बदायूं गैंगरेप 'दबाने' के लिए 'खास' दरोगा की तैनाती!
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कटरा सआदतगंज के गैंगरेप और दोहरे हत्याकांड में कुछ तो छिपाने की कोशिश हो रही है। उसहैत के थानेदार रहे गंगा सिंह यादव की नई तैनाती सदर कोतवाली में होने के बाद ये सवाल यों ही नहीं उठ रहे हैं। वजह साफ है कि इस चर्चित प्रकरण की जांच सदर कोतवाली से हो रही है।
पीड़ित परिवार इस विवादित दरोगा पर लगातार आरोप लगाते रहे हैं। प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में भी गंगा सिंह यादव की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। बावजूद इसके इस दरोगा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होने के बजाय उन्हें उसहैत से हटाकर शहर कोतवाली भेज दिया गया।
सवाल यह कि जहां से जांच होगी, आखिर गंगा सिंह को वहां क्यों भेजा गया है? बता दें कि मामले की जांच शहर कोतवाली वीरपाल सिंह सिरोही कर रहे हैं। घटना के बाद आरोपी दो पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा चौकी इंचार्ज का निलंबन हुआ और बाकी के स्टाफ को यहां से हटा दिया गया। दूसरी ओर सत्तापक्ष के करीबी गंगा सिंह यादव पूरे मामले में कार्रवाई से बचे रहे हैं।
पीड़ित पक्ष और गवाहों को मिलेंगे शस्त्र लाइसेंस
घटना के बाद पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन काफी गंभीर है। कमिश्नर के सामने पीड़ित पक्ष और गवाह ने भी पुलिस के जाने के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। गवाहों और पीड़ित पक्ष के कुछ लोगों ने कमिश्नर से शस्त्र लाइसेंस की मांग की।
तब कमिश्नर ने बताया कि नए डीएम कल चार्ज ले लेंगे। आप लोगों के लाइसेंस के बारे में उन्हें बता दिया जाएगा। दस से पंद्रह दिन के अंदर आपको शस्त्र लाइसेंस दिला दिए जाएंगे। हालांकि कमिश्नर यह पूछना न भूले कि आप लोगों पर कोई केस तो नहीं चल रहा।
कटरा सआदतगंज में दो किशोरियों की रेप के बाद फांसी लगाकर हत्या कर देने की घटना के बाद जब नेताओं और अफसरों का आना शुरू हुआ तो साफ-सफाई के इंतजाम भी पुख्ता हो गए। गांव के लोग बताते हैं कि घटना होने से करीब एक महीने पहले से गांव में एक भी सफाई कर्मचारी नहीं आ रहा था लेकिन अब रोज 15 से 20 सफाई कर्मचारी पहुंच रहे हैं। नतीजा यह कि महीनों कीचड़ से बजबजाने वाली गांव की नालियां इन दिनों साफ-सुथरी दिख रही हैं।