यहां डकैत तय कर रहे हैं, कौन किसको देगा वोट!
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पाठा क्षेत्र में अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान के लिए डकैतों द्वारा की जा रही मारपीट के बाद ग्रामीणों ने भी चोला बदल लिया है। खेत खलिहानों में दस्यु दलों के पसंदीदा प्रत्याशी का झंडा लगाकर कटाई, मड़ाई की जा रही है। पाठा के जंगलों में किसी की जुर्रत नहीं कि डकैतों के मरजी के खिलाफ जबान खोल सकें।
दस्युओं खासकर बलखड़िया गिरोह ने हाल ही में पाठा के कई गांवों में धावा बोलकर ग्रामीणों को बेरहमी से पीटा। मारकुंडी थाना क्षेत्र के जारौमाफी गांव में ग्राम प्रधान के हाथ पत्थरों से कुचल दिए। वह इलाहाबाद के अस्पताल में भर्ती है।
इसी गांव के पुलिस चौकीदार को भी नहीं बख्शा। और भी कई गांवों के ग्रामीणों की जमकर धुनाई कर घायल कर दिया।
बीहड़ के आकाओं का फरमान
डकैतों का इस बर्बरता का मकसद सिर्फ एक था कि ये लोग उनकी मंशा के मुताबिक मतदान करें। ‘मरता क्या न करता’। किसान और ग्रामीणों ने दस्युओं को इशारे पर अमल करना शुरू कर दिया है। डकैतों के कहर से बचने के लिए बीहड़ क्षेत्र के खेत खलिहानों में किसानों और मजदूरों ने दस्युओं के पसंदीदा प्रत्याशी का झंडा लगा लिया है।
साथ ही प्रत्याशी के राजनीतिक दल वाले झंडे के रंग की साफियां गले में डाल ली हैं। यह चोला धारण करने के बाद पाठा के खेत खलिहानों में खेती किसानी का काम चल रहा है। यह किसानों की मजबूरी हो या चालाकी। कुछ किसानों ने दबी सहमी आवाज में बताया कि खेत खलिहानों में झंडा लगाने का हुक्म बीहड़ के आकाओं ने दिया है।
बीहड़ वालों का कहना है कि झंडा लहराओ, बटन दबाओ, हमसे निजात पाओ। उधर, पुलिस का कहना है कि लगातार कांबिंग की जा रही है। मतदान के लिए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम रहेंगे। कोई दस्यु दल फटक नहीं आएगा। ग्रामीण बेखौफ होकर मतदान करेगा। डीआईजी अमिताभ यश भी पाठा क्षेत्र का भ्रमण कर चुके हैं।