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मंदिर में नहीं चढ़े फूल ,माली हड़ताल पर
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Wed, 09 Mar 2016 10:50 PM IST
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माली हड़ताल पर।
रुद्रपुर में भगवान भोले नाथ के दरबार में फूलमाला बेचने वालों के हड़ताल के चलते उन पर पांच घंटे फूल मालाएं नहीं चढ़ीं। मामला पौराणिक तीर्थ स्थली दुग्धेश्वरनाथ मंदिर का है। बुधवार को दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पर फूलमाला बेलपत्र आदि पूजन सामग्री की दुकान लगाने वाले मालियों ने दुकान बंद कर पांच घंटे हड़ताल की। इस दौरान उन्होंने मेले के ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की। माली ठेकेदार पर अधिक रकम बसूलने का आरोप लगा रहे थे।
मेले की मालकिन सतासी एस्टेट की उत्तराधिकारी कादंबरी सिंह की पहल पर हड़ताल खत्म हुई। उन्होंने ठेकेदार को दुकानों से निर्धारित शुल्क लेने का कड़ा निर्देश दिया। सुबह पांच बजे दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के सभी माली अपनी दुकान बंद कर मंदिर पर बैठ गए।
यहां फूलमाला बेचने वाले मुन्ना माली, इंद्रदेव, रामनरेश, रामप्रसाद, रामराज, अनिल, बंसत, हरिभजन, उमेश, रामसरन आदि ने बताया कि मेला मालिकिन की ओर से फूलमालाओं की दुकानों से रोज 25 रुपये लेेने का निर्देश दिया गया है। लेकिन मेले का ठेकेदार जबरन मालियों से 50 रुपये की वसूली कर रहा है। मालियों ने ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह पांच बजे से दिन में एक बजे तक चली हड़ताल के दौरान मंदिर पर आने वाले श्रद्घालुओं को शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए फूलमालाएं नहीं मिली।
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फूलमाला बेचने वाले मालियों ने कहा कि वे मंदिर पर पुस्त दर पुस्त फूलमाला बेच कर परिवार पालते हैं। उनकी दुकानदारी श्रद्घालुओं की इच्छा पर चलती है। फूल-बेल पत्र का कोई निर्धारित रेट नहीं है। अचानक शुल्क बढ़ा देने से दिन भर में 100 से 200 रुपये का कारोबार करने वाले माली परेशान हो रहे हैं। हड़ताल की सूचना पर मालियों के बीच पहुंचकर मेला की मालकिन ने उनकी समस्याओं का समाधान किया। कादंबरी सिंह ने कहा कि मालियों की समस्या का समाधान कर दिया गया। ठेकेदार को निर्धारित शुल्क लेने का निर्देश दिया गया है।
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मेले की मालकिन सतासी एस्टेट की उत्तराधिकारी कादंबरी सिंह की पहल पर हड़ताल खत्म हुई। उन्होंने ठेकेदार को दुकानों से निर्धारित शुल्क लेने का कड़ा निर्देश दिया। सुबह पांच बजे दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के सभी माली अपनी दुकान बंद कर मंदिर पर बैठ गए।
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यहां फूलमाला बेचने वाले मुन्ना माली, इंद्रदेव, रामनरेश, रामप्रसाद, रामराज, अनिल, बंसत, हरिभजन, उमेश, रामसरन आदि ने बताया कि मेला मालिकिन की ओर से फूलमालाओं की दुकानों से रोज 25 रुपये लेेने का निर्देश दिया गया है। लेकिन मेले का ठेकेदार जबरन मालियों से 50 रुपये की वसूली कर रहा है। मालियों ने ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह पांच बजे से दिन में एक बजे तक चली हड़ताल के दौरान मंदिर पर आने वाले श्रद्घालुओं को शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए फूलमालाएं नहीं मिली।
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फूलमाला बेचने वाले मालियों ने कहा कि वे मंदिर पर पुस्त दर पुस्त फूलमाला बेच कर परिवार पालते हैं। उनकी दुकानदारी श्रद्घालुओं की इच्छा पर चलती है। फूल-बेल पत्र का कोई निर्धारित रेट नहीं है। अचानक शुल्क बढ़ा देने से दिन भर में 100 से 200 रुपये का कारोबार करने वाले माली परेशान हो रहे हैं। हड़ताल की सूचना पर मालियों के बीच पहुंचकर मेला की मालकिन ने उनकी समस्याओं का समाधान किया। कादंबरी सिंह ने कहा कि मालियों की समस्या का समाधान कर दिया गया। ठेकेदार को निर्धारित शुल्क लेने का निर्देश दिया गया है।