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ढेकवारी में ढहाए 40 अवैध निर्माण
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 12 Mar 2016 11:04 PM IST
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40 अवैध मकान ढहाए गए
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नगरा थाना क्षेत्र के ढेकवारी गांव में बंजर और पोखरे की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए 40 मकानों को शनिवार को रसड़ा तहसील प्रशासन ने पुलिस बल की मदद से ढहवा दिया। कार्रवाई की जद में वर्तमान प्रधान उर्मिला यादव का मकान भी है। हाईकोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। मामले में अतिक्रमणकारियों को 15 दिन पहले प्रशासन ने नोटिस भेजकर जमीन खाली करने के लिए कहा था लेकिन किसी ने बात नहीं मानी।
नगरा क्षेत्र के ढेकवारी गांव में अराजी नंबर 111 बंजर तथा अराजी नंबर 112 पोखरे के रूप में अंकित है। इन दोनों जमीनों पर 40 परिवारों ने अवैध कब्जा कर मकान बनवा लिया था। गांव के कृपाशंकर पांडेय ने यह मामला जिले के अधिकारियों के सामने उठाया। कोई कार्रवाई न करने पर 2014 में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की थी।
न्यायालय ने दो जुलाई, 2014 को जिले के अधिकारियों को अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया था। बावजूद प्रशासनिक अधिकारी टालमटोल में लगा रहा। बाध्य होकर पांडेय ने फिर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। बावजूद अधिकारी मामले को ठंड बस्ते में डाले रहे।
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अवमानना याचिका के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पांडेय ने तीसरी बार कृपाशंकर बनाम मुख्य सचिव आलोक रंजन के विरुद्ध अवमानना दाखिल की। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को लेते हुए डीएम और तहसील के अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा कि 17 मार्च तक मामले में कार्रवाई कर अवगत कराएं।
कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। शनिवार को रसड़ा उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चतुर्वेदी, सीओ श्रीराम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ ढेकवारी पहुंचे। करीब 40 परिवारों के पक्के मकान को बूलडोजर चलाकर गिरा दिया गया। कार्रवाई से संबंधित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। साथ ही उनको लाखों का नुकसान झेलना पड़ा है।
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नगरा क्षेत्र के ढेकवारी गांव में अराजी नंबर 111 बंजर तथा अराजी नंबर 112 पोखरे के रूप में अंकित है। इन दोनों जमीनों पर 40 परिवारों ने अवैध कब्जा कर मकान बनवा लिया था। गांव के कृपाशंकर पांडेय ने यह मामला जिले के अधिकारियों के सामने उठाया। कोई कार्रवाई न करने पर 2014 में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की थी।
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न्यायालय ने दो जुलाई, 2014 को जिले के अधिकारियों को अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया था। बावजूद प्रशासनिक अधिकारी टालमटोल में लगा रहा। बाध्य होकर पांडेय ने फिर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। बावजूद अधिकारी मामले को ठंड बस्ते में डाले रहे।
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अवमानना याचिका के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पांडेय ने तीसरी बार कृपाशंकर बनाम मुख्य सचिव आलोक रंजन के विरुद्ध अवमानना दाखिल की। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को लेते हुए डीएम और तहसील के अधिकारियों को अवमानना नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा कि 17 मार्च तक मामले में कार्रवाई कर अवगत कराएं।
कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है। शनिवार को रसड़ा उपजिलाधिकारी अनिल कुमार चतुर्वेदी, सीओ श्रीराम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ ढेकवारी पहुंचे। करीब 40 परिवारों के पक्के मकान को बूलडोजर चलाकर गिरा दिया गया। कार्रवाई से संबंधित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। साथ ही उनको लाखों का नुकसान झेलना पड़ा है।