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Ayodhya News: कालबेलिया नृत्य पर झूम उठे विद्यार्थी
Wed, 16 Sep 2026 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:26 AM IST
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प्रस्तुति देते कलाकार।
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में मंगलवार को राजस्थान की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। स्पिक मैके अयोध्या चैप्टर के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में लोक कलाकार उस्ताद भुनगार खान मुंगणियार और उनके दल ने राजस्थानी लोक संगीत की प्रस्तुतियां दीं। कालबेलिया नृत्य और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप ने सभागार में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों का ध्यान खींचा।
कलाकारों ने केसरिया बालम पधारो म्हारे देश समेत राजस्थान के पारंपरिक लोकगीत और भजन प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों में मरुस्थलीय जीवन, प्रेम, विरह और उल्लास जैसे लोक जीवन के अलग-अलग रंग दिखाई दिए। बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक ने कहा कि लोक कलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का जरिया हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को देश की अलग-अलग लोक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है। छात्राओं अग्रिमा मिश्रा और मधुरिमा सिंह ने किया। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने उस्ताद भुनगार खान और उनके साथी कलाकारों को सम्मानित किया। प्रो. एस के रायजादा, प्रो. सी के मिश्र, प्रो. तुहिना वर्मा, प्रो शैलेंद्र कुमार, डॉ. पीके द्विवेदी, डॉ. अवध नारायण, डॉ. अनिल कुमार यादव, डॉ. महेंद्र पाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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कलाकारों ने केसरिया बालम पधारो म्हारे देश समेत राजस्थान के पारंपरिक लोकगीत और भजन प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों में मरुस्थलीय जीवन, प्रेम, विरह और उल्लास जैसे लोक जीवन के अलग-अलग रंग दिखाई दिए। बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक ने कहा कि लोक कलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का जरिया हैं।
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उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को देश की अलग-अलग लोक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिलता है। छात्राओं अग्रिमा मिश्रा और मधुरिमा सिंह ने किया। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने उस्ताद भुनगार खान और उनके साथी कलाकारों को सम्मानित किया। प्रो. एस के रायजादा, प्रो. सी के मिश्र, प्रो. तुहिना वर्मा, प्रो शैलेंद्र कुमार, डॉ. पीके द्विवेदी, डॉ. अवध नारायण, डॉ. अनिल कुमार यादव, डॉ. महेंद्र पाल सिंह आदि उपस्थित रहे।
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