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छोटे और सरल होंगे सवाल, नंबर बांटेगा यूपी बोर्ड
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Sun, 30 Dec 2012 11:35 PM IST
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आईआईटी जेईई, एआईट्रिपलई सरीखी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में अपने छात्रों को होड़ में बनाए रखने के लिए अब यूपी बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में छोटे और सरल सवाल पूछे जाएंगे।
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इन प्रवेश परीक्षाओं में 12वीं की परीक्षा के अंकों को वरीयता देने के निर्णय के बाद यूपी बोर्ड की ओर से आगामी परीक्षा के दौरान मार्किंग सिस्टम को भी सकारात्मक बनाया जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से मूल्यांकन में यह बदलाव यूपी बोर्ड के छात्रों को सीबीएसई, सीआईएससीई के छात्रों के बराबर खड़ा करने के लिए किया जा रहा है।
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यूपी बोर्ड की ओर से इन दिनों आगामी बोर्ड परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र तैयार किए जा रहे हैं, बोर्ड की ओर से इस बात पर विशेष बल दिया जा रहा है कि प्रश्नपत्र सटीक और सीधे हों। भौतिक विज्ञान शिक्षक आरपी पांडेय ने बताया कि आईआईटी जेईई में बारहवीं के अंकों को मेरिट में जोड़े जाने से इस बार सरल और सटीक प्रश्न पूछने की तैयारी बोर्ड की ओर से की गई है।
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भौतिकी में सरल आंकिक प्रश्नों के साथ, छोटे प्रश्न पूछे जाएंगे। रसायन विज्ञान विशेषज्ञ एसपी सिंह ने बताया कि इस बार सीबीएसई की तर्ज पर छात्रों से सीधे और सटीक प्रश्न पूछे जाएंगे। ऐसे में मूल्यांकन के दौरान सटीक उत्तर लिखे होने पर छात्रों को अच्छे अंक मिल सकेंगे। गणित शिक्षक मनोज सिंह ने बताया कि छोटे और सरल सवालों से भी मार्किंग में असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि गणित में सूत्रों पर आधारित सरल प्रश्न पूछे जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के निदेशक वासुदेव यादव कहना है कि आईआईटी जेईई और एआईट्रिपलई जैसी प्रवेश परीक्षाओं में जहां बोर्ड परीक्षा के अंकों को जोड़ा जाना है, उसके लिए बोर्ड की ओर से सकारात्मक पहल की गई है। उनका कहना है कि मूल्यांकन, प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियों के लिए कानपुर में हुए सेमिनार में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि परीक्षा और मूल्यांकन में सकारात्मक रवैया अपनाया जाए। उन्होंने यह माना भी कि यूपी बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए बदलाव करना होगा।