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‘गरीबों’ के कंबल की होगी ‘सरकारी’ जांच
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Sun, 06 Mar 2016 12:47 AM IST
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जांच होगी।
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जाड़ा बीत गया और शासन की ओर से कंबल भी गरीबों में बंट गए। लेकिन प्रदेश सरकार कंबलों के गुणवत्ता की जांच अब कराएगी। शासन ने देवरिया समेत सूूबे के सभी जिलाधिकारियों को इसके लिए आदेश दिया है। खास बात यह कि कंबलों के गुणवत्ता की जांच 15 दिन के भीतर करनी होगी। देवरिया में इस बार 13678 कंबल खरीदे गए थे। अब सवाल उठता है कि जब कंबल बंट गए तो गुणवत्ता की जांच कैसे होगी।
सूबे में हर साल ठंड से सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार हर साल बेसहारा, निराश्रित लोगों में कंबल बांटकर ठंड से बचाव की कोशिश करती है। इस साल भी करोड़ों रुपये के कंबल खरीदकर गरीबों में बांटे गए। कंबलों की खराब गुणवत्ता को लेकर हरियाणा प्रांत के पानीपत निवासी सतीश जैन ने शासन में शिकायत की।
उनका आरोप है कि राहत आपदा के लिए जो सोढ़ी कंबल की आपूर्ति की जा रही है। वह मानक पर खरा नहीं उतर रहा है। अधिकारी को दिखाने के लिए दो से चार कंबल गांठ अलग से बंधवा दी जाती है। राहत के नाम पर बाकी सब कचरा माल बांट दिया जाता है। उनकी शिकायत को शासन ने गंभीरता से लिया है।
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सूबे में हर साल ठंड से सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार हर साल बेसहारा, निराश्रित लोगों में कंबल बांटकर ठंड से बचाव की कोशिश करती है। इस साल भी करोड़ों रुपये के कंबल खरीदकर गरीबों में बांटे गए। कंबलों की खराब गुणवत्ता को लेकर हरियाणा प्रांत के पानीपत निवासी सतीश जैन ने शासन में शिकायत की।
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उनका आरोप है कि राहत आपदा के लिए जो सोढ़ी कंबल की आपूर्ति की जा रही है। वह मानक पर खरा नहीं उतर रहा है। अधिकारी को दिखाने के लिए दो से चार कंबल गांठ अलग से बंधवा दी जाती है। राहत के नाम पर बाकी सब कचरा माल बांट दिया जाता है। उनकी शिकायत को शासन ने गंभीरता से लिया है।
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