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Ayodhya News: मानकों को दरकिनार कर लंबे समय से चल रहे निजी अस्पताल
Wed, 31 Dec 2025 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 31 Dec 2025 10:58 PM IST
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अयोध्या। नियम-कानून और मानकों को दरकिनार कर कई निजी अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं। कई अस्पतालों में अब भी बेसमेंट में आईसीयू व अन्य चिकित्सीय सेवाएं संचालित हैं। विभागीय अधिकारियों की साठगांठ से आसानी से इनका पंजीकरण और नवीनीकरण भी हो रहा है।
जिले में मौजूदा समय में लगभग 198 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। यह संख्या हर बार तेजी से बढ़ रही है। इनमें कई अस्पताल तो मानकों पर निर्मित हैं, लेकिन कई ऐसे भी हैं, जो अधिकारियों के रहमो-करम पर संचालित हैं। इनमें मानकों का अता-पता नहीं है। कई अस्पताल घनी आबादी में खुले हैं तो कईयों में बेसमेंट में ही आईसीयू, डायलिसिस यूनिट समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं।
बीते दिनों साकेतपुरी स्थित निर्मला अस्पताल का प्रकरण सार्वजनिक होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो इसका खुलासा हुआ। यहां लंबे समय से बेसमेंट में ही आईसीयू संचालित था। सीएमओ ने इसे मानकों के विपरीत बताते हुए सील कर दिया। सूत्रों के अनुसार नाका क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल में भी बेसमेंट में ही आईसीयू संचालित हैं, जिस पर अभी तक अधिकारियों की नजर नहीं पड़ी है।
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इनसेट
पोर्टल पर होता है आवेदन, सत्यापन करते हैं अधिकारी
अस्पताल के पंजीकरण व नवीनीकरण के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इस पर संबंधित अस्पताल व स्वास्थ्य इकाई की फोटो अपलोड की जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके का सत्यापन करते हैं। इसकी भी फोटो और उनकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड होती है। ऐसे में नवीनीकरण और पंजीकरण के दाैरान मानकों पर अधिकारियों की नजर न पड़ना कई सवाल खड़े करती है। हालांकि, इसके पीछे पोर्टल पर अन्यत्र की फोटो अपलोड करने की संभावना भी रहती है।
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जिले में मौजूदा समय में लगभग 198 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। यह संख्या हर बार तेजी से बढ़ रही है। इनमें कई अस्पताल तो मानकों पर निर्मित हैं, लेकिन कई ऐसे भी हैं, जो अधिकारियों के रहमो-करम पर संचालित हैं। इनमें मानकों का अता-पता नहीं है। कई अस्पताल घनी आबादी में खुले हैं तो कईयों में बेसमेंट में ही आईसीयू, डायलिसिस यूनिट समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हैं।
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बीते दिनों साकेतपुरी स्थित निर्मला अस्पताल का प्रकरण सार्वजनिक होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो इसका खुलासा हुआ। यहां लंबे समय से बेसमेंट में ही आईसीयू संचालित था। सीएमओ ने इसे मानकों के विपरीत बताते हुए सील कर दिया। सूत्रों के अनुसार नाका क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल में भी बेसमेंट में ही आईसीयू संचालित हैं, जिस पर अभी तक अधिकारियों की नजर नहीं पड़ी है।
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पोर्टल पर होता है आवेदन, सत्यापन करते हैं अधिकारी
अस्पताल के पंजीकरण व नवीनीकरण के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इस पर संबंधित अस्पताल व स्वास्थ्य इकाई की फोटो अपलोड की जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके का सत्यापन करते हैं। इसकी भी फोटो और उनकी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड होती है। ऐसे में नवीनीकरण और पंजीकरण के दाैरान मानकों पर अधिकारियों की नजर न पड़ना कई सवाल खड़े करती है। हालांकि, इसके पीछे पोर्टल पर अन्यत्र की फोटो अपलोड करने की संभावना भी रहती है।