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एक ही खाते में तीन बार तक पहुंचा वजीफा
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:10 AM IST
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समाज कल्याण विभाग की लापरवाही के कारण जिले के कई स्टूडेंट्स को एक से तीन बार तक छात्रवृत्ति मिल गई। ऑडिट में जब इस बात का खुलासा हुआ तो शासन में खलबली मच गई। समाज कल्याण विभाग ने उन जिलों के अधिकारियों को पत्र लिखकर संबंधित स्टूडेंट्स से ज्यादा पहुंची छात्रवृत्ति की रिकवरी करने के आदेश जारी कर दिए। बदायूं जिले में भी ऐसे 28 माध्यमिक विद्यालय हैं जिनके तमाम बच्चों को एक से अधिक की छात्रवृत्ति एक ही बार में उनके खातों में पहुंच गई। शिक्षा विभाग अब उन स्टूडेंट्स का पता लगाने में जुट गया है।
यहां बता दें कि वर्ष 2014-15 में माध्यमिक विद्यालय के स्टूडेट्स को छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। समाज कल्याण विभाग ने ऑनलाइन आवेदन करने वाले पात्र स्टूडेंट्स को उनके खातों में सीधे छात्रवृत्ति भेज दी। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स संबंधित विद्यालयों से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी करने के बाद चले गए। सूत्र बताते हैं कि जब छात्रवृत्ति का ऑडिट हुआ, तब यह बात सामने आई की तमाम स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिनके एक ही खाते में एक से अधिक दो-तीन बार की छात्रवृत्ति पहुंच गई है। छात्रवृत्ति देने वाले समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। बताया कि ऐसे प्रदेश के कई जिलों के माध्यमिक विद्यालयों के स्टूडेंटस शामिल थे। इनमें बदायूं जिले के 28 विद्यालय के विद्यार्थी हैं।
शासन से बदायूं के समाज कल्याण अधिकारी को भी इस बारे में पत्र मिला। समाज कल्याण अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि वह उन 28 विद्यालयों के लाभार्थी का पता लगवाकर रिकबरी की कार्रवाई कराएं। सूत्र कहते हैं कि चूंकि यह मामला गत शैक्षिक सत्र का है, तो ज्यादातर बच्चे इंटर से आगे की पढ़ाई करने को दूसरे स्थानों पर भी चले गए हैं, बहुतों ने आगे की पढ़ाई भी छोड़ दी है। लिहाजा रिकबरी करने को उन स्टूडेंट्स का पता लगाने में भी पसीने छूट गए हैं।
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वर्जन-
समाज कल्याण अधिकारी से प्राप्त पत्र के आधार पर मैंने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को एक से अधिक छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स का पता लगाने और उनसे रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं।
-वीना यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक,बदायूं
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यहां बता दें कि वर्ष 2014-15 में माध्यमिक विद्यालय के स्टूडेट्स को छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। समाज कल्याण विभाग ने ऑनलाइन आवेदन करने वाले पात्र स्टूडेंट्स को उनके खातों में सीधे छात्रवृत्ति भेज दी। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स संबंधित विद्यालयों से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी करने के बाद चले गए। सूत्र बताते हैं कि जब छात्रवृत्ति का ऑडिट हुआ, तब यह बात सामने आई की तमाम स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिनके एक ही खाते में एक से अधिक दो-तीन बार की छात्रवृत्ति पहुंच गई है। छात्रवृत्ति देने वाले समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। बताया कि ऐसे प्रदेश के कई जिलों के माध्यमिक विद्यालयों के स्टूडेंटस शामिल थे। इनमें बदायूं जिले के 28 विद्यालय के विद्यार्थी हैं।
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शासन से बदायूं के समाज कल्याण अधिकारी को भी इस बारे में पत्र मिला। समाज कल्याण अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखकर कहा है कि वह उन 28 विद्यालयों के लाभार्थी का पता लगवाकर रिकबरी की कार्रवाई कराएं। सूत्र कहते हैं कि चूंकि यह मामला गत शैक्षिक सत्र का है, तो ज्यादातर बच्चे इंटर से आगे की पढ़ाई करने को दूसरे स्थानों पर भी चले गए हैं, बहुतों ने आगे की पढ़ाई भी छोड़ दी है। लिहाजा रिकबरी करने को उन स्टूडेंट्स का पता लगाने में भी पसीने छूट गए हैं।
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वर्जन-
समाज कल्याण अधिकारी से प्राप्त पत्र के आधार पर मैंने संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को एक से अधिक छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स का पता लगाने और उनसे रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं।
-वीना यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक,बदायूं