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बारिश से जनजीवन खुशहाल, चहुंओर दिखा पानी
Updated Tue, 06 Jun 2017 11:05 PM IST
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बारिश ने दी गर्मी से राहत, लुढ़का पारा
शहर में कई सरकारी दफ्तरों के परिसर हुए लबालब
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। जिलेभर में रात से शुरू हुई बूंदाबांदी मंगलवार सुबह झमाझम बारिश में बदल गई। बरसात ने भीषण गर्मी से लोगों को राहत देने के साथ ही किसानों की भी चिंता दूर कर दी। सुबह हर तरफ पानी ही पानी नजर आया। सूखे पड़े खेत, गड्ढों और पोखरों (तालाब) में बरसाती पानी दिखा। हालांकि शहर में जलनिकासी ठप होने से कई सरकारी दफ्तरों के परिसर, मुख्य मार्गों समेत कई कॉलोनियों में प्रवेश के रास्तों और गलियों में पानी भर गया। एनडी विवि के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह इस वर्ष की सबसे तेज बरसात है। दक्षिणी-पूर्वी मानसून से हुई यह वर्षा 60 मिमी दर्ज हुई है।
बारिश से महिला अस्पताल, रिकाबगंज मार्ग, पुष्पराज मार्ग, सदर तहसील गेट, बीएसए कार्यालय, रेलवे स्टेशन चौराहा, रोडवेज परिसर, नगर निगम कार्यालय व पार्क, सिंचाई व पीडब्ल्यूडी परिसर समेत राजकीय इंटर कॉलेज और गुलाबबाड़ी मैदान पानी से भर गये। नाला संकरा होने से पुलिस लाइन-रेलवे स्टेशन मार्ग के किनारे सड़क तक पानी भर गया। कंधारी बाजार, कंघी गली, सहादतगंज, खवासपुरा, कोतवाली के पीछे, ऋषि टोला, लालडिग्गी, खीर वाली गली, लालबाग, कुम्हारन टोला, बुद्धनगर जनौरा, मेवाती पुरा, जलावनपुरा, आर्य कन्या गली में कुछ देर तक पानी भरा रहा। जगह-जगह नाले चोक होने से लोग नाराज होकर नगर निगम प्रशासन को कोसते दिखे। एनडी विवि के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ तिवारी के अनुसार बारिश फैजाबाद में 60 मिलीमीटर, अमानीगंज में 52 मिमी, बीकापुर-शाहगंज में 59 मिमी, सोहावल में 60.2 मिमी रिकार्ड की गई है, हालांकि विवि परिसर कुमारगंज में सबसे कम बारिश 7.3 मिमी ही रिकॉर्ड हुई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री नीचे (28.5) और न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री कम (27.5) दर्ज किया गया है।
अगले तीन दिनों तक हो सकती बारिश
नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के डॉ. अमरनाथ तिवारी का कहना है कि खुशी की बात है कि जून के पहले सप्ताह में ही अब तक की सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यह किसानों और खेती के लिए बहुत ही अच्छा है। हालांकि जमीन खासी प्यासी है। इससे अभी भूजल स्तर पर कोई फर्क पड़ने की कोई संभावना नहीं है। अनुमान जताया कि अगले कई दिनों तक बारिश हो सकती है।
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गन्ना, चरी और सब्जियों को संजीवनी
बरसात से सूख रही गन्ना, चरी, उर्द, मूंग, सहित सब्जियों की फसल को मानो संजीवनी मिल गई है। गन्ना किसान उमरनी पिपरी निवासी कपिलदेव पाठक, शारदा वर्मा, मलेथू कनक निवासी अमरनाथ पाण्डेय, मलेथू कनक के दिग्विजय सिंह सहित तमाम किसानों ने बरसात को फसलों के लिए फायदेमंद बताया।
देहात इलाकों के कई बाजारों में भरा पानी
फैजाबाद। रानोपाली ग्रामसभा के मजरे पटवारी पुरवा को जाने वाली पक्की सड़क पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण पानी भरा हुआ है। रामपुरभगन बाजार लबालब पानी से भर गया है। जल बहाव के लिए नाला या नाली नही होने से हल्की बारिश में भी बाजार तालाब नजर आता है। बीकापुर में सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुई तेज बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। गर्मी व उमस से परेशान लोगों को राहत मिली है। वहीं बरसात से तहसील परिसर, सीएचसी परिसर, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर, रजिस्ट्री कार्यालय परिसर तथा कई परिषदीय स्कूलों के परिसर में जलभराव हो गया है। मिल्कीपुर क्षेत्र में आंधी व बारिश के कारण बिजली व्यवस्था चरमरा गई है, उपभोक्ताओं ाके अंधेरे में रहना पड़ रहा है। लाइनमैन ने बताया कि विभाग के पास इन्सुलेटर, डिस्क, व तार उपलब्ध नहीं हैं इस कारण लाईन ठीक करने में दिक्कतें आ रहीं हैं।
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शहर में कई सरकारी दफ्तरों के परिसर हुए लबालब
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। जिलेभर में रात से शुरू हुई बूंदाबांदी मंगलवार सुबह झमाझम बारिश में बदल गई। बरसात ने भीषण गर्मी से लोगों को राहत देने के साथ ही किसानों की भी चिंता दूर कर दी। सुबह हर तरफ पानी ही पानी नजर आया। सूखे पड़े खेत, गड्ढों और पोखरों (तालाब) में बरसाती पानी दिखा। हालांकि शहर में जलनिकासी ठप होने से कई सरकारी दफ्तरों के परिसर, मुख्य मार्गों समेत कई कॉलोनियों में प्रवेश के रास्तों और गलियों में पानी भर गया। एनडी विवि के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह इस वर्ष की सबसे तेज बरसात है। दक्षिणी-पूर्वी मानसून से हुई यह वर्षा 60 मिमी दर्ज हुई है।
बारिश से महिला अस्पताल, रिकाबगंज मार्ग, पुष्पराज मार्ग, सदर तहसील गेट, बीएसए कार्यालय, रेलवे स्टेशन चौराहा, रोडवेज परिसर, नगर निगम कार्यालय व पार्क, सिंचाई व पीडब्ल्यूडी परिसर समेत राजकीय इंटर कॉलेज और गुलाबबाड़ी मैदान पानी से भर गये। नाला संकरा होने से पुलिस लाइन-रेलवे स्टेशन मार्ग के किनारे सड़क तक पानी भर गया। कंधारी बाजार, कंघी गली, सहादतगंज, खवासपुरा, कोतवाली के पीछे, ऋषि टोला, लालडिग्गी, खीर वाली गली, लालबाग, कुम्हारन टोला, बुद्धनगर जनौरा, मेवाती पुरा, जलावनपुरा, आर्य कन्या गली में कुछ देर तक पानी भरा रहा। जगह-जगह नाले चोक होने से लोग नाराज होकर नगर निगम प्रशासन को कोसते दिखे। एनडी विवि के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ तिवारी के अनुसार बारिश फैजाबाद में 60 मिलीमीटर, अमानीगंज में 52 मिमी, बीकापुर-शाहगंज में 59 मिमी, सोहावल में 60.2 मिमी रिकार्ड की गई है, हालांकि विवि परिसर कुमारगंज में सबसे कम बारिश 7.3 मिमी ही रिकॉर्ड हुई है। अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री नीचे (28.5) और न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री कम (27.5) दर्ज किया गया है।
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अगले तीन दिनों तक हो सकती बारिश
नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के डॉ. अमरनाथ तिवारी का कहना है कि खुशी की बात है कि जून के पहले सप्ताह में ही अब तक की सबसे ज्यादा बारिश हुई है। यह किसानों और खेती के लिए बहुत ही अच्छा है। हालांकि जमीन खासी प्यासी है। इससे अभी भूजल स्तर पर कोई फर्क पड़ने की कोई संभावना नहीं है। अनुमान जताया कि अगले कई दिनों तक बारिश हो सकती है।
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गन्ना, चरी और सब्जियों को संजीवनी
बरसात से सूख रही गन्ना, चरी, उर्द, मूंग, सहित सब्जियों की फसल को मानो संजीवनी मिल गई है। गन्ना किसान उमरनी पिपरी निवासी कपिलदेव पाठक, शारदा वर्मा, मलेथू कनक निवासी अमरनाथ पाण्डेय, मलेथू कनक के दिग्विजय सिंह सहित तमाम किसानों ने बरसात को फसलों के लिए फायदेमंद बताया।
देहात इलाकों के कई बाजारों में भरा पानी
फैजाबाद। रानोपाली ग्रामसभा के मजरे पटवारी पुरवा को जाने वाली पक्की सड़क पर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण पानी भरा हुआ है। रामपुरभगन बाजार लबालब पानी से भर गया है। जल बहाव के लिए नाला या नाली नही होने से हल्की बारिश में भी बाजार तालाब नजर आता है। बीकापुर में सोमवार रात और मंगलवार सुबह हुई तेज बरसात से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। गर्मी व उमस से परेशान लोगों को राहत मिली है। वहीं बरसात से तहसील परिसर, सीएचसी परिसर, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर, रजिस्ट्री कार्यालय परिसर तथा कई परिषदीय स्कूलों के परिसर में जलभराव हो गया है। मिल्कीपुर क्षेत्र में आंधी व बारिश के कारण बिजली व्यवस्था चरमरा गई है, उपभोक्ताओं ाके अंधेरे में रहना पड़ रहा है। लाइनमैन ने बताया कि विभाग के पास इन्सुलेटर, डिस्क, व तार उपलब्ध नहीं हैं इस कारण लाईन ठीक करने में दिक्कतें आ रहीं हैं।