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कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची में मुस्लिमों का दबदबा
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2013 12:58 AM IST
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समाजवादी पार्टी के बाद कांग्रेस भी अब मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने में जुट गई है। यही वजह है कि प्रदेश कांग्रेस ने जिला और शहर अध्यक्षों की सूची जारी की है।
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उसमें 31 में सबसे ज्यादा 13 मुस्लिम अध्यक्ष बनाए गए हैं।
यही नहीं जोनल प्रणाली में हुए बदलाव में भी मुस्लिमों को तहजीह दी गई है।
जोनल प्रणाली में युवाओं को भी प्राथमिकता पर शामिल किया गया है। पहली बार सूची में पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति को जगह दी गई है।
प्रदेश कांग्रेस ने जिला और शहर अध्यक्षों की बहुप्रतीक्षित सूची सोमवार को जारी करनी शुरू कर दी। पहले चरण में 31 जिलों की सूची जारी की गई है।
इसमें मुस्लिम मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए सबसे ज्यादा संख्या मुस्लिम अध्यक्षों की रखी गई है।
इसके बाद सूची में पिछड़ा वर्ग केपांच अध्यक्ष रखे गए हैं। अनुसूचित जाति के तीन अध्यक्षों की जिला और शहर अध्यक्षों की सूची में जगह दी गई है।
तीन कायस्थों को सूची में शामिल किया गया है तो दो वैश्यों की भी जिला और शहर अध्यक्ष बनाया गया है।
वैश्यों के बाद सबसे कम संख्या क्षत्रियों की रखी गई है। जोनल प्रणाली में हुए बदलाव में भी मुस्लिमों को प्राथमिकता दी गई है।
रायबरेली के विधायक डा.मुस्लिम को जोन आठ का प्रभारी बनाया गया है तो जोन दो में कोआर्डिनेटर के रूप में विधायक दिलनवाज को जगह दी गई है।
वहीं जोन चार में असलम राइनी को रखा गया है। जोनल प्रणाली में युवाओं को खास तहजीह दी गई है।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने खासतौर पर जोनल प्रणाली को बदलने केलिए कहा था और इसमें युवाओं को शामिल करने को कहा था।
कांग्रेस के प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी कहते हैं कि यह सूची पूरी तरह से संतुलित करके जारी की गई है। सभी को इसमें स्थान दिया गया है।
वहीं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव सुनील वर्मा कहते हैं कि इस सूची में तीन जिलों में कायस्थों को प्राथमिकता देकर कांग्रेस ने साबित किया है कि यहां हर वर्ग-जाति के लिए जगह है।
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वहीं कांग्रेस प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल कहते हैं कि इस सूची में जिन अध्यक्षों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं थी, उन्हें नहीं हटाया गया। यानी अनुशासित सिपाहियों को पूरी प्राथमिकता दी गई है।
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युवक कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता मुकेश सिंह चौहान कहते हैं कि पहली बार सूची में अधिकांश ऐसे चेहरे शामिल किए गए हैं, जो युवा हैं और कुछ युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। इससे कांग्रेस के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ेगा।