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'पैर फंसने से भाग नहीं सके थे जिया उल हक'

Sat, 08 Jun 2013 11:05 AM IST
लखनऊ/ब्यूरो
लखनऊ/ब्यूरो Updated Sat, 08 Jun 2013 11:05 AM IST
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cbi chargesheet in kunda case

तीन माह पहले कुंडा में हुई क्षेत्राधिकारी जिया उल हक की सनसनीखेज हत्या के मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल की। सीबीआई की चार्जशीट से जाहिर होता है कि वारदात के दिन कुंडा में हालात बहुत ही खराब थे। पुलिस भीड़ को संभाल पाने में नाकामयाब रही।

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पुलिस आगे-पीछे भागती रही पर भीड़ मनमानी पर उतारू रही। इस भीड़ ने ही सीओ जियाउल हक को घेर लिया और पिटाई करने लगे। सीओ ने भागने की कोशिश की लेकिन पैर फंसने के कारण वे भाग न सके और उन्हें गोली मार दी गई।
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चार्जशीट में सीबीआई ने कहा है कि अरसे से चली आ रही रंजिश में दो मार्च 2013 की शाम करीब सात बजे ग्राम प्रधान नन्हे यादव की कामता पाल के बेटे अजय पाल व विजय पाल द्वारा गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
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सीबीआई के अनुसार जिस समय नन्हे को कुंडा अस्पताल ले जाया गया था, उसका एक अन्य भाई सुरेश यादव अपने बेटे रघुवेंद्र उर्फ डब्लू और भतीजे योगेंद्र उर्फ बबलू की साथ घटनास्थल बलीपुर चौराहा पर पहुंचे।

इनके साथ गांव के मंजीत यादव, घनश्याम सरोज, रामलखन गौतम, सुरेश यादव, नान्हूं राम गौतम, रामसूरत, राम आसरे आदि भी मौजूद थे।

सुरेश यादव इन लोगों को लेकर कामता पाल के घर की ओर गया और कामता के घर को आग लगा दी। बकौल सीबीआई तफ्तीश में सामने आया कि सुरेश व नन्हे के परिवार के सदस्य नन्हे की हत्या के लिए कामता के समर्थक गुड्डू सिंह को दोषी ठहरा रहे थे।

आक्रोशित लोग कामता पाल के घर को पहले ही जला चुके थे और अब गुड्डू के घर को भी आग के हवाले करने का फैसला कर लिया था।

मामले की जानकारी मिलते ही हथिगवां के थानाध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला, इंस्पेक्टर सर्वेश कुमार मिश्र बलीपुर गांव पहुंच गए थे।

इसके बाद सीओ जिया उल हक व एसओ फोर्स के साथ गांव पहुंचे। यहां सुरेश आदि ने पुलिसकर्मियों को वापस जाने को कहा और धमकी दी कि अगर पुलिस उन्हें गुड्डू सिंह के घर को आग के हवाले करने अथवा नन्हे की मौत का बदला लेने से रोकती है तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे।

कुछ देर की कहासुनी के बाद सुरेश व उसके समर्थकों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया।

पैर फंसने से भाग नहीं सके थे सीओ

गिनती के चार पुलिस अधिकारी-कर्मचारी उग्र भीड़ को देखकर भागने लगे। भीड़ ने पुलिसकर्मियों का पीछा किया और सुरेश व उसके कुछ साथियों ने सीओ जियाउल हक को घेर लिया और पिटाई करने लगे।

सुरेश अपनी दोनाली बंदूक से और बाकी के लोग लाठी-डंडे आदि से सीओ पर वार कर रहे थे। सीओ के साथ हुई छीनाझपटी में सुरेश की बंदूक से गोली चल गई जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। इस बीच सीओ ने मौके से भागने की कोशिश की पर पैर फंस जाने की वजह से वह अर्जुन पटेल के घर के सामने गिर पड़े।

इसी का फायदा उठाते हुए नन्हे के बेटे योगेंद्र उर्फ बबलू ने .315 बोर की रायफल निकाली और उससे सीओ को गोली मार दी।

सीओ की हत्या करने वालों में एक बच्चा भी
सीबीआई का कहना है कि प्रतापगढ़ के कुंडा में सीओ जियाउल हक की हत्या करने वालों में एक बच्चा भी शामिल था।

सीबीआई ने इस बच्चे का नाम शुक्रवार को विशेष सीबीआई कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में शामिल किया है, वहीं किशोर न्याय (जेजे) बोर्ड लखनऊ में प्रार्थना पत्र देकर कानूनी कार्यवाही शुरू करने की मांग की है।

बोर्ड में दाखिल प्रार्थना पत्र में सीबीआई ने बताया है कि आरोपी माधवेंद्र (नाम परिवर्तित) सीओ पर हमला करने और उसकी हत्या करने में शामिल था।

उसके खिलाफ आईपीसी की धाराओं 147, 148, 149, 302, 322, 332 और 506 सहित आर्म्स एक्ट भी लगाया गया है। ऐसे में बोर्ड से निवेदन किया गया है कि वह माधवेंद्र के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करे।

बोर्ड सदस्यों दिनेश पांडेय व डॉ. रश्मि रस्तोगी ने फिलहाल प्रार्थना पत्र ले लिया है। कार्यवाही के लिए प्रक्रिया कब से शुरू होगी, इसकी सूचना नहीं दी गई है।

नहीं हुई गिरफ्तारी

सीबीआई के अनुसार, स्कूली दस्तावेजों की जांच में माधवेंद्र नाबालिग पाया गया है। वह इसी मामले के दूसरे आरोपी योगेंद्र सिंह यादव उर्फ बबलू से छह महीने छोटा बताया जा है।

हालांकि कानूनविदों के अनुसार जेजे बोर्ड में ही माधवेंद्र को बालिग या नाबालिग घोषित किया जा सकता है। सीबीआई के दावे की जांच के बाद ही मामला आगे बढ़ेगा।

दूसरी ओर सीबीआई के लिए माधवेंद्र को जेजे बोर्ड में खड़ा करना नया सिरदर्द हो सकता है। सीबीआई अब तक माधवेंद्र को पकड़ नहीं पाई है, ऐसे में उसे पेश करना नई चुनौती होगी।


'आखिरी दम तक लड़ूंगी'
सीओ जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद ने फिलहाल सीबीआई की कार्यवाही पर किसी तरह की टिप्पणी करने से मना कर दिया है।

उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है लेकिन अभी मामला समाप्त नहीं हुआ है।

परवीन ने कहा कि सीबीआई ने अभी पहली चार्जशीट लगाई है। साथ ही पूर्व मंत्री के पॉलीग्राफी टेस्ट के लिए भी आवेदन किया हुआ है।

उन्होंने कहा कि उनके अधिवक्ता मामले पर नजर रख रहे हैं और वह तभी कुछ कहेंगी जब सीबीआई अपनी जांच पूरी कर चुकी होगी।

उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके पति के कत्ल में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल सभी आरोपियों को उचित दंड दिलाने के सीबीआई निष्पक्ष कार्य करेगी। परवीन ने कहा कि वे दोषियों को सजा दिलाने के लिए अंतिम दम तक लड़ेंगी।

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