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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   The Commission considered the custodial killing of Sohanlal

मानवाधिकार आयोग ने माना हिरासत में हुई सोहनलाल की हत्या

Tue, 15 Mar 2016 02:25 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Tue, 15 Mar 2016 02:25 AM IST
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हाफिजगंज थाने में हिरासत में हुई सोहनलाल की मौत को मानवाधिकार आयोग ने हत्या माना है। पहले तो पुलिस ने मुकदमा ही दर्ज नहीं किया था लेकिन बाद में दबाव पड़ने पर पुलिस ने हिरासत में मौत का मामला एसओ, एक दरोगा और चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज किया था। मानवाधिकार आयोग ने इसे हत्या मानते हुए पुलिस वालों को दोषी ठहराया है। जिसके आधार पर प्रथमदृष्टया पीड़ित के परिवार को एक लाख रुपये की अंतरिम आर्थिक मदद पुुलिस कर्मियों के वेतन से देने के निर्देश दिए हैं। आयोग के इस आदेश पर प्रमुख सचिव (गृह) ने एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि वह 31 मार्च तक पुलिस कर्मियों के वेतन से इस राशि को काटकर पीड़ित परिवार को मुहैया कराएं।
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29 सितंबर 2013 को थाने की पुलिस फरीदपुर के गांव दलपुरा निवासी सोहनलाल को चोरी के आरोप में उसके घर से पकड़कर ले आई थी। उसी रात को हवालात के शौचालय की कुंडी से उसका शव लटका मिला था। पुलिस उसे आत्महत्या बता रही थी लेकिन परिवार वालों का आरोप था कि पुलिस ने सोहनलाल को मार दिया है। पहले दिन को दबाव में पुलिस वालों ने समझौता करा दिया, बाद में इस मामले को अमर उजाला ने उठाया तो दो दिन बाद आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट एसओ सहित छह पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज करनी पड़ी थी।
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परिजनों ने उच्च अधिकारियों तथा मानवाधिकार आयोग को शिकायतें कीं। जिनमें
आरोप लगाया कि मौत की वजह पुलिस का उत्पीड़न रहा है। जिसके साक्ष्य भी मानवाधिकार आयोग में पेश किए गए। पीड़ित परिवार के तर्क को आयोग ने सही मानते हुए इस मामले में दो दरोगा और चार सिपाहियों को दोषी माना और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश कर दिए।
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मानवाधिकार आयोग के सचिव ने 25 फरवरी 2016 को प्रदेश सरकार को जारी निर्देश में कहा है कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा भी प्रस्तुत किया जाए। इस मामले में संभल के असमोली थाने में तैनात दरोगा योगेंद्र कृष्ण यादव तथा बरेली के समन सेल में तैनात दरोगा शेलेंद्र पाल सिंह को दोषी माना है। चार अन्य सिपाहियों में भोजीपुरा बरेली में तैनात गौरीशाह, पुलिस लाइन बरेली में तैनात सिपाही सुनील कुमार। सीतापुर जिले के थाना सदना में तैनात सिपाही शशी कुमार तथा पीलीभीत जिले के थाना पूरनपुर में तैनात सिपाही अनूप सिंह को भी दोषी माना है। ये सभी सोहन की मौत के दौरान हाफिजगंज थाने में तैनात थे।  इन सभी के वेतन से धनराशि काटने के लिए एसएसपी को अधिकृत किया है।

परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की दृष्टि से पुलिस हिरासत में मौत के बारे में आयोग का यह फैसला अंतरिम हैं। पीड़ित परिवार ने आयोग में शिकायत करते हुए 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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