वर्मा, निखिल, अनिरुद्ध गुप्ता आदि मौजूद रहे। वहीं जिला अस्पताल के सामने फंगल इंफेक्सन की दवा के लिए भटक रहे तारुन के राम आशीष, पेट की समस्या से ग्रसित नवाबगंज के राम अभिलाख व बीकापुर की शर्मीला ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के बाद उन्होंने कुछ दवाएं बाहर से लेने को कहा।

लेकिन सभी मेडिकल स्टोर बंद हैं। दवा के अभाव में लौटना पड़ रहा है। सीएचसी गोसाईगंज के सामने जमधरा अमसिन से इलाज कराने आयी संगीता टाइफाइड और पीलिया से परेशान थी। केंद्र प्रभारी डॉ. ओपी भार्गव ने मरीज को देखने के बाद बाहर की दवा लिखी। लेकिन दुकानें बंद होने की वजह से दवा नहीं मिल पाई।


मोहल्ला कटरा के इस्तियाक के दो वर्ष के बेटे को नेबुलाइजर की जरूरत थी। लेकिन दवा नहीं मिल पाई। इसी तरह तेजापुर गांव के विजय पांडेय, सीता, बद्री प्रसाद आदि दवा के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed