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Ayodhya News: दर्जनभर गांव कटान की चपेट में, फसलें डूबीं

Fri, 17 Jul 2026 08:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Fri, 17 Jul 2026 08:41 PM IST
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Over a dozen villages hit by riverbank erosion; crops submerged
सोहावल के माझा कला में बाढ़।
सोहावल। तहसील के तराई क्षेत्र में सरयू नदी की बाढ़ से दर्जन भर गांव कटान की चपेट में आ गए हैं। हजारों बीघा गन्ना और धान की फसलें पानी में डूब गई हैं। नदी किनारे बने रिहायशी मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। सरयू चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई है। शुक्रवार की शाम छह बजे सरयू का जलस्तर 91.42 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि लाल चेतावनी बिंदु 91.73 मीटर से 31 सेमी दूर है।
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माझा कला गांव पूरी तरह पानी से घिर चुका है। यहां के लोग अब ऊंचे स्थानों पर जगह तलाश रहे हैं। ढेमवा घाट पुल के रास्ते नवाबगंज गोंडा मार्ग पर सामान्य आवागमन बंद कर दिया गया है। पैदल और दुपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर स्टीमर से नदी पार कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। पड़ोसी जिला गोंडा के बहादुरपुर, ब्योंदा और साखीपुर गांव भी प्रभावित हैं। मंसाराम यादव, दुखीराम, झगरू यादव और पहलवान जैसे ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।
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प्रशासन ने शुरू किए राहत और बचाव कार्य

नायब तहसीलदार रेशू जैन ने बताया कि नायब तहसीलदार मसौधा आईबी यादव के साथ राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। बचाव और राहत के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। राजस्व कर्मियों को निगरानी के लिए तैनात कर दिया गया है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि अभी स्थिति कहीं भी चिंताजनक नहीं है। घाट के आसपास बड़े-बड़े मगरमच्छ दिखाई पड़ने से लोगों में दहशत है।
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इनसेट

कैथी मांझा के लोग मजबूरी में झेल रहे बाढ़

शुजागंज। रुदौली तहसील के कैथी मांझा गांव में 85 परिवार पीढ़ियों से बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं। इसके बावजूद वे अपनी पुश्तैनी जमीन और खेती-पशुपालन के कारण गांव छोड़ने को तैयार नहीं हैं। गांव के दो दर्जन किसान 50 से 60 बीघा जमीन के काश्तकार हैं, जिनकी आजीविका खेती पर निर्भर है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता उन्हें गांव में रोके रखती है। शिव कुमार ने बताया कि गांव छोड़ने से उनकी खेती और पशुओं के चारे की व्यवस्था प्रभावित होगी। पुत्ती लाल और दत्त जैसे अन्य ग्रामीणों ने भी चार महीने की समस्या के बाद राहत मिलने की बात कही। ग्रामीणों की शिकायत है कि स्थानीय प्रशासन बाढ़ के समय मदद का वादा करता है लेकिन बाद में भूल जाता है।


इनसेट

एसडीएम और तहसीलदार ने लिया जायजा

शुजागंज। रुदौली एसडीएम विनोद गुप्ता और तहसीलदार विजय गुप्ता ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। प्रभावितों से बात कर उन्हें आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कैथी माझा, महंगू का पुरवा और मुजेहना गांव का दौरा किया। इस दौरान बाढ़ चौकी की तैयारियों का भी देखा। पेयजल, भोजन और प्रकाश व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। बिजली कटने की स्थिति में सोलर लाइट, पेट्रोमैक्स या जेनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। पशुओं के लिए चारे और उनके टीकाकरण की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को बाढ़ पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर ग्राम प्रधान सदल प्रसाद और लेखपाल नकछेद भारती भी उपस्थित रहे।
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