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मैं लुटने वाली जमात का हूं: आजम खां
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Sat, 11 May 2013 01:57 AM IST
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संसदीय कार्यमंत्री आजम ने फिर यह साबित कर दिया कि वह किसी का हिसाब बकाया नहीं रखते हैं।
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आजम ने माध्यम तो लखनऊ से चुनाव लड़ रहे अशोक वाजपेयी को बनाया पर, जो कुछ बोले उससे किसी को यह समझने में देर नहीं लगी कि उनके शब्दबाण नरेश को निशाना बनाकर ही चल रहे हैं।
यह खुसर-पुसर भी शुरू हो गई कि जयाप्रदा के मामले पर नरेश ने जिस तरह आजम पर निशाना साधा था। आजम आज उसी का जवाब ले रहे हैं।
हुआ यह कि आजम ने अमेरिका का जिक्र करते-करते अचानक धारा बदली।
मंच पर एक किनारे बैठे डा. अशोक वाजपेयी की ओर देखते हुए बोले, ‘ कुछ लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा होते हैं और कुछ लोग लुटने के लिए। मैं लुटने वाली जमात का हूं।
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यह जो किनारे हमारे साथी (अशोक वाजपेयी) बैठे हैं। यह भी मेरी तरह लुटे हैं। पर, इनकी तबाही के लिए अमेरिका जिम्मेदार नहीं है। इन्हें तो अपनों ने लूट लिया। चांदी के चम्मच वालों के चक्कर में बेचारे फंस गए। कुछ बोल नहीं पाए।
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लखनऊ से चुनाव लड़ रहे हैं। लखनऊ वाले इनकी कितनी कद्र करेंगे। मुझे यह नहीं मालूम। मैं तो इनके लिए दुआ ही कर सकता हूं।’
कहा, ‘मैने सुना है कि लखनऊ में जब कोई मेहमान चारबाग स्टेशन पर उतरता है तो उसे लेने आने वालों के दिल में पहला सवाल यही आता है कि यह लौटकर कब जाएगा।
इसीलिए मैने लखनऊ में अपना स्थायी ठिकाना नहीं बनाया। मेरे लखनऊ में न ज्यादा ठिकाने हैं और न मैं ज्यादा लोगों को जानता हूं। इसलिए बेचारों (अशोक वाजपेयी)की कोई मदद भी नहीं कर सकता।’
उल्लेखनीय है कि जब वाजपेयी को लखनऊ से लोकसभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया था। उस समय भी यह बात चर्चा में रही थी कि वाजपेयी को लखनऊ लाने के पीछे नरेश की ही गणित है। वाजपेयी हरदोई के रहने वाले हैं।
कहा जाता है कि नरेश ने हरदोई में अपना रास्ता निरापद रखने के लिए ही वाजपेयी को लखनऊ से टिकट दिलाया है। आजम की बात जितनी आगे बढ़ रही थी। सभागार में खुसर-पुसर भी उतनी तेज होती जा रही थी।
कुछ ऐसे भी थे जिनकी समझ में नहीं आ रहा था कि इस कार्यक्रम में आजम के यह सब बोलने का कारण क्या है। पर, आजम बोलते ही जा रहे थे।
उन्होंने अशोक वाजपेयी की तरफ इशारा करते हुए जब यह कहा, ‘आप कर्मठ समाजवादी नेता हैं। बहादुर सिपाही हैं।
आपके लिए खुदा से दुआ करूंगा कि आपको लखनऊ से संसद में पहुंचा दे। इससे ज्यादा क्या कह सकता हूं। आपके लिए लखनऊ ही मिला।’ तो सभागार तालियों से गूंज उठा।
अमेरिका के वो 35 मिनट नहीं भूलेंगा: आजम खां
सूबे के काबीना मंत्री मो. आजम खां शुक्रवार को अमेरिका पर जमकर बरसे। कहा कि जिस मुल्क को मेहमानों से अच्छे बरताव का सलीका न आता हो, वह सभ्य कैसे हो सकता है।
वहां हमारे साथ 35 मिनट जो हुआ उसका उसी तरह वर्णन करना संभव नहीं है। बस यूं समझ लें कि कपड़े नहीं उतरवाए गए। अब कभी अमेरिका नहीं जाऊंगा।