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Ayodhya News: दहेज हत्या के मामले में सास-ससुर व पति हुए बरी
Sat, 14 Feb 2026 09:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 14 Feb 2026 09:00 PM IST
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अयोध्या। दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति नौशाद, सास सितारा बानो व ससुर जुम्मन को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने दहेज के लिए प्रताड़ित करते हुए हत्या के अपराध से उन्हें दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया है।
अभियोजन के अनुसार अंबेडकर नगर के थाना अकबरपुर क्षेत्र के रानीगंज निवासी पीर मोहम्मद ने अपनी बेटी रेशमा खातून का निकाह 27 अप्रैल, 2016 को महराजगंज क्षेत्र के कुम्हिया भदौली निवासी नौशाद के साथ किया था। दहेज को लेकर रेशमा के साथ 14 जुलाई, 2017 को मारपीट की गई और दो लाख रुपये मायके से लाने को कहा गया। सुलह-समझौता होने पर मामला शांत हुआ।
आठ अप्रैल, 2018 को रेशमा ने फोन करके बताया कि उसे ससुराल वालों ने बहुत मारा है। तब रेशमा ने भाई उसे अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर लखनऊ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। उसे फिर से अंबेडकर नगर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 20 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई। मृतका के पिता ने रेशमा के पति नौशाद, सास सितारा बानो व ससुर जुम्मन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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विवेचना के बाद पति, सास व ससुर के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से रेशमा को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया। रेशमा की मौत गैस की बीमारी से होने की मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि की गई, जिससे दहेज हत्या का अपराध भी साबित नहीं हो पाया। जनपद न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद तथ्यों व मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया।
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अभियोजन के अनुसार अंबेडकर नगर के थाना अकबरपुर क्षेत्र के रानीगंज निवासी पीर मोहम्मद ने अपनी बेटी रेशमा खातून का निकाह 27 अप्रैल, 2016 को महराजगंज क्षेत्र के कुम्हिया भदौली निवासी नौशाद के साथ किया था। दहेज को लेकर रेशमा के साथ 14 जुलाई, 2017 को मारपीट की गई और दो लाख रुपये मायके से लाने को कहा गया। सुलह-समझौता होने पर मामला शांत हुआ।
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आठ अप्रैल, 2018 को रेशमा ने फोन करके बताया कि उसे ससुराल वालों ने बहुत मारा है। तब रेशमा ने भाई उसे अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर लखनऊ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। उसे फिर से अंबेडकर नगर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 20 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई। मृतका के पिता ने रेशमा के पति नौशाद, सास सितारा बानो व ससुर जुम्मन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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विवेचना के बाद पति, सास व ससुर के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से रेशमा को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया। रेशमा की मौत गैस की बीमारी से होने की मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि की गई, जिससे दहेज हत्या का अपराध भी साबित नहीं हो पाया। जनपद न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद तथ्यों व मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया।