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इलाहाबाद में चलती कार में छात्रा से गैंगरेप
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Wed, 01 May 2013 11:29 AM IST
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इलाहाबाद में भी दिल्ली गैंगरेप जैसी दरिंदगी सामने आई है। हालांकि इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश की गई। छात्रा मंगलवार को होश में आई तो बिफर पड़ी।
उसने चीख-चीख कर कहा कि उसके साथ चलती कार में चार युवकों ने गैंगरेप किया।
छात्रा के बयान से पुलिस के होश उड़ गए। सोमवार से इस मामले को दबाने की कोशिशें चल रही थीं लेकिन छात्रा के बयान से पुलिस और डाक्टर के खेल से पर्दा उठ गया।
गैंगरेप का मामला सामने आने पर मजिस्ट्रेट और एसपी क्राइम ने पहुंच छात्रा का बयान दर्ज किया। छात्रा की हालत गंभीर है।
उसके बयान के आधार पर अपहरण के साथ गैंगरेप की धाराएं भी जोड़ दी गईं। गैंगरेप जैसे गंभीर मामले पर कर्नलगंज पुलिस और मेडिकल करने वाली महिला डॉक्टर पर उंगली उठ रही है।
छात्रा का आरोप है कि महिला डॉक्टर ने उसकी पिटाई कर धमकाया था। उसका कहना है कि पुलिस भी आरोपियों के दबाव में है।
मंगलवार को छात्रा के आरोप सुन परिवारवालों ने हंगामा कर कार्रवाई की मांग की। जांच में जुटे एसपी क्राइम अरुण पाण्डेय का कहना है कि छात्रा का बयान सुन बलात्कार की धाराएं जोड़ आरोपियों को तलाशा जा रहा है।
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सोरांव थाना क्षेत्र के शिवगढ़ इलाके की रहने वाली निशा (बदला हुआ नाम) के साथ दिल्ली जैसी दरिंदगी सामने आई है।
सोमवार से भर्ती छात्रा की हालत में मंगलवार को थोड़ा सुधार हुआ तो खुद के साथ हुई घटना को लेकर वह बिफर पड़ी। घरवालों ने भी हंगामा कर दिया।
छात्रा गैंगरेप का आरोप लगाने लगी तो अफसरों केहोश उड़े। दोपहर में मजिस्ट्रेट ने साकेत अस्पताल पहुंच छात्रा का बयान दर्ज किया।
छात्रा ने स्पष्ट कहा कि उसे जिस गाड़ी में अगवा किया गया था उसमें चार युवक बैठे थे। उसे गाड़ी में खींचते ही बेहोश किया गया।
गैंगरेप की बात सामने आने पर एसपी क्राइम अरुण पाण्डेय और क्राइम ब्रांच प्रभारी मनोज रघुवंशी भी वहां पहुंचे। निशा ने एसपी के सामने भी गैंगरेप की बात दोहराई।
निशा ने बताया कि गाड़ी में उसकेसाथ ऐसी जबरदस्ती हुई कि वह होश में आने पर चल नहीं पा रही थी। हाथ, पैर और पीठ पर चोट और खरोच लगी है।
उसे टांगों से लेकर पेट तक के सभी अंगों में तेज दर्द था। छात्रा के बयान से पुलिस और डाक्टर की रिपोर्ट की पूरी कहानी पलट लग गई।
एसपी क्राइम ने निर्देश देकर कर्नलगंज थाने में दर्ज मुकदमे में बलात्कार की धाराएं भी जुड़वा दी। छात्रा ने एक और आरोप लगाकर सनसनी मचा दी।
उसका कहना है कि जब उसे मेडिकल के लिए डफरिन अस्पताल ले जाया गया तो महिला डाक्टर ने उसे पांच थप्पड़ मारे और कहा, तुम फर्जी आरोप लगाकर दूसरों को फंसाना चाह रही हो। पुलिस अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच कर रही है।
बयान से पलटे इंस्पेक्टर
सोमवार को बलात्कार की पुष्टि होने से इंकार कर रहे इंस्पेक्टर कर्नलगंज दिनेश यादव मंगलवार को बयान से पलट गए। कहा, मेडिकल रिपोर्ट में कुछ भी स्पष्ट नहीं था।
बलात्कार नहीं हुआ यह मैं नहीं कह रहा हूं। गैंगरेप जैसे गंभीर मामले पर लापरवाही को लेकर गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को छात्रा के गांव से आए लोगों ने हंगामा कर कार्रवाई की मांग की। हंगामे को देखते हुए पुलिस ने वहां फोर्स लगा दी है।
पुलिस और डॉक्टर दोनो ही कटघरे में
बीएससी छात्रा से बलात्कार के मामले में पुलिस और डॉक्टर दोनो ही कटघरे में खड़े दिखाई पड़ रहे हैं।
सोमवार को पुलिस और मेडिकल करने वाली महिला डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में कुछ कहा, जबकि मंगलवार को सभी अपने बयान से पलट गए।
छात्रा का बयान आने के बाद हर कोई अपने बचाव में जुट गया। पुलिस ने अपनी गलती सुधारते हुए अपहरण के केस में बलात्कार की धारा भी जोड़ ली है जबकि स्वास्थ्य महकमे में रात तक खींचतान चलती रही।
अब डाक्टर ने गलत रिपोर्ट बताई या फिर पुलिस मामले को दबा रही थी इसे लेकर मंथन चल रहा है। साकेत अस्पताल में भर्ती छात्रा का बयान सोमवार को भी दर्ज हुआ था।
तब छात्रा की हालत गंभीर थी और वह ज्यादा कुछ पुलिस को नहीं बता सकी थी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर छात्रा का मेडिकल कराया था।
डफरिन में छात्रा का मेडिकल हुआ। रात में कर्नलगंज पुलिस को जो रिपोर्ट भेजी गई उसमें इंजरी नहीं दर्शाई गई थी।
पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं था कि जिससे बलात्कार की पुष्टि होती। छात्रा भी साफ कुछ नहीं कह सकी थी।
उधर, मंगलवार को पूरा मामला पलटा तो डफरिन अस्पताल के अधिकारियों ने जवाब दिया कि अभी छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंपी ही नहीं गई।
एसपी क्राइम का कहना है कि प्रथम जांच रिपोर्ट पुलिस केपास रखी है। छात्रा ने भी महिला डाक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब सवाल उठता है कि कौन झूठ बोल रहा है।
इंसाफ न मिला तो खुद लूंगी बदला
अस्पताल में भर्ती छात्रा पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने वाली महिला डाक्टर पर गंभीर आरोप लगा रही है। होश में आने के बाद छात्रा ने कहा, सब मिले हुए हैं। उसे इंसाफ चाहिए। यदि दरिंदों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो ठीक होने के बाद वह खुद बदला लेगी।
छात्रा ने कहा, वह इंसाफ के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार है।
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उसने चीख-चीख कर कहा कि उसके साथ चलती कार में चार युवकों ने गैंगरेप किया।
छात्रा के बयान से पुलिस के होश उड़ गए। सोमवार से इस मामले को दबाने की कोशिशें चल रही थीं लेकिन छात्रा के बयान से पुलिस और डाक्टर के खेल से पर्दा उठ गया।
गैंगरेप का मामला सामने आने पर मजिस्ट्रेट और एसपी क्राइम ने पहुंच छात्रा का बयान दर्ज किया। छात्रा की हालत गंभीर है।
उसके बयान के आधार पर अपहरण के साथ गैंगरेप की धाराएं भी जोड़ दी गईं। गैंगरेप जैसे गंभीर मामले पर कर्नलगंज पुलिस और मेडिकल करने वाली महिला डॉक्टर पर उंगली उठ रही है।
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छात्रा का आरोप है कि महिला डॉक्टर ने उसकी पिटाई कर धमकाया था। उसका कहना है कि पुलिस भी आरोपियों के दबाव में है।
मंगलवार को छात्रा के आरोप सुन परिवारवालों ने हंगामा कर कार्रवाई की मांग की। जांच में जुटे एसपी क्राइम अरुण पाण्डेय का कहना है कि छात्रा का बयान सुन बलात्कार की धाराएं जोड़ आरोपियों को तलाशा जा रहा है।
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सोरांव थाना क्षेत्र के शिवगढ़ इलाके की रहने वाली निशा (बदला हुआ नाम) के साथ दिल्ली जैसी दरिंदगी सामने आई है।
सोमवार से भर्ती छात्रा की हालत में मंगलवार को थोड़ा सुधार हुआ तो खुद के साथ हुई घटना को लेकर वह बिफर पड़ी। घरवालों ने भी हंगामा कर दिया।
छात्रा गैंगरेप का आरोप लगाने लगी तो अफसरों केहोश उड़े। दोपहर में मजिस्ट्रेट ने साकेत अस्पताल पहुंच छात्रा का बयान दर्ज किया।
छात्रा ने स्पष्ट कहा कि उसे जिस गाड़ी में अगवा किया गया था उसमें चार युवक बैठे थे। उसे गाड़ी में खींचते ही बेहोश किया गया।
गैंगरेप की बात सामने आने पर एसपी क्राइम अरुण पाण्डेय और क्राइम ब्रांच प्रभारी मनोज रघुवंशी भी वहां पहुंचे। निशा ने एसपी के सामने भी गैंगरेप की बात दोहराई।
निशा ने बताया कि गाड़ी में उसकेसाथ ऐसी जबरदस्ती हुई कि वह होश में आने पर चल नहीं पा रही थी। हाथ, पैर और पीठ पर चोट और खरोच लगी है।
उसे टांगों से लेकर पेट तक के सभी अंगों में तेज दर्द था। छात्रा के बयान से पुलिस और डाक्टर की रिपोर्ट की पूरी कहानी पलट लग गई।
एसपी क्राइम ने निर्देश देकर कर्नलगंज थाने में दर्ज मुकदमे में बलात्कार की धाराएं भी जुड़वा दी। छात्रा ने एक और आरोप लगाकर सनसनी मचा दी।
उसका कहना है कि जब उसे मेडिकल के लिए डफरिन अस्पताल ले जाया गया तो महिला डाक्टर ने उसे पांच थप्पड़ मारे और कहा, तुम फर्जी आरोप लगाकर दूसरों को फंसाना चाह रही हो। पुलिस अब पूरे मामले की नए सिरे से जांच कर रही है।
बयान से पलटे इंस्पेक्टर
सोमवार को बलात्कार की पुष्टि होने से इंकार कर रहे इंस्पेक्टर कर्नलगंज दिनेश यादव मंगलवार को बयान से पलट गए। कहा, मेडिकल रिपोर्ट में कुछ भी स्पष्ट नहीं था।
बलात्कार नहीं हुआ यह मैं नहीं कह रहा हूं। गैंगरेप जैसे गंभीर मामले पर लापरवाही को लेकर गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को छात्रा के गांव से आए लोगों ने हंगामा कर कार्रवाई की मांग की। हंगामे को देखते हुए पुलिस ने वहां फोर्स लगा दी है।
पुलिस और डॉक्टर दोनो ही कटघरे में
बीएससी छात्रा से बलात्कार के मामले में पुलिस और डॉक्टर दोनो ही कटघरे में खड़े दिखाई पड़ रहे हैं।
सोमवार को पुलिस और मेडिकल करने वाली महिला डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट में कुछ कहा, जबकि मंगलवार को सभी अपने बयान से पलट गए।
छात्रा का बयान आने के बाद हर कोई अपने बचाव में जुट गया। पुलिस ने अपनी गलती सुधारते हुए अपहरण के केस में बलात्कार की धारा भी जोड़ ली है जबकि स्वास्थ्य महकमे में रात तक खींचतान चलती रही।
अब डाक्टर ने गलत रिपोर्ट बताई या फिर पुलिस मामले को दबा रही थी इसे लेकर मंथन चल रहा है। साकेत अस्पताल में भर्ती छात्रा का बयान सोमवार को भी दर्ज हुआ था।
तब छात्रा की हालत गंभीर थी और वह ज्यादा कुछ पुलिस को नहीं बता सकी थी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर छात्रा का मेडिकल कराया था।
डफरिन में छात्रा का मेडिकल हुआ। रात में कर्नलगंज पुलिस को जो रिपोर्ट भेजी गई उसमें इंजरी नहीं दर्शाई गई थी।
पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट में ऐसा कुछ नहीं था कि जिससे बलात्कार की पुष्टि होती। छात्रा भी साफ कुछ नहीं कह सकी थी।
उधर, मंगलवार को पूरा मामला पलटा तो डफरिन अस्पताल के अधिकारियों ने जवाब दिया कि अभी छात्रा की मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंपी ही नहीं गई।
एसपी क्राइम का कहना है कि प्रथम जांच रिपोर्ट पुलिस केपास रखी है। छात्रा ने भी महिला डाक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब सवाल उठता है कि कौन झूठ बोल रहा है।
इंसाफ न मिला तो खुद लूंगी बदला
अस्पताल में भर्ती छात्रा पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने वाली महिला डाक्टर पर गंभीर आरोप लगा रही है। होश में आने के बाद छात्रा ने कहा, सब मिले हुए हैं। उसे इंसाफ चाहिए। यदि दरिंदों के खिलाफ कार्रवाई न हुई तो ठीक होने के बाद वह खुद बदला लेगी।
छात्रा ने कहा, वह इंसाफ के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार है।