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'अश्चे बोछोर आबार होबे' की पुकार से किया माँ का विसर्जन
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दुर्गाबाड़ी में स्थापित माँ की प्रतिमा का पूजन करती महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : Amar Ujala
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अमर उजाला ब्यूरो
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बरेली। शारदीय नवरात्र की दशमी पर बरेली के सजे दुर्गा पूजा पंडाल में माँ को भावभीनी विदाई दी गई। बंगाली समाज की महिलाओं ने सिंदूर वरण खेला। फिर धूमधाम से मां को विदा किया। देर शाम रामगंगा में भक्तों ने भावपूर्ण गीत गाकर, जयकारा लगाकर प्रतिमा का विसर्जन किया।
शुक्रवार को विजयदशमी के पावन पर्व और नवरात्रि की दशमी पर मां महिषासुर मर्दिनी का धूमधाम से पूजन किया गया। सजे हुए पंडाल में महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाकर माँ दुर्गा का वरण किया और आशीर्वाद लिया। मां दुर्गा को सिंदूर लगाते हुए महिलाएं काफी भावुक दिखी। विदाई के इस पल में ढाक की धुन पर उत्साह और उमंग का वातावरण दिखाई दिया। बंगाली लोक प्रचलित गीत 'अश्चे बोछोर आबार होबे' गाकर, मां से अगले साल फिर आने की कामना की गई। साथ ही मां से घर और परिवार में सुख और समृद्धि की कामना की गई। कई महिलाएं सेल्फी लेते, मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ इस पल को कैमरे में कैद करते हुए दिखाई दी। हर पर मनोरंजक रहा। सिंदूर वरण कर रही महिलाओं के मुताबिक सिंदूर खेलने की रस्म के पीछे मान्यता है कि जिस तरह पूर्ण श्रृंगार कर बेटी को विदा किया जाता है। उसी तरह मां दुर्गा को भी ससुराल विदा किया जाता है। वह शिवजी के पास चली जाती हैं।
इस दौरान पंडाल में मां की गोद भराई कर पान व मिठाई खिलाने की परंपरा है। सुहागिन महिलाएं मां को सिंदूर लगाकर एक-दूसरे को सिंदूर लगाती है। सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है और ऐसी मान्यता है इससे पति की उम्र लंबी होती है।
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शोभायात्रा निकालकर मां को किया विदा
दुर्गा पूजा कमेटियों की ओर से सुबह सिंदूर खेलने समेत अन्य पारंपरिक रीति रिवाज निभाकर मां को विदा किया गया। दोपहर तीन बजे के बाद पंडालों में सजाई मां की प्रतिमाओं समेत अन्य देवियों की प्रतिमा वाहनों के जरिए रामगंगा रवाना हुई। बंगाली समाज के लोगों ने ढोल पर नृत्य कर और सिंदूर एक दूसरे को लगाकर मां को कुछ दूर तक शोभायात्रा निकाली। रामगंगा पर पारंपरिक तरीके से मां को विसर्जन किया गया। इस दौरान मौजूद सभी लोग भावपूर्ण दिखाई दिए।
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मां के पूजन के बाद सिंदूर वरण करती महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : Amar Ujala
मां के पूजन के बाद सिंदूर वरण करती महिलाएं। अमर उजाला
दुर्गाबाड़ी में स्थापित माँ की प्रतिमा का पूजन करती महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : Amar Ujala
दुर्गाबाड़ी में स्थापित माँ की प्रतिमा का पूजन करती महिलाएं। अमर उजाला
मां के पूजन के बाद सिंदूर वरण करती महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : Amar Ujala
मां के पूजन के बाद सिंदूर वरण करती महिलाएं। अमर उजाला
मां के पूजन के बाद सिंदूर वरण करती महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : Amar Ujala
मां के पूजन के बाद सिंदूर वरण करती महिलाएं। अमर उजाला
मां के पूजन के बाद सिंदूर वरण करती महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : Amar Ujala
मां के पूजन के बाद सिंदूर वरण करती महिलाएं। अमर उजाला
माँ को विदा करने से पहले महिलाओं ने किया सामूहिक पारम्परिक नृत्य। अमर उजाला
- फोटो : Amar Ujala
माँ को विदा करने से पहले महिलाओं ने किया सामूहिक पारम्परिक नृत्य। अमर उजाला
दुर्गाबाड़ी में स्थापित माँ की प्रतिमा का पूजन करती महिलाएं। अमर उजाला
- फोटो : Amar Ujala
दुर्गाबाड़ी में स्थापित माँ की प्रतिमा का पूजन करती महिलाएं। अमर उजाला