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होरहा भूनने में राख हो गई राजभर बस्ती
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 10 Mar 2016 10:11 PM IST
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अगलगी
फेफना क्षेत्र के छोटी नरहीं के राजभर बस्ती में गुरुवार दोपहर आग लगने से 24 परिवारों की सैकड़ों रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। झोपड़ियों में रखे गए गृहस्थी के सामान भी जलकर नष्ट हो गए। तक कि बस्ती से सौ मीटर दूर स्थित एक मटर का खेत भी आग की जद में आ गया। इससे फसल नष्ट हो गई। ग्रामीणों के अथक प्रयास से घंटों बाद आग पर काबू पाया गया।
छोटी नरहीं के राजभर बस्ती में पारस राजभर की झोपड़ी के पास कुछ छोटे-छोटे बच्चे होरहा भून रहे थे। इसी बीच पारस राजभर की झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते बलिराम, संतोष, विद्या सागर, रवींद्र, रामविलास, रमाकांत, श्रीकांत, श्रीनिवास, श्रीराम, प्रमोद, कैलाश, रामबहादुर, लालबहादुर, मुनदेव, भुअर, छितेश्वर, छोटक, सत्येंद्र, भीम, अर्जुन, जगदीश आदि की झोपड़ियां भी जलने लगीं।
सभी की झोपड़ियों में रखे दैनिक उपभोग के सामान भी जल गए। हरेराम की झोपड़ी में रखे सामान को बचाने में लोगों ने झोपड़ी गिरा दिया। आग की खबर से क्षेत्रीय ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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छोटी नरहीं के राजभर बस्ती में पारस राजभर की झोपड़ी के पास कुछ छोटे-छोटे बच्चे होरहा भून रहे थे। इसी बीच पारस राजभर की झोपड़ी में आग लग गई। देखते ही देखते बलिराम, संतोष, विद्या सागर, रवींद्र, रामविलास, रमाकांत, श्रीकांत, श्रीनिवास, श्रीराम, प्रमोद, कैलाश, रामबहादुर, लालबहादुर, मुनदेव, भुअर, छितेश्वर, छोटक, सत्येंद्र, भीम, अर्जुन, जगदीश आदि की झोपड़ियां भी जलने लगीं।
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सभी की झोपड़ियों में रखे दैनिक उपभोग के सामान भी जल गए। हरेराम की झोपड़ी में रखे सामान को बचाने में लोगों ने झोपड़ी गिरा दिया। आग की खबर से क्षेत्रीय ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
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