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एक घंटे तक चली थी मुनिया के साथ दरिंदगी
शुजात आलम
Updated Wed, 24 Apr 2013 01:29 AM IST
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दिल्ली के गांधी नगर मुनिया के साथ दरिंदगी 45 मिनट से एक घंटे के बीच चली थी। आरोपी प्रदीप ने पूछताछ में पुलिस के सामने यह खुलासा किया है।
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वारदात के बाद दोनों आरोपी ताला लगाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ कर दरिंदगी की तथ्य जुटाने की कोशिश की जा रही है।
छानबीन के बाद पुलिस ने मनोज और प्रदीप के खून से सने कपड़े और अंडरगारमेंट भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर अन्य तथ्यों को जुटाने का प्रयास करेगी।
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मामने की छानबीन कर एक पुलिस ने अधिकारी ने बताया कि मनोज के कमरे से पुलिस को ब्लू फिल्म की दो डीवीडी भी बरामद हुई हैं। उसके कमरे पर टीवी मौजूद था।
वह अक्सर किराए का डीवीडी प्लेयर लाकर ब्लू फिल्म देखा करता था। पुलिस ने अलग-अलग पॉलीथीन में बंधे मनोज और प्रदीप के पेंट, शॉर्ट और अंडरवियर भी बरामद किए हैं।
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पूछताछ के दौरान यह भी पुलिस को पता चला कि मनोज की पत्नी मुनिया को अच्छी तरह जानती थी। वारदात से कुछ ही दिनों पूर्व मनोज इस कमरे में आया था।
उस समय शिफटिंग की वजह से उसकी पत्नी भी कमरे रहने आई थी। उसी दौरान कई बार मुनिया उसकी पत्नी के पास आई। वहीं से मनोज ने मुनिया से पहचान की थी। तभी से वह उसे चाचा कहकर पुकारती थी।
मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वारदात के बाद मनोज को पूरा यकीन था कि वह पकड़ा नहीं जाएगा।
पुलिस के मुताबिक गांधी नगर के एक मामले के अलावा बिहार में झगड़े के बाद भी वह जेल रहकर आया था। वहां उसे पता चला था कि वह पकड़ा जाएगा तो सिर्फ मोबाइल से पकड़ा जाएगा। इसलिए वारदात के बाद उसने सबसे पहले अपना मोबाइल ही बंद किया था।
मनोज को पता था कि उसका नया मकान मालिक भी उसे ज्यादा नहीं जानता है। मनोज तक पहुंचने के लिए पुलिस ने मनोज के पूर्व फैक्टरी मालिक से पूछताछ की। वहीं से उसका मोबाइल नंबर मिला था। जिसके बाद मोबाइल कॉल डिटेल के बाद पुलिस उस तक पहुंची।