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घाटों से दूर हुई सरयू, तेजी से सिमट रहा प्रवाह
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घाटों से दूर हुई सरयू, प्रतिदिन 10 सेमी. घट रहा जलस्तर
अयोध्या। जनवरी माह में पावन सलिला सरयू का प्रवाह तेजी से सिमटने लगा है। सरयू के जलस्तर में प्रतिदिन 10 सेमी. की गिरावट दर्ज की जा रही है।
जिसके चलते प्रयाग कुंभ से अयोध्या स्नान-पूजन को आने वाले श्रद्धालुओं को तो दिक्कतें हो रही हैं। सर्वाधिक परेशानी मोक्ष की कामना लिए धर्मनगरी में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को हो रही है।
स्नान घाटों से दूर हुई धारा गोंडा की सीमा में पहुंच गई है। लक्ष्मणघाट से लेकर संततुलसीदास घाट तक सरयू का प्रवाह शिथिल पड़ चुका है। संत तुलसीदास घाट की ओर तो करीब 500 मीटर दूर सरयू की धारा पहुंच चुकी है।
वहीं लक्ष्मणघाट से लेकर आरतीघाट के बीच मुख्य धारा का प्रवाह तेजी से पाटों के बीचों-बीच होता जा रहा है। वर्तमान में प्रयाग कुंभ में स्नानकर अयोध्या स्नान पूजन को आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ हैं।
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घाटों पर सरयू की धारा न मिलने पर उन्हें दूर तक जाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रयागराज में स्नान के बाद अयोध्या में सरयू स्नान का शास्त्रों में विशेष महत्व है। इसी मान्यता के चलते प्रयाग कुंभ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं।
हालांकि लक्ष्मणघाट से नदी की धारा का प्रवाह कुछ हद तक पश्चिम तक तो है लेकिन संततुलसीदास घाट की ओर धारा लगभग 500 मीटर दूर जा चुकी है। धर्मनगरी में प्रतिदिन अंतिम संस्कार के लिए भी लोग आते हैं।
ऐसे में लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। केंद्रीय जल आयोग के संजय कुमार बताते हैं कि सर्दी के मौसम में धारा घाटों से दूर चली जाती है। प्रतिदिन 10 सेमी. जलस्तर घट रहा है।
सरयू के जलस्तर पर एक नजर-
11 जनवरी 88.810 मीटर
12 जनवरी 88.800 मीटर
13 जनवरी 88.790 मीटर
14 जनवरी 88.780 मीटर
15 जनवरी 88.770 मीटर
16 जनवरी 88.770 मीटर
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अयोध्या। जनवरी माह में पावन सलिला सरयू का प्रवाह तेजी से सिमटने लगा है। सरयू के जलस्तर में प्रतिदिन 10 सेमी. की गिरावट दर्ज की जा रही है।
जिसके चलते प्रयाग कुंभ से अयोध्या स्नान-पूजन को आने वाले श्रद्धालुओं को तो दिक्कतें हो रही हैं। सर्वाधिक परेशानी मोक्ष की कामना लिए धर्मनगरी में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को हो रही है।
स्नान घाटों से दूर हुई धारा गोंडा की सीमा में पहुंच गई है। लक्ष्मणघाट से लेकर संततुलसीदास घाट तक सरयू का प्रवाह शिथिल पड़ चुका है। संत तुलसीदास घाट की ओर तो करीब 500 मीटर दूर सरयू की धारा पहुंच चुकी है।
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वहीं लक्ष्मणघाट से लेकर आरतीघाट के बीच मुख्य धारा का प्रवाह तेजी से पाटों के बीचों-बीच होता जा रहा है। वर्तमान में प्रयाग कुंभ में स्नानकर अयोध्या स्नान पूजन को आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ हैं।
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घाटों पर सरयू की धारा न मिलने पर उन्हें दूर तक जाना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रयागराज में स्नान के बाद अयोध्या में सरयू स्नान का शास्त्रों में विशेष महत्व है। इसी मान्यता के चलते प्रयाग कुंभ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं।
हालांकि लक्ष्मणघाट से नदी की धारा का प्रवाह कुछ हद तक पश्चिम तक तो है लेकिन संततुलसीदास घाट की ओर धारा लगभग 500 मीटर दूर जा चुकी है। धर्मनगरी में प्रतिदिन अंतिम संस्कार के लिए भी लोग आते हैं।
ऐसे में लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। केंद्रीय जल आयोग के संजय कुमार बताते हैं कि सर्दी के मौसम में धारा घाटों से दूर चली जाती है। प्रतिदिन 10 सेमी. जलस्तर घट रहा है।
सरयू के जलस्तर पर एक नजर-
11 जनवरी 88.810 मीटर
12 जनवरी 88.800 मीटर
13 जनवरी 88.790 मीटर
14 जनवरी 88.780 मीटर
15 जनवरी 88.770 मीटर
16 जनवरी 88.770 मीटर