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Ayodhya News: उत्सव तालिका में शामिल होगी प्राण प्रतिष्ठा व भूमि पूजन की तिथि
Mon, 23 Sep 2024 01:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 23 Sep 2024 01:26 AM IST
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राममंदिर के यज्ञ मंडप में चल रहा अनुष्ठान।
नितिन मिश्र
अयोध्या। राममंदिर में पूरे वर्ष के उत्सवों के आयोजन के लिए वार्षिक कैलेंडर के निर्माण पर विचार चल रहा है। अब नए सिरे से वार्षिक कैलेंडर निर्माण की तैयारी चल रही है। इस नए कैलेंडर में पारंपरिक उत्सव के साथ नए उत्सव भी जोड़े जाएंगे। उत्सव तालिका में राममंदिर निर्माण के लिए किए गए भूमिपूजन व रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि को जोड़ने की योजना है।
राममंदिर की उत्सव तालिका पर लंबे समय से विचार विमर्श चल रहा है, लेकिन इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो पाई है। अभी राममंदिर में अयोध्या के पारंपरिक उत्सवों के ही आयोजन किए जा रहे हैं, लेकिन भविष्य में इसमें नवीन उत्सवों को जोड़ा जाएगा। ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राममंदिर में पूरे साल एक दर्जन से अधिक उत्सव मनाए जाएंगे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भी पहली बार रामलला के दरबार में धूमधाम से मनाई गई। हालांकि जन्माष्टमी पहले भी मनाई जाती रही, लेकिन परंपरा निर्वहन तक ही सीमित रहती थी।
ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार जल्द ही वार्षिक उत्सव कैलेंडर तैयार करने के लिए एक समिति का गठन करने की तैयारी है, जो कि विभिन्न विद्वानों व संतों से परामर्श लेकर अपना प्रस्ताव देगी। इसके अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा। उत्सव तालिका में प्राण प्रतिष्ठा की तिथि और भूमिपूजन की तिथि को भी शामिल किया जाएगा। इस तिथि पर उत्सव मनाए जाने की रूपरेखा बनेगी।
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मंदिर में पूरे साल मनाए जाएंगे ये त्योहार
मंदिर परिसर में उत्सव की शुरुआत बसंत पंचमी से होगी। परिसर में बसंत पंचमी, राम नवमी, सीता नवमी, नरसिम्हा जयंती, सावन झूला उत्सव, जन्माष्टमी, बावन द्वादशी, विजयादशमी, शरद पूर्णिमा और दिवाली बड़े पैमाने पर मनाई जाएगी। विवाह पंचमी, मकर संक्रांति जैसे त्योहार भी मनाए जाएंगे। इनमें से कुछ त्योहारों में श्रद्धालुओं को शामिल होने की अनुमति होगी, जबकि कुछ में अनुमति नहीं होगी।
विश्व शांति की कामना से चल रहा अनुष्ठान
राममंदिर परिसर में रामतारक मंत्र यज्ञ सप्ताह के तहत अनुष्ठान तीसरे दिन भी जारी रहा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ के सानिध्य में यह अनुष्ठान संचालित हो रहा है। अनुष्ठान में रामतारक मंत्र से रोजाना एक हजार आहुतियां दी जा रही हैं। विश्व प्रसन्न तीर्थ ने बताया कि देश-विदेश में फैली अशांति समाप्त हो, इस कामना से यह अनुष्ठान चल रहा है। साथ ही मंदिर निर्माण का शेष काम निर्विघ्न संपन्न हो यह कामना भी अनुष्ठान के जरिये की जा रही है।
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अयोध्या। राममंदिर में पूरे वर्ष के उत्सवों के आयोजन के लिए वार्षिक कैलेंडर के निर्माण पर विचार चल रहा है। अब नए सिरे से वार्षिक कैलेंडर निर्माण की तैयारी चल रही है। इस नए कैलेंडर में पारंपरिक उत्सव के साथ नए उत्सव भी जोड़े जाएंगे। उत्सव तालिका में राममंदिर निर्माण के लिए किए गए भूमिपूजन व रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि को जोड़ने की योजना है।
राममंदिर की उत्सव तालिका पर लंबे समय से विचार विमर्श चल रहा है, लेकिन इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो पाई है। अभी राममंदिर में अयोध्या के पारंपरिक उत्सवों के ही आयोजन किए जा रहे हैं, लेकिन भविष्य में इसमें नवीन उत्सवों को जोड़ा जाएगा। ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राममंदिर में पूरे साल एक दर्जन से अधिक उत्सव मनाए जाएंगे। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भी पहली बार रामलला के दरबार में धूमधाम से मनाई गई। हालांकि जन्माष्टमी पहले भी मनाई जाती रही, लेकिन परंपरा निर्वहन तक ही सीमित रहती थी।
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ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार जल्द ही वार्षिक उत्सव कैलेंडर तैयार करने के लिए एक समिति का गठन करने की तैयारी है, जो कि विभिन्न विद्वानों व संतों से परामर्श लेकर अपना प्रस्ताव देगी। इसके अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा। उत्सव तालिका में प्राण प्रतिष्ठा की तिथि और भूमिपूजन की तिथि को भी शामिल किया जाएगा। इस तिथि पर उत्सव मनाए जाने की रूपरेखा बनेगी।
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मंदिर में पूरे साल मनाए जाएंगे ये त्योहार
मंदिर परिसर में उत्सव की शुरुआत बसंत पंचमी से होगी। परिसर में बसंत पंचमी, राम नवमी, सीता नवमी, नरसिम्हा जयंती, सावन झूला उत्सव, जन्माष्टमी, बावन द्वादशी, विजयादशमी, शरद पूर्णिमा और दिवाली बड़े पैमाने पर मनाई जाएगी। विवाह पंचमी, मकर संक्रांति जैसे त्योहार भी मनाए जाएंगे। इनमें से कुछ त्योहारों में श्रद्धालुओं को शामिल होने की अनुमति होगी, जबकि कुछ में अनुमति नहीं होगी।
विश्व शांति की कामना से चल रहा अनुष्ठान
राममंदिर परिसर में रामतारक मंत्र यज्ञ सप्ताह के तहत अनुष्ठान तीसरे दिन भी जारी रहा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ के सानिध्य में यह अनुष्ठान संचालित हो रहा है। अनुष्ठान में रामतारक मंत्र से रोजाना एक हजार आहुतियां दी जा रही हैं। विश्व प्रसन्न तीर्थ ने बताया कि देश-विदेश में फैली अशांति समाप्त हो, इस कामना से यह अनुष्ठान चल रहा है। साथ ही मंदिर निर्माण का शेष काम निर्विघ्न संपन्न हो यह कामना भी अनुष्ठान के जरिये की जा रही है।