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राजा भैया पर गिरफ्तारी की 'तलवार'
नई दिल्ली/लखनऊ/ब्यूरो
Updated Fri, 08 Mar 2013 01:19 AM IST
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सीबीआई ने कुंडा के सीओ जियाउल हक हत्याकांड में चार एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच पूरी तरह अपने हाथों में ले ली है।
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एजेंसी के लखनऊ केंद्र में बृहस्पतिवार को दर्ज इन एफआईआर में उत्तर प्रदेश के पूर्व जेल और खाद्य आपूर्ति मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पर हत्या का मामला दर्ज किया गया।
उनका नाम सीओ की पत्नी की शिकायत पर दर्ज चौथी एफआईआर में है। इसके बाद उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। सीबीआई ने उत्तर प्रदेश पुलिस की दर्ज प्राथमिकी को ही अपनी एफआईआर (रेगुलर केस) का आधार बनाया है। इन एफआईआर में राजा भैया सहित 18 लोगों को नामजद किया गया है।
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राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आग्रह पर डीओपीटी ने इस जांच की अधिसूचना बृहस्पतिवार सुबह सीबीआई को भेज दी। इसके साथ ही मुकदमा दर्ज करने की औपचारिकता पूरी कर ली गई। सीबीआई ने दिल्ली मुख्यालय से अपने दस चुनिंदा अधिकारियों की टीम को लखनऊ रवाना किया है।
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इस टीम का नेतृत्व सीबीआई के डीआईजी अनुराग को सौंपा गया है। उधर लखनऊ शाखा की एक टीम ने कुंडा में घटनास्थल का दौरा किया। टीम ने घटना के बारे में स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अलावा कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि जरूरत पड़ी तो जांच टीम सीओ के शव का पोस्टमार्टम दुबारा करा सकती है।
चूंकि सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने अपने पति की हत्या के लिए राजा भैया को षड्यंत्र का आरोपी ठहराया है और मारे गए प्रधान नन्हें व उसके भाई सुरेश के साथ ही हत्या के आरोपी गुड्डू व राजीव आदि सभी राजा भैया के संपर्क में रहे हैं, लिहाजा राजा भैया से इस मामले में पूछताछ होना तो तय है।
सीबीआई राजा भैया से पूछताछ करने से पहले कुछ बयान और तथ्य हासिल करेगी। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा मामले में गिरफ्तार लोगों को रिमांड पर हासिल कर उनसे पूछताछ करेगी। इसके अलावा मौके से पीठ दिखा कर भागने वाले पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी।
इस मामले में सीबीआई ने पहली एफआईआर ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या को लेकर दर्ज की है। दूसरी एफआईआर सीओ की हत्या के मामले में राज्य पुलिस की शिकायत पर दर्ज की गई। जबकि तीसरी एफआईआर नन्हें के भाई सुरेश यादव की हत्या की है।
चौथी एफआईआर में नामजद राजा भैया पर हत्या, हत्या की साजिश जैसी धाराओं के साथ भीड़ को भड़काने संबंधी धाराएं भी लगाई गई हैं। मालूम हो कि यूपी पुलिस ने राजा भैया पर आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया था। सूत्रों ने बताया कि चौथी एफआईआर राजा भैया के चलते राजनीतिक लिहाज से भले संवेदनशील हो लेकिन जांच के लिहाज से सबसे पेचीदा दूसरी एफआईआर होगी। यह सीओ की मौत से संबंधित है।
अब सीबीआई ही तय करेगी कि उसे किसे गिरफ्तार करना है? राज्य सरकार की इसमें सबसे ज्यादा रुचि है कि इस घृणित मामले की सच्चाई जल्द से जल्द सामने आए। राज्य सरकार की तरफ से पूरी सहायता दी जाएगी। ऐसी घटनाओं पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री