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Ayodhya News: अब अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल बनेगा स्पोर्ट्स कॉलेज
Fri, 30 Oct 2026 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:27 PM IST
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डाॅ. भीमराव अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल।
नितिन श्रीवास्तव अयोध्या। खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में अयोध्या को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। डाभासेमर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय क्रीड़ा संकुल को अब आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इसे लेकर शासन स्तर पर सहमति बन गई है। खेल सचिव की मौजूदगी में हुई ऑनलाइन बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो अप्रैल 2027 से यहां स्पोर्ट्स कॉलेज का पहला शैक्षिक सत्र शुरू हो जाएगा। शुरुआती वर्ष में कक्षा नौ में 75 खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप्र खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह, मंडलायुक्त राजेश कुमार, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में क्रीड़ा संकुल को पूर्ण आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज के रूप में विकसित करने की रूपरेखा पर चर्चा हुई। इसके तहत परिसर में विद्यार्थियों के रहने के लिए छात्रावास और पढ़ाई के लिए कक्षाओं का निर्माण कराया जाएगा।
चार चरणों में विकसित होगा कॉलेज : स्पोर्ट्स कॉलेज की शुरुआत कक्षा नौ से होगी। पहले शैक्षिक सत्र में 75 खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद अगले शैक्षिक सत्रों में कक्षा 10, 11 और 12 की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। पहले बैच के विद्यार्थी क्रमशः अगली कक्षाओं में पहुंचेंगे और नए विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ कॉलेज में चारों कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। इस तरह परिसर को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण स्पोर्ट्स कॉलेज के रूप में तैयार किया जाएगा।
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बजट मिलते ही शुरू होगा निर्माण कार्य : कॉलेज के संचालन और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए बजट की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए खेल निदेशक के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत कर बजट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। बजट स्वीकृत होने के बाद छात्रावास, कक्षाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं के निर्माण का काम आगे बढ़ाया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन पहले से गठित स्पोर्ट्स कॉलेज सोसायटी के माध्यम से किया जाएगा।
बालिका छात्रावास पर नहीं पड़ेगा असर : क्रीड़ा संकुल में पहले से संचालित बालिका छात्रावास को पूर्व की तरह संचालित रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं, स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग आवासीय व्यवस्था विकसित की जाएगी। नए छात्रावास और भवनों का निर्माण पूरा होने तक परिसर में उपलब्ध खाली कमरों के इस्तेमाल की संभावना भी तलाशी जा रही है।
अयोध्या समेत आसपास के जिलों को मिलेगा लाभ :
स्पोर्ट्स कॉलेज बनने से अयोध्या के साथ आसपास के जिलों की खेल प्रतिभाओं को भी बड़ा अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों को अब बेहतर प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एक ही परिसर में पढ़ाई, आवास और खेल प्रशिक्षण की सुविधा मिलने से वे शिक्षा के साथ अपने खेल कौशल को भी निखार सकेंगे। (संवाद)
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इस महत्वपूर्ण बैठक में उप्र खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह, मंडलायुक्त राजेश कुमार, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में क्रीड़ा संकुल को पूर्ण आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज के रूप में विकसित करने की रूपरेखा पर चर्चा हुई। इसके तहत परिसर में विद्यार्थियों के रहने के लिए छात्रावास और पढ़ाई के लिए कक्षाओं का निर्माण कराया जाएगा।
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चार चरणों में विकसित होगा कॉलेज : स्पोर्ट्स कॉलेज की शुरुआत कक्षा नौ से होगी। पहले शैक्षिक सत्र में 75 खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद अगले शैक्षिक सत्रों में कक्षा 10, 11 और 12 की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। पहले बैच के विद्यार्थी क्रमशः अगली कक्षाओं में पहुंचेंगे और नए विद्यार्थियों के प्रवेश के साथ कॉलेज में चारों कक्षाओं का संचालन शुरू हो जाएगा। इस तरह परिसर को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण स्पोर्ट्स कॉलेज के रूप में तैयार किया जाएगा।
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बजट मिलते ही शुरू होगा निर्माण कार्य : कॉलेज के संचालन और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए बजट की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए खेल निदेशक के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत कर बजट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। बजट स्वीकृत होने के बाद छात्रावास, कक्षाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं के निर्माण का काम आगे बढ़ाया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉलेज का संचालन पहले से गठित स्पोर्ट्स कॉलेज सोसायटी के माध्यम से किया जाएगा।
बालिका छात्रावास पर नहीं पड़ेगा असर : क्रीड़ा संकुल में पहले से संचालित बालिका छात्रावास को पूर्व की तरह संचालित रखने का निर्णय लिया गया है। वहीं, स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए अलग आवासीय व्यवस्था विकसित की जाएगी। नए छात्रावास और भवनों का निर्माण पूरा होने तक परिसर में उपलब्ध खाली कमरों के इस्तेमाल की संभावना भी तलाशी जा रही है।
अयोध्या समेत आसपास के जिलों को मिलेगा लाभ :
स्पोर्ट्स कॉलेज बनने से अयोध्या के साथ आसपास के जिलों की खेल प्रतिभाओं को भी बड़ा अवसर मिलेगा। खिलाड़ियों को अब बेहतर प्रशिक्षण के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। एक ही परिसर में पढ़ाई, आवास और खेल प्रशिक्षण की सुविधा मिलने से वे शिक्षा के साथ अपने खेल कौशल को भी निखार सकेंगे। (संवाद)