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Ayodhya News: आर्ट ऑफ लिविंग की भूमि नजूल निकलने की चर्चा
Sat, 09 May 2026 09:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 09 May 2026 09:50 PM IST
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अयोध्या। रामनगरी के तेजी से विकसित हो रहे माझा जमथरा क्षेत्र में भूमि स्वामित्व को लेकर नया विवाद सामने आया है। ऑर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की ओर से वर्षों पहले खरीदी गई जमीन को अब नजूल भूमि बताया जा रहा है। मामला तब चर्चा में आया जब निर्माणाधीन लक्ष्मण पथ परियोजना के तहत संस्था की बाउंड्री वॉल का हिस्सा हटाया गया और प्रतिकर भुगतान पर सवाल खड़े हुए।
सूत्रों के अनुसार गुप्तारघाट-नयाघाट बंधे के किनारे बाटी बाबा स्थान और राजघाट के मध्य स्थित इस भूमि को संस्था ने नियमित रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदा था। लेकिन अब राजस्व अभिलेखों में इसे नजूल श्रेणी की भूमि बताया जा रहा है। इसी कारण परियोजना के लिए भूमि उपयोग होने के बावजूद संस्था को मुआवजा नहीं मिलने की स्थिति बनी है। निर्माणाधीन लगभग सात किलोमीटर लंबे लक्ष्मण पथ का मार्ग इसी क्षेत्र से होकर गुजर रहा है और आगे चलकर 14 कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़ रहा है। सड़क निर्माण के दौरान कई स्थानों पर बाउंड्री वॉल हटाई गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह का कहना है कि परियोजना क्षेत्र की भूमि नजूल श्रेणी में दर्ज है, इसलिए प्रतिकर देय नहीं बनता।
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सूत्रों के अनुसार गुप्तारघाट-नयाघाट बंधे के किनारे बाटी बाबा स्थान और राजघाट के मध्य स्थित इस भूमि को संस्था ने नियमित रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदा था। लेकिन अब राजस्व अभिलेखों में इसे नजूल श्रेणी की भूमि बताया जा रहा है। इसी कारण परियोजना के लिए भूमि उपयोग होने के बावजूद संस्था को मुआवजा नहीं मिलने की स्थिति बनी है। निर्माणाधीन लगभग सात किलोमीटर लंबे लक्ष्मण पथ का मार्ग इसी क्षेत्र से होकर गुजर रहा है और आगे चलकर 14 कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़ रहा है। सड़क निर्माण के दौरान कई स्थानों पर बाउंड्री वॉल हटाई गई है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह का कहना है कि परियोजना क्षेत्र की भूमि नजूल श्रेणी में दर्ज है, इसलिए प्रतिकर देय नहीं बनता।
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