{"_id":"56ddd2dc4f1c1b0a268b4578","slug":"exibhition","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीतापुर में 43 वें राष्ट्रीय रामायण मेला का शुभारंभ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीतापुर में 43 वें राष्ट्रीय रामायण मेला का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो/ चित्रकूट
Updated Tue, 08 Mar 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
सीतापुर में राष्ट्रीय रामायण मेले का शुभारंभ करते केंद्रीय मंत्री डा. महेश शर्मा और साध्वी निरंजन ज्योति।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। आध्यात्मिक नगरी चित्रकूट में 43 वें राष्ट्रीय रामायण मेले का शुभारंभ परंपरागत और वैदिक पद्धति से हुआ। इस अवसर पर दो केंद्रीय मंत्रियों व विद्वतजनों की उपस्थिति में दुनिया को रामायण से लोकतंत्र में दायित्व व भाईचारे को बढ़ावा देने वाली भावना से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।
धर्मनगरी के सीतापुर स्थित डा. राममनोहर लोहिया प्रेक्षागृह में 43 वें राष्ट्रीय रामायण मेला का सोमवार को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डा. महेश शर्मा और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री (दोनों स्वंत्रत प्रभार) साध्वी निरंजन ज्योति ने शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्री डा. शर्मा ने कहा भारत जमीन का टुकड़ा मात्र नहीं है।
यह जीवंत सांस्कृतिक संवाहक देश है। आज दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों से प्रभावित है। जो देश पहले भारतीयों को वीजा देने में आनाकानी करते थे वह सब आज पलक बिछाए हैं। धर्मनगरी में रामायण महोत्सव का विशेष महत्व है। उन्होने कहा डा. लोहिया ने भगवान राम के आदर्शों को भली-भांति समझा, तभी यहां रामायण मेले के आयोजन की शुरूआत कराई। कहा पर्यटन के क्षेत्र में पूरी दुनिया से भारत जल्द मुकाबला करेगा।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री साध्वी ने अपने संबोधन में कहा रामायण लोकतंत्र चलाने का तौरतरीका समझाती है। रामायण राज करने और प्रजा के हित में काम करने के अलावा घर के मुखिया और भाई का दायित्व निभाने का संदेश देती है। केंद्रीय मंत्र ने कहा आज देश तोड़ने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। शिक्षा के क्षेत्र में हो रही राजनीति का जवाब जनता देगी।
इसके पूर्व दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने मंच पर उपस्थित साधु- संतों का स्वागत किया। समारोह में पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस, सांसद भैरों प्रसाद मिश्र, रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश करवरिया, चंद्रिका प्रसाद दीक्षित, नगर पालिका अध्यक्ष नीलम करवरिया, अशोक जाटव, पंकज अग्रवाल, देव त्रिपाठी, शिवशंकर सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय व आनंद सिंह पटेल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
धर्मनगरी के सीतापुर स्थित डा. राममनोहर लोहिया प्रेक्षागृह में 43 वें राष्ट्रीय रामायण मेला का सोमवार को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री डा. महेश शर्मा और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री (दोनों स्वंत्रत प्रभार) साध्वी निरंजन ज्योति ने शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्री डा. शर्मा ने कहा भारत जमीन का टुकड़ा मात्र नहीं है।
विज्ञापन
यह जीवंत सांस्कृतिक संवाहक देश है। आज दुनिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों से प्रभावित है। जो देश पहले भारतीयों को वीजा देने में आनाकानी करते थे वह सब आज पलक बिछाए हैं। धर्मनगरी में रामायण महोत्सव का विशेष महत्व है। उन्होने कहा डा. लोहिया ने भगवान राम के आदर्शों को भली-भांति समझा, तभी यहां रामायण मेले के आयोजन की शुरूआत कराई। कहा पर्यटन के क्षेत्र में पूरी दुनिया से भारत जल्द मुकाबला करेगा।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री साध्वी ने अपने संबोधन में कहा रामायण लोकतंत्र चलाने का तौरतरीका समझाती है। रामायण राज करने और प्रजा के हित में काम करने के अलावा घर के मुखिया और भाई का दायित्व निभाने का संदेश देती है। केंद्रीय मंत्र ने कहा आज देश तोड़ने वालों से सावधान रहने की जरूरत है। शिक्षा के क्षेत्र में हो रही राजनीति का जवाब जनता देगी।
इसके पूर्व दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने मंच पर उपस्थित साधु- संतों का स्वागत किया। समारोह में पूर्व मंत्री जमुना प्रसाद बोस, सांसद भैरों प्रसाद मिश्र, रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश करवरिया, चंद्रिका प्रसाद दीक्षित, नगर पालिका अध्यक्ष नीलम करवरिया, अशोक जाटव, पंकज अग्रवाल, देव त्रिपाठी, शिवशंकर सिंह, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय व आनंद सिंह पटेल आदि मौजूद रहे।