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श्रद्धालुओं की सुविधा में नहीं होनी चाहिए कोई कमी : सीएम
Tue, 08 Sep 2026 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:23 PM IST
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हनुमानगढ़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हस्त लिखित हनुमान चालीसा भेंट करते महंत हेमंत दा
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या दौरे के दौरान रामलला के दरबार में हाजिरी लगाना नहीं भूले। जीआईसी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सीधे अयोध्या धाम पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। राम मंदिर में इस बार मुख्यमंत्री की अगवानी नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्र ने की।
हनुमानगढ़ी पहुंचने पर गद्दीनशीन महंत प्रेमदास, महंत हेमंत दास, पुजारी राजूदास समेत अन्य संतों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। महंत हेमंत दास की ओर से मुख्यमंत्री को हस्तलिखित हनुमान चालीसा भी भेंट की गई। दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री राम मंदिर के लिए रवाना हुए। राम मंदिर परिसर पहुंचने पर नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्र के साथ ट्रस्ट के सदस्य मदन मोहन पांडेय, कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका और धार्मिक समिति के सदस्य श्रीराम बल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने मुख्यमंत्री की अगवानी की। ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री को रामलला का प्रसाद भेंट कर अभिनंदन किया गया।
मुख्यमंत्री ने गर्भगृह में पहुंचकर रामलला का दर्शन-पूजन किया और आरती उतारी। इसके बाद उन्होंने नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्र के साथ संक्षिप्त बैठक की। मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने सीईओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले सहित अन्य मौजूद रहे। सीईओ जितेंद्र मिश्र ने मंगलवार को ही राम मंदिर की व्यवस्थाओं का कामकाज संभाला है। कार्यभार ग्रहण करने के पहले दिन मुख्यमंत्री से मुलाकात और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर मिले निर्देश उनके लिए पहली बड़ी जिम्मेदारी के तौर पर देखे जा रहे हैं।
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व्यवस्था ऐसी बनाएं कि श्रद्धालुओं को न हो परेशानी
- सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त सीईओ से कहा कि राम मंदिर की व्यवस्थाओं को इस तरह बनाया जाए कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे। व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंदिर की व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
सीएम के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे दिनेंद्र दास
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास मुख्यमंत्री के राम मंदिर कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उन्होंने बताया कि उन्हें कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी गई थी। सूचना नहीं मिलने के कारण उन्होंने कार्यक्रम में जाना उचित नहीं समझा।गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में महंत दिनेंद्र दास की सक्रिय भूमिका रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन के दौरान उनकी अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही।
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हनुमानगढ़ी पहुंचने पर गद्दीनशीन महंत प्रेमदास, महंत हेमंत दास, पुजारी राजूदास समेत अन्य संतों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। महंत हेमंत दास की ओर से मुख्यमंत्री को हस्तलिखित हनुमान चालीसा भी भेंट की गई। दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री राम मंदिर के लिए रवाना हुए। राम मंदिर परिसर पहुंचने पर नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्र के साथ ट्रस्ट के सदस्य मदन मोहन पांडेय, कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका और धार्मिक समिति के सदस्य श्रीराम बल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने मुख्यमंत्री की अगवानी की। ट्रस्ट की ओर से मुख्यमंत्री को रामलला का प्रसाद भेंट कर अभिनंदन किया गया।
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मुख्यमंत्री ने गर्भगृह में पहुंचकर रामलला का दर्शन-पूजन किया और आरती उतारी। इसके बाद उन्होंने नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्र के साथ संक्षिप्त बैठक की। मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने सीईओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले सहित अन्य मौजूद रहे। सीईओ जितेंद्र मिश्र ने मंगलवार को ही राम मंदिर की व्यवस्थाओं का कामकाज संभाला है। कार्यभार ग्रहण करने के पहले दिन मुख्यमंत्री से मुलाकात और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर मिले निर्देश उनके लिए पहली बड़ी जिम्मेदारी के तौर पर देखे जा रहे हैं।
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व्यवस्था ऐसी बनाएं कि श्रद्धालुओं को न हो परेशानी
- सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त सीईओ से कहा कि राम मंदिर की व्यवस्थाओं को इस तरह बनाया जाए कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता में रहे। व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंदिर की व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
सीएम के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे दिनेंद्र दास
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास मुख्यमंत्री के राम मंदिर कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उन्होंने बताया कि उन्हें कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी गई थी। सूचना नहीं मिलने के कारण उन्होंने कार्यक्रम में जाना उचित नहीं समझा।गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में महंत दिनेंद्र दास की सक्रिय भूमिका रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन के दौरान उनकी अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही।