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यूपीः सिपाही की पत्नी ने एडीजी कार्यालय में खाया जहर, सामने आई ये वजह
Wed, 30 Oct 2019 07:53 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 30 Oct 2019 07:53 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी एडीजी जोन कार्यालय के प्रतीक्षालय में बुधवार को एक हेड कांस्टेबल की पत्नी ने जहर निगल लिया। उसकी हालत बिगड़ी तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आननफानन उसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
चिकित्सकों के अनुसार, महिला ने सब्जियों में डाले जाने वाले कीटनाशक का सेवन किया है। बलिया जिले के नरहीं थाना के पलिया खास उर्फ बड़का खेत गांव की कमला देवी अपने छोटे बेटे श्यामजी के साथ एडीजी जोन बृज भूषण के कार्यालय आई थीं।
श्यामजी के अनुसार, उसके पापा भरत प्रसाद यादव भदोही की पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं और गुरुवार को सेवानिवृत्त होंगे। पापा 15 साल से घर नहीं आए और हम लोगों से कोई मतलब नहीं रखते हैं। 2014 में बाबा की मौत हुई तब भी पापा घर नहीं आए।
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मां को शंका है कि पापा किसी दूसरी महिला के साथ रहते हैं। हम दोनों भाई बेरोजगार हैं और हमारा कोई सहारा नहीं है। पापा के पेंशन सहित अन्य कागजात मम्मी की फोटो और हस्ताक्षर के बगैर कैसे बन गए, यह समझ में नहीं आ रहा है।
इस संबंध में उच्चाधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मां एक बार फिर एडीजी जोन से गुहार लगाने आई थी, उनसे मुलाकात न हो पाने पर गुस्से में उन्होंने जहरीला पदार्थ निगल लिया।
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चिकित्सकों के अनुसार, महिला ने सब्जियों में डाले जाने वाले कीटनाशक का सेवन किया है। बलिया जिले के नरहीं थाना के पलिया खास उर्फ बड़का खेत गांव की कमला देवी अपने छोटे बेटे श्यामजी के साथ एडीजी जोन बृज भूषण के कार्यालय आई थीं।
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श्यामजी के अनुसार, उसके पापा भरत प्रसाद यादव भदोही की पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं और गुरुवार को सेवानिवृत्त होंगे। पापा 15 साल से घर नहीं आए और हम लोगों से कोई मतलब नहीं रखते हैं। 2014 में बाबा की मौत हुई तब भी पापा घर नहीं आए।
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मां को शंका है कि पापा किसी दूसरी महिला के साथ रहते हैं। हम दोनों भाई बेरोजगार हैं और हमारा कोई सहारा नहीं है। पापा के पेंशन सहित अन्य कागजात मम्मी की फोटो और हस्ताक्षर के बगैर कैसे बन गए, यह समझ में नहीं आ रहा है।
इस संबंध में उच्चाधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मां एक बार फिर एडीजी जोन से गुहार लगाने आई थी, उनसे मुलाकात न हो पाने पर गुस्से में उन्होंने जहरीला पदार्थ निगल लिया।
अदालत में लंबित है मामला
एडीजी जोन बृज भूषण के अनुसार, महिला और उनके पति का पारिवारिक विवाद 28 वर्ष से चल रहा है। अपर मुंसिफ मजिस्ट्रेट बलिया द्वारा पांच अगस्त 1991 को पारित आदेश के अनुसार महिला को 900 रुपये गुजारा भत्ता उनके पति के वेतन से मिलता है।
गुजारा भत्ता बढ़ाने के लिए महिला ने बलिया की अदालत में मुकदमा दाखिल किया है। महिला ने कुछ दिन पहले कहा कि पति की सेवानिवृत्ति के बाद सभी फंड का पैसा और पेंशन उन्हें मिले, इस संबंध में एसपी भदोही को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
साथ ही महिला को समझाया गया था कि उचित कार्रवाई के लिए वह अदालत की शरण में जाए। महिला कार्यालय आईं और बगैर किसी से मुलाकात के प्रतीक्षालय में कोई ऐसी चीज खा ली, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल भेजा गया है। डॉक्टरों ने महिला की हालत सामान्य बताई है।
गुजारा भत्ता बढ़ाने के लिए महिला ने बलिया की अदालत में मुकदमा दाखिल किया है। महिला ने कुछ दिन पहले कहा कि पति की सेवानिवृत्ति के बाद सभी फंड का पैसा और पेंशन उन्हें मिले, इस संबंध में एसपी भदोही को नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।
साथ ही महिला को समझाया गया था कि उचित कार्रवाई के लिए वह अदालत की शरण में जाए। महिला कार्यालय आईं और बगैर किसी से मुलाकात के प्रतीक्षालय में कोई ऐसी चीज खा ली, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल भेजा गया है। डॉक्टरों ने महिला की हालत सामान्य बताई है।