{"_id":"5a36a9fd4f1c1bb6678c2801","slug":"101513531901-faizabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में अब भी उपले पर बनता है मिड डे मील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में अब भी उपले पर बनता है मिड डे मील
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:01 PM IST
विज्ञापन
फैजाबाद। सरकारी स्कूलों में मिड डे मील के लिए सरकार ने गैस सिलेंडर की व्यवस्था की है लेकिन जिले के सैकड़ों ऐसे स्कूल हैं जहां अब भी चूल्हा फूंका जा रहा है। इससे उत्पन्न धुआं जहां बच्चों को परेशान कर रहा है वहीं वातावरण में प्रदूषण भी बढ़ा रहा है।
सरकार एक ओर महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए उज्जवला योजना के तहत नि:शुल्क गैस वितरण कर रही है। वहीं जिले के कुल 766 सरकारी स्कूलों में गैस सिलेंडर की खरीदारी नहीं हो सकी है। यहां आज भी चूल्हे पर मिड डे मील बनाया जा रहा है।
विद्यालय में उठने वाले धुएं से पर्यावरण दूषित होने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने को लेकर सख्ती भी बरती जा रही है, लेकिन अभी जिले में इसका असर नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन
जिले में 1539 प्राथमिक विद्यालय व 573 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। विभाग के अनुसार जिले में कुल 2212 स्कूलों के सापेक्ष 1346 गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। जनपद के सभी 573 जूनियर हाईस्कूल व 773 प्राथमिक विद्यालय में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है।
जिन स्कूलों में सिलेंडर है, उनमें से कई स्कूलों में सिलेंडर खाली पड़े हुए हैं तो कई स्कूलों के सिलेंडर जिम्मेदारों के किचन में पहुंच चुके हैं। बता दें कि जूनियर हाईस्कूल हरीपुर जलालाबाद व प्राथमिक विद्यालय हरीपुर जलालाबाद सहित ग्रामीणांचल क्षेत्र के तमाम स्कूलों में यही हाल है।
रसोइया राधिका, सुशीला ने बताया कि लंबे समय से मानदेय नहीं मिला है। इसके बावजूद भी जीविका चलाने के लिए काम कर रहे हैं। इनका कहना है कि प्रधानमंत्री की उज्जवला योजना के तहत घर में सिलेंडर मिल गया, लेकिन स्कूल में चूल्हा फूंकना पड़ रहा है। इससे आंखों को नुकसान हो रहा है, सांस लेने में भी दिक्कत होती है।
जिन स्कूलों में सिलेंडर नहीं है, वहां तीव्रता से कनेक्शन कराने का निर्देश दिया गया है। करीब आठ सौ स्कूलों में कनेक्शन कराने के लिए धन अवमुक्त किया जा रहा है। एक माह के अंदर स्कूलों में गैस चूल्हे पर खाना बनने लगेगा।
-अमिता सिंह, बीएसए फैजाबाद
विज्ञापन
सरकार एक ओर महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए उज्जवला योजना के तहत नि:शुल्क गैस वितरण कर रही है। वहीं जिले के कुल 766 सरकारी स्कूलों में गैस सिलेंडर की खरीदारी नहीं हो सकी है। यहां आज भी चूल्हे पर मिड डे मील बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
विद्यालय में उठने वाले धुएं से पर्यावरण दूषित होने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने को लेकर सख्ती भी बरती जा रही है, लेकिन अभी जिले में इसका असर नहीं दिख रहा है।
विज्ञापन
जिले में 1539 प्राथमिक विद्यालय व 573 जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। विभाग के अनुसार जिले में कुल 2212 स्कूलों के सापेक्ष 1346 गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। जनपद के सभी 573 जूनियर हाईस्कूल व 773 प्राथमिक विद्यालय में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है।
जिन स्कूलों में सिलेंडर है, उनमें से कई स्कूलों में सिलेंडर खाली पड़े हुए हैं तो कई स्कूलों के सिलेंडर जिम्मेदारों के किचन में पहुंच चुके हैं। बता दें कि जूनियर हाईस्कूल हरीपुर जलालाबाद व प्राथमिक विद्यालय हरीपुर जलालाबाद सहित ग्रामीणांचल क्षेत्र के तमाम स्कूलों में यही हाल है।
रसोइया राधिका, सुशीला ने बताया कि लंबे समय से मानदेय नहीं मिला है। इसके बावजूद भी जीविका चलाने के लिए काम कर रहे हैं। इनका कहना है कि प्रधानमंत्री की उज्जवला योजना के तहत घर में सिलेंडर मिल गया, लेकिन स्कूल में चूल्हा फूंकना पड़ रहा है। इससे आंखों को नुकसान हो रहा है, सांस लेने में भी दिक्कत होती है।
जिन स्कूलों में सिलेंडर नहीं है, वहां तीव्रता से कनेक्शन कराने का निर्देश दिया गया है। करीब आठ सौ स्कूलों में कनेक्शन कराने के लिए धन अवमुक्त किया जा रहा है। एक माह के अंदर स्कूलों में गैस चूल्हे पर खाना बनने लगेगा।
-अमिता सिंह, बीएसए फैजाबाद