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मेरठ के बदमाशों ने डाली थी आश्रम में डकैती
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 08 Mar 2016 12:47 AM IST
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बडगांव के शेरपुर स्थित निजानंद आश्रम में डकैती डालने वाले बदमाश।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले के बड़गांव थाना क्षेत्र के शेरपुर स्थित निजानंद आश्रम में सवा महीने पहले डाली गई डकैती का खुलासा करने का दावा पुलिस ने किया है। इस डकैती को अंजाम देने वालों में मेरठ के शातिर अपराधियों सहित चार आरोपी पकड़े गए हैं।
इनमें एक आरोपी अभी तक बाहर है। इनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, लूटी नकदी में से 16000 रुपये, चार तमंचे, कारतूस बरामद किया गया है। मेरठ से सहारनपुर तक कई थानों में लूट और डकैती जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं। कुछ में वांछित भी चल रहे थे।
एसएसपी आरपीएस यादव ने सोमवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में बताया कि 27 जनवरी की रात थाना बड़गांव क्षेत्र के शेरपुर स्थित निजानंद आश्रम में बदमाशों ने आश्रम के लोगों को बंधक बना डकैती डाली थी। यहां से बदमाश एक लैपटॉप, दो मोबाइल और एक लाख रुपये से अधिक की नकदी लूट ले गए थे।
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इस मामले की जांच में स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप सिंह, थाना बड़गांव प्रभारी डीके त्यागी सहित अन्य सदस्यों की टीमों ने लंबी छानबीन के बाद इस घटना से पर्दा उठाया है। एसएसपी के मुताबिक एक मुठभेड़ के दौरान खुदाबख्शपुर नहर पुल के पास से चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया. जबकि इनका एक साथी फरार हो गया।
गिरफ्तार बदमाशों में मेरठ के थाना सरूरपुर के खिवाई निवासी जुल्फक्कार उर्फ जुल्फी पुत्र यासीन उर्फ यामीन, आबिद पुत्र फरमूद, नईम उर्फ मुंशी पुत्र सत्तान और शामली जिले के थानाभवन के गांव भैंसानी निवासी अकरम पुत्र वहीद शामिल है।
अकरम हाल में बुलंदशहर में रहने लगा है। इनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, लूटी गई नगदी में से 16000 रुपये, चार तमंचे और कारतूस बरामद किए गए हैं।
अकरम ने की थी रैकी
डकैती में पकड़े गए अकरम ने वारदात से पहले आश्रम की रैकी की थी। एसएसपी ने बताया कि वह ठेले पर केले बेचने का काम करता है और उसी ने आश्रम की रैकी कर अपने साथी बदमाशों को बुलवाकर वारदात को अंजाम दिया।
कई वारदातों में शामिल
गिरफ्तार बदमाशों और उनके परिवारों के सदस्यों का भी आपराधिक इतिहास रहा है। एसएसपी ने बताया कि जुल्फक्कार और आबिद पर दूसरे जनपद के विभिन्न थानों मे डकैती, लूट, रंगदारी, जानलेवा हमले और शस्त्र अधिनियम में कई मुकदमे दर्ज हैं। नईम पर मेरठ के थाना सरूरपुर में डकैती का एक मुकदमा है तथा अकरम पर थानाभवन में गैंगस्टर पर लग चुकी है।
साथ ही बदमाश जुल्फक्कार का भाई इस्तखार मुजफ्फरनगर जेल में तीन साल से और आबिद का भाई गफ्फार मेरठ जेल में आपराधिक मामले में पिछले डेढ़ साल से बंद है। नईम पिछले वर्ष अप्रैल माह में तीन महीने की जेल काटकर बाहर आया है और उसका भाई भी जेल में ही बंद था।
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इनमें एक आरोपी अभी तक बाहर है। इनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, लूटी नकदी में से 16000 रुपये, चार तमंचे, कारतूस बरामद किया गया है। मेरठ से सहारनपुर तक कई थानों में लूट और डकैती जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं। कुछ में वांछित भी चल रहे थे।
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एसएसपी आरपीएस यादव ने सोमवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में बताया कि 27 जनवरी की रात थाना बड़गांव क्षेत्र के शेरपुर स्थित निजानंद आश्रम में बदमाशों ने आश्रम के लोगों को बंधक बना डकैती डाली थी। यहां से बदमाश एक लैपटॉप, दो मोबाइल और एक लाख रुपये से अधिक की नकदी लूट ले गए थे।
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इस मामले की जांच में स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप सिंह, थाना बड़गांव प्रभारी डीके त्यागी सहित अन्य सदस्यों की टीमों ने लंबी छानबीन के बाद इस घटना से पर्दा उठाया है। एसएसपी के मुताबिक एक मुठभेड़ के दौरान खुदाबख्शपुर नहर पुल के पास से चार बदमाशों को गिरफ्तार किया गया. जबकि इनका एक साथी फरार हो गया।
गिरफ्तार बदमाशों में मेरठ के थाना सरूरपुर के खिवाई निवासी जुल्फक्कार उर्फ जुल्फी पुत्र यासीन उर्फ यामीन, आबिद पुत्र फरमूद, नईम उर्फ मुंशी पुत्र सत्तान और शामली जिले के थानाभवन के गांव भैंसानी निवासी अकरम पुत्र वहीद शामिल है।
अकरम हाल में बुलंदशहर में रहने लगा है। इनके कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, लूटी गई नगदी में से 16000 रुपये, चार तमंचे और कारतूस बरामद किए गए हैं।
अकरम ने की थी रैकी
डकैती में पकड़े गए अकरम ने वारदात से पहले आश्रम की रैकी की थी। एसएसपी ने बताया कि वह ठेले पर केले बेचने का काम करता है और उसी ने आश्रम की रैकी कर अपने साथी बदमाशों को बुलवाकर वारदात को अंजाम दिया।
कई वारदातों में शामिल
गिरफ्तार बदमाशों और उनके परिवारों के सदस्यों का भी आपराधिक इतिहास रहा है। एसएसपी ने बताया कि जुल्फक्कार और आबिद पर दूसरे जनपद के विभिन्न थानों मे डकैती, लूट, रंगदारी, जानलेवा हमले और शस्त्र अधिनियम में कई मुकदमे दर्ज हैं। नईम पर मेरठ के थाना सरूरपुर में डकैती का एक मुकदमा है तथा अकरम पर थानाभवन में गैंगस्टर पर लग चुकी है।
साथ ही बदमाश जुल्फक्कार का भाई इस्तखार मुजफ्फरनगर जेल में तीन साल से और आबिद का भाई गफ्फार मेरठ जेल में आपराधिक मामले में पिछले डेढ़ साल से बंद है। नईम पिछले वर्ष अप्रैल माह में तीन महीने की जेल काटकर बाहर आया है और उसका भाई भी जेल में ही बंद था।