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Ayodhya News: व्यापक शोध के बाद तय किए गए उप मंदिरों के स्थान व कोण
Wed, 22 Oct 2025 08:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 22 Oct 2025 08:24 PM IST
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28-दीपोत्सव व दीपावली पर सजा राम मंदिर का परिसर- ट्ररस्ट
अयोध्या। कारसेवकपुरम में सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने संत-धर्माचार्य के साथ भेंट की। इससे पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने साधु-संतों को मंदिर निर्माण और व्यवस्थाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में बने उप मंदिरा के कोण व दूरी तय करने में वैदिक ग्रंथों का सहारा लिया गया।
उन्होंने बताया कि वैदिक ग्रंथों में वर्णित विष्णु पंचायतन को ध्यान में रखकर परिसर के अन्य मंदिरों की दिशाएं, दूरी और कोण तय किए गए हैं। व्यापक शोध के उपरांत इन मंदिरों के स्थान आदि तय किए गए हैं। विष्णु अवतार श्रीराम विग्रह के ईशान कोण में शंकर भगवान, अग्नि कोण पर गणेश, नैऋत्य में सूर्य, वायव्य में मां भगवती प्रतिष्ठित हैं। इसके अतिरिक्त श्रीराम मंदिर के चारों ओर दीवाल पर रामकथा के 87 प्रसंग पत्थर पर उत्कीर्ण किए गए हैं। इसी तरह धातु पर बनाए गए भारत दर्शन के 80 प्रसंग दीवारों पर लगाए गए हैं।
ट्रस्ट महामंत्री ने अन्य व्यवस्थाओं के साथ यह भी बताया कि मंदिर परिसर में 300 शौचालय बनाए गए हैं। ऐसे ही अन्य सुविधाएं भी हैं। उन्होंने परिसर में बन रही पंचवटी, तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र आदि की भी जानकारी दी। बतातें चलें कि राम मंदिर में आठ देव विग्रहों के मंदिर स्थापित हैं। इसके अलावा रामायण कालीन सात ऋषियों-महर्षियों के भी मंदिर बने हैं।
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उन्होंने बताया कि वैदिक ग्रंथों में वर्णित विष्णु पंचायतन को ध्यान में रखकर परिसर के अन्य मंदिरों की दिशाएं, दूरी और कोण तय किए गए हैं। व्यापक शोध के उपरांत इन मंदिरों के स्थान आदि तय किए गए हैं। विष्णु अवतार श्रीराम विग्रह के ईशान कोण में शंकर भगवान, अग्नि कोण पर गणेश, नैऋत्य में सूर्य, वायव्य में मां भगवती प्रतिष्ठित हैं। इसके अतिरिक्त श्रीराम मंदिर के चारों ओर दीवाल पर रामकथा के 87 प्रसंग पत्थर पर उत्कीर्ण किए गए हैं। इसी तरह धातु पर बनाए गए भारत दर्शन के 80 प्रसंग दीवारों पर लगाए गए हैं।
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ट्रस्ट महामंत्री ने अन्य व्यवस्थाओं के साथ यह भी बताया कि मंदिर परिसर में 300 शौचालय बनाए गए हैं। ऐसे ही अन्य सुविधाएं भी हैं। उन्होंने परिसर में बन रही पंचवटी, तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र आदि की भी जानकारी दी। बतातें चलें कि राम मंदिर में आठ देव विग्रहों के मंदिर स्थापित हैं। इसके अलावा रामायण कालीन सात ऋषियों-महर्षियों के भी मंदिर बने हैं।
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