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शिक्षिका हत्याकांड में दो को आजीवन कारावास
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:36 AM IST
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शिक्षिका के दो हत्यारों को आजीवन कारावास
फैजाबाद। कुमारगंज थाने के इंटर कॉलेज की शिक्षिका की हत्या करने वाले दो हत्यारों को कोर्ट ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। कुल एक लाख 60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
दोषी करार होते ही एक आरोपी फरार हो गया। इस पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैरजमानतीय वारंट जारी कर गिरफ्तारी व संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। यह आदेश अपर जिलाजज फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज भागीरथ वर्मा की कोर्ट से हुआ।
एडीजीसी पीएम कुद्दूसी ने बताया कि घटना 5 अगस्त 2011 की है। कुमारगंज थाने के एक गांव की शिक्षिका इसी थाने के एक इंटरकॉलेज में पढ़ाने गई थी। शाम तक वह वापस नहीं लौटी और उसके घर वालों ने खोजबीन की तो उसकी लाश सरपत के झरमुट से मिली।
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इसकी रिपोर्ट मृतका के पुत्र ने अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखाई थी। दो दिन बाद दुर्बली निषाद निवासी मन्ता सिंह का पुरवा इशौली भारी थाना कुमारगंज व राम उजारे निवासी विन्ध्या पांडेय का पुरवा थाना कुमारगंज ने शिक्षिका के घर जाकर जुर्म इकबाल कर क्षमा याचना की थी।
तब विवेचक ने दोनों को मामले में आरोपी बनाते हुए विवेचना पूरी करके दोनों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने तथा दुर्बली के खिलाफ हत्याकर साक्ष्य छिपाने व दुराचार का प्रयास करने की धारा में आरोपपत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए दोनों को सजा सुनाई दोष सिद्ध करने के समय ही दुर्बली फरार हो गया। इसलिए कोर्ट ने उसके खिलाफ गैरजमानतीय वारंट जारी कर गिरफ्तारी व संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है।
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फैजाबाद। कुमारगंज थाने के इंटर कॉलेज की शिक्षिका की हत्या करने वाले दो हत्यारों को कोर्ट ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। कुल एक लाख 60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
दोषी करार होते ही एक आरोपी फरार हो गया। इस पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैरजमानतीय वारंट जारी कर गिरफ्तारी व संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। यह आदेश अपर जिलाजज फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज भागीरथ वर्मा की कोर्ट से हुआ।
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एडीजीसी पीएम कुद्दूसी ने बताया कि घटना 5 अगस्त 2011 की है। कुमारगंज थाने के एक गांव की शिक्षिका इसी थाने के एक इंटरकॉलेज में पढ़ाने गई थी। शाम तक वह वापस नहीं लौटी और उसके घर वालों ने खोजबीन की तो उसकी लाश सरपत के झरमुट से मिली।
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इसकी रिपोर्ट मृतका के पुत्र ने अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखाई थी। दो दिन बाद दुर्बली निषाद निवासी मन्ता सिंह का पुरवा इशौली भारी थाना कुमारगंज व राम उजारे निवासी विन्ध्या पांडेय का पुरवा थाना कुमारगंज ने शिक्षिका के घर जाकर जुर्म इकबाल कर क्षमा याचना की थी।
तब विवेचक ने दोनों को मामले में आरोपी बनाते हुए विवेचना पूरी करके दोनों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने तथा दुर्बली के खिलाफ हत्याकर साक्ष्य छिपाने व दुराचार का प्रयास करने की धारा में आरोपपत्र कोर्ट में प्रस्तुत किया।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए दोनों को सजा सुनाई दोष सिद्ध करने के समय ही दुर्बली फरार हो गया। इसलिए कोर्ट ने उसके खिलाफ गैरजमानतीय वारंट जारी कर गिरफ्तारी व संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है।