{"_id":"6a2847fa4c4a8d2724012430","slug":"ram-mandir-donation-row-reaches-pmo-nripendra-misras-meeting-sparks-a-stir-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-151419-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: राम मंदिर दान विवाद पहुंचा पीएमओ, नृपेंद्र मिश्र की बैठक से बढ़ी हलचल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: राम मंदिर दान विवाद पहुंचा पीएमओ, नृपेंद्र मिश्र की बैठक से बढ़ी हलचल
Tue, 09 Jun 2026 10:36 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 09 Jun 2026 10:36 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि की हेराफेरी का मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंच गया है। भाजपा नेता रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को इस संबंध में एक शिकायती पत्र भेजा है। इस प्रकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्र सोमवार को अचानक अयोध्या पहुंचे। उन्होंने बंद कमरे में एक बैठक की, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, मिश्र ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े प्रमुख अधिकारियों के साथ भी विस्तृत बात की। यह बैठक पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी। इसकी कार्यसूची को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। बैठक के बाद वह मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
राम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद और उसके तुरंत बाद नृपेंद्र मिश्र के इस दौरे को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चर्चा है कि मंदिर की व्यवस्थाओं और हालिया घटनाक्रम पर तैयार होने वाली रिपोर्ट अब शीर्ष स्तर तक पहुंच सकती है।
विज्ञापन
उधर, भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने पत्र में पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि श्रीराम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसलिए दान, चढ़ावे और मंदिर प्रशासन से जुड़े किसी भी आरोप की पारदर्शी जांच आवश्यक है। डॉ. सिंह ने पत्र में लिखा है कि यदि आरोप गलत हैं तो जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि कहीं कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि है और उस विश्वास को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर पारदर्शिता जरूरी है। ऐसे में मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता के प्रश्न भी केंद्र में आ गए हैं।
विपक्ष ने की निष्पक्ष जांच की मांग
अयोध्या। राम मंदिर प्रकरण में विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहले ही दान पेटिका में अनियमितता का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और दानदाताओं के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की ओर से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है तो इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा से निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में दान पात्र से चोरी की खबरें सामने आ रही हैं, जो बेहद निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इस मामले में खुलकर जवाब देना चाहिए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आम लोगों का विश्वास बना रहे कि उनका दान सही कार्यों में उपयोग हो रहा है।
विज्ञापन
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री के पूर्व प्रमुख सचिव नृपेंद्र मिश्र सोमवार को अचानक अयोध्या पहुंचे। उन्होंने बंद कमरे में एक बैठक की, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, मिश्र ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े प्रमुख अधिकारियों के साथ भी विस्तृत बात की। यह बैठक पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी। इसकी कार्यसूची को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। बैठक के बाद वह मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
विज्ञापन
राम मंदिर में दान राशि को लेकर उठे विवाद और उसके तुरंत बाद नृपेंद्र मिश्र के इस दौरे को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चर्चा है कि मंदिर की व्यवस्थाओं और हालिया घटनाक्रम पर तैयार होने वाली रिपोर्ट अब शीर्ष स्तर तक पहुंच सकती है।
विज्ञापन
उधर, भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने पत्र में पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि श्रीराम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। इसलिए दान, चढ़ावे और मंदिर प्रशासन से जुड़े किसी भी आरोप की पारदर्शी जांच आवश्यक है। डॉ. सिंह ने पत्र में लिखा है कि यदि आरोप गलत हैं तो जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि कहीं कोई अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास सर्वोपरि है और उस विश्वास को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर पारदर्शिता जरूरी है। ऐसे में मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता के प्रश्न भी केंद्र में आ गए हैं।
विपक्ष ने की निष्पक्ष जांच की मांग
अयोध्या। राम मंदिर प्रकरण में विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष श्याम कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पहले ही दान पेटिका में अनियमितता का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और दानदाताओं के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की ओर से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है तो इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा से निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष सुनील कृष्ण गौतम ने कहा कि सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में दान पात्र से चोरी की खबरें सामने आ रही हैं, जो बेहद निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इस मामले में खुलकर जवाब देना चाहिए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आम लोगों का विश्वास बना रहे कि उनका दान सही कार्यों में उपयोग हो रहा है।