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Ayodhya News: 39 घंटे की पुलिस कस्टडी में होगी टिन्नू यादव व मनीष से पूछताछ
Fri, 17 Jul 2026 08:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 17 Jul 2026 08:31 PM IST
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अयोध्या। राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा धनराशि चोरी और गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में जेल में बंद राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव आरोपी हैं। पुलिस ने इनकी सात दिन की कस्टडी रिमांड मांगी थी। अदालत ने पुलिस की इस मांग पर 39 घंटे की रिमांड मंजूर की है।
यह आदेश विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा ने पारित किया। उन्होंने विशेष अभियोजन अधिकारी और बचाव पक्ष के लीगल एड डिफेंस काउंसिल उप मुख्य कुलशेखर सिंह के तर्कों को सुना। न्यायाधीश रजत वर्मा ने शुक्रवार को यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। जेल में बंद आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव को पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा गया है। यह रिमांड 18 जुलाई की सुबह 8:00 बजे से प्रभावी होगी। यह अगले दिन 19 जुलाई को रात 11 बजे तक जारी रहेगी। इस अवधि में पुलिस आरोपियों से राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी और गबन के संबंध में पूछताछ करेगी। जेल से पुलिस कस्टडी में लेने के तुरंत बाद आरोपियों की चिकित्सा जांच कराई जाएगी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजने से पहले भी जांच होगी। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान मानवाधिकारों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
रिमांड प्रार्थना पत्र पर सुनवाई
मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी कर रहे हैं। उन्होंने अदालत में आरोपियों की रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई से पहले न्यायाधीश रजत वर्मा ने प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने जेल में बंद आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव की सुनवाई की। यह सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। इस दौरान आरोपियों की पैरवी कर रहे लीगल एड डिफेंस काउंसिल उप मुख्य कुलशेखर उपस्थित थे। अभियोजन पक्ष के अधिकारी भी इस सुनवाई में मौजूद रहे। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की उपस्थिति में मामले की गंभीरता को समझा।
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अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्क
अदालत में विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दूबे ने अपने तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने अपने बयान में कुछ नए तथ्य उजागर किए हैं। आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसका भतीजा मनीष यादव इस मामले के मुख्य आरोपी हैं। ये दोनों राम मंदिर चढ़ावा धनराशि की चोरी और गबन के आरोपों का सामना कर रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने इन नए तथ्यों की पुष्टि के लिए रिमांड की मंजूरी मांगी थी। वहीं, आरोपी की पैरवी के लिए नियुक्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल उप मुख्य कुलशेखर सिंह ने रिमांड का विरोध किया। उन्होंने पुलिस के प्रार्थना पत्र को अस्वीकार करने की अपील की थी। बचाव पक्ष ने रिमांड की आवश्यकता पर सवाल उठाए।
अदालत का अंतिम आदेश
न्यायाधीश रजत वर्मा ने दोनों पक्षों के तर्कों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने विवेचक की ओर से मांगी गई सात दिन की अवधि पर गंभीरता से विचार किया। अदालत ने पुलिस द्वारा मांगी गई सात दिन की रिमांड के बजाय 39 घंटे की पुलिस अभिरक्षा रिमांड का आदेश पारित किया। यह आदेश आरोपियों से गहन पूछताछ और नए तथ्यों की पुष्टि के लिए दिया गया है। अदालत ने पुलिस को निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन करने को कहा है। चिकित्सा जांच और मानवाधिकार निर्देशों का पालन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह निर्णय मामले की आगे की जांच प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
इनसेट
रिमांड के लिए 16 जुलाई को दिया गया था प्रार्थना पत्र
मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से आरोपियों राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू व मनीष यादव की पुलिस कस्टडी रिमांड का प्रार्थना पत्र शाम लगभग चार बजे अदालत में पेश किया गया था। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में जेल में निरुद्ध आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू व मनीष यादव को सात दिन के लिए पुलिस अभिरक्षा (कस्टडी) में दिए जाने की मांग की गई थी। किसी को राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू व मनीष यादव की रिमांड अर्जी की भनक तक तक नहीं लगने दी गई।
इनसेट
लवकुश व अनुकल्प की मिली है सबसे अधिक 40 घंटे की पुलिस कस्टडी
26 जून से जिला कारागार में निरुद्ध आठ आरोपियों में से अब तक छह आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर पूछताछ की जा चुकी है। आरोपी अविनाश शुक्ला की सबसे कम 13 घंटे वहीं लवकुश, अनुकल्प व करुणेश की सबसे अधिक 40 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड की मंजूरी अदालत ने दिया था। जबकि आरोपी सुभाष श्रीवास्तव व रमाशंकर मिश्रा की 14 घंटे के लिए ही पुलिस कस्टडी रिमांड की स्वीकृति ही अदालत से मिल पाई थी।
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यह आदेश विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा ने पारित किया। उन्होंने विशेष अभियोजन अधिकारी और बचाव पक्ष के लीगल एड डिफेंस काउंसिल उप मुख्य कुलशेखर सिंह के तर्कों को सुना। न्यायाधीश रजत वर्मा ने शुक्रवार को यह महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया। जेल में बंद आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव को पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजा गया है। यह रिमांड 18 जुलाई की सुबह 8:00 बजे से प्रभावी होगी। यह अगले दिन 19 जुलाई को रात 11 बजे तक जारी रहेगी। इस अवधि में पुलिस आरोपियों से राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी और गबन के संबंध में पूछताछ करेगी। जेल से पुलिस कस्टडी में लेने के तुरंत बाद आरोपियों की चिकित्सा जांच कराई जाएगी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेजने से पहले भी जांच होगी। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान मानवाधिकारों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
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रिमांड प्रार्थना पत्र पर सुनवाई
मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी कर रहे हैं। उन्होंने अदालत में आरोपियों की रिमांड के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई से पहले न्यायाधीश रजत वर्मा ने प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने जेल में बंद आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव की सुनवाई की। यह सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। इस दौरान आरोपियों की पैरवी कर रहे लीगल एड डिफेंस काउंसिल उप मुख्य कुलशेखर उपस्थित थे। अभियोजन पक्ष के अधिकारी भी इस सुनवाई में मौजूद रहे। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की उपस्थिति में मामले की गंभीरता को समझा।
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अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्क
अदालत में विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दूबे ने अपने तर्क प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने अपने बयान में कुछ नए तथ्य उजागर किए हैं। आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसका भतीजा मनीष यादव इस मामले के मुख्य आरोपी हैं। ये दोनों राम मंदिर चढ़ावा धनराशि की चोरी और गबन के आरोपों का सामना कर रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने इन नए तथ्यों की पुष्टि के लिए रिमांड की मंजूरी मांगी थी। वहीं, आरोपी की पैरवी के लिए नियुक्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल उप मुख्य कुलशेखर सिंह ने रिमांड का विरोध किया। उन्होंने पुलिस के प्रार्थना पत्र को अस्वीकार करने की अपील की थी। बचाव पक्ष ने रिमांड की आवश्यकता पर सवाल उठाए।
अदालत का अंतिम आदेश
न्यायाधीश रजत वर्मा ने दोनों पक्षों के तर्कों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने विवेचक की ओर से मांगी गई सात दिन की अवधि पर गंभीरता से विचार किया। अदालत ने पुलिस द्वारा मांगी गई सात दिन की रिमांड के बजाय 39 घंटे की पुलिस अभिरक्षा रिमांड का आदेश पारित किया। यह आदेश आरोपियों से गहन पूछताछ और नए तथ्यों की पुष्टि के लिए दिया गया है। अदालत ने पुलिस को निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन करने को कहा है। चिकित्सा जांच और मानवाधिकार निर्देशों का पालन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह निर्णय मामले की आगे की जांच प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
इनसेट
रिमांड के लिए 16 जुलाई को दिया गया था प्रार्थना पत्र
मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से आरोपियों राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू व मनीष यादव की पुलिस कस्टडी रिमांड का प्रार्थना पत्र शाम लगभग चार बजे अदालत में पेश किया गया था। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में जेल में निरुद्ध आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू व मनीष यादव को सात दिन के लिए पुलिस अभिरक्षा (कस्टडी) में दिए जाने की मांग की गई थी। किसी को राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू व मनीष यादव की रिमांड अर्जी की भनक तक तक नहीं लगने दी गई।
इनसेट
लवकुश व अनुकल्प की मिली है सबसे अधिक 40 घंटे की पुलिस कस्टडी
26 जून से जिला कारागार में निरुद्ध आठ आरोपियों में से अब तक छह आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर पूछताछ की जा चुकी है। आरोपी अविनाश शुक्ला की सबसे कम 13 घंटे वहीं लवकुश, अनुकल्प व करुणेश की सबसे अधिक 40 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड की मंजूरी अदालत ने दिया था। जबकि आरोपी सुभाष श्रीवास्तव व रमाशंकर मिश्रा की 14 घंटे के लिए ही पुलिस कस्टडी रिमांड की स्वीकृति ही अदालत से मिल पाई थी।