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Ayodhya News: संदिग्ध आतंकी का शव पहुंचा मजनाई, मची चीख पुकार
Wed, 11 Feb 2026 08:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 11 Feb 2026 08:55 PM IST
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मृतक जमुना प्रसाद
मिल्कीपुर। राम मंदिर पर हमले की साजिश में आरोपी अब्दुल रहमान का शव लेकर परिजन बुधवार सुबह सात बजे मजनाई गांव पहुंचे। शव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां यास्मीन, बहनें आसमा, अल्फिया व अल्फिसा का रो रोकर बुरा हाल है। गांव के पास कब्रिस्तान में पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
मार्च 2025 में आईबी की इनपुट पर गुजरात एटीएस व हरियाणा एसटीएफ की टीम ने ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को पकड़ा था। राम मंदिर पर हमले की साजिश के आरोपी संदिग्ध आतंकी अब्दुल को फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद किया गया था। रविवार रात उसके साथ के कैदी अरुण चौधरी ने रविवार की रात हत्या कर दी थी। सोमवार को उसके पिता अबु बकर व चाचा उस्मान शव लाने फरीदाबाद गए थे। अंतिम दीदार के पश्चात शव को गांव के रहबरे इस्लामिया मदरसे में ले जाया गया, जहां जनाजे की नमाज इमाम अब्दुल मजीद ने पढ़ाई। गांव के पास ही स्थित कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान पुलिस क्षेत्रधिकारी मिल्कीपुर अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में फोर्स तैनात रही।
बेटे का मिलने वाली थी जमानत : अबु बकर
पिता अबु बकर ने बताया कि वह तीन बहनों का अकेला भाई था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। कुछ दिन पूर्व ही मुलाकात हुई थी। दो और कैदी उसकी बैरक में रखे गए थे। अब्दुल ने बताया था कि सब ठीक है, उसकी जमानत होने वाली है। पिता का कहना है कि सोमवार सुबह जेल से फोन आया कि अब्दुल की हत्या हो गई है, विश्वास नहीं हुआ तो पुष्टि के लिए वकील से संपर्क किया। फरीदाबाद के जेल प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। परिजनों ने जेल में हुई हत्या को साजिश बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
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मार्च 2025 में आईबी की इनपुट पर गुजरात एटीएस व हरियाणा एसटीएफ की टीम ने ग्रेनेड व डेटोनेटर के साथ संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को पकड़ा था। राम मंदिर पर हमले की साजिश के आरोपी संदिग्ध आतंकी अब्दुल को फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद किया गया था। रविवार रात उसके साथ के कैदी अरुण चौधरी ने रविवार की रात हत्या कर दी थी। सोमवार को उसके पिता अबु बकर व चाचा उस्मान शव लाने फरीदाबाद गए थे। अंतिम दीदार के पश्चात शव को गांव के रहबरे इस्लामिया मदरसे में ले जाया गया, जहां जनाजे की नमाज इमाम अब्दुल मजीद ने पढ़ाई। गांव के पास ही स्थित कब्रिस्तान में शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान पुलिस क्षेत्रधिकारी मिल्कीपुर अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में फोर्स तैनात रही।
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बेटे का मिलने वाली थी जमानत : अबु बकर
पिता अबु बकर ने बताया कि वह तीन बहनों का अकेला भाई था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। कुछ दिन पूर्व ही मुलाकात हुई थी। दो और कैदी उसकी बैरक में रखे गए थे। अब्दुल ने बताया था कि सब ठीक है, उसकी जमानत होने वाली है। पिता का कहना है कि सोमवार सुबह जेल से फोन आया कि अब्दुल की हत्या हो गई है, विश्वास नहीं हुआ तो पुष्टि के लिए वकील से संपर्क किया। फरीदाबाद के जेल प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। परिजनों ने जेल में हुई हत्या को साजिश बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मृतक जमुना प्रसाद
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