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Ayodhya News: महायोजना 2031 को मंजूरी, 873 वर्ग किमी में विकसित होगी नई अयोध्या
Sat, 02 May 2026 09:13 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 02 May 2026 09:13 PM IST
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अयोध्या। रामनगरी को विश्वस्तरीय धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए शासन ने अयोध्या महायोजना 2031 (भाग-ख) को अंतिम मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा के बाद स्वीकृत इस संशोधित मास्टर प्लान में शहर के व्यापक और संतुलित विकास का खाका तैयार किया गया है।
संशोधित महायोजना के तहत अयोध्या का दायरा अब काफी बढ़ा दिया गया है। कुल 873 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली इस योजना में 343 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें अयोध्या के 154, बस्ती के 126 और गोंडा के 63 गांव शामिल हैं। इसके अलावा अयोध्या नगर निगम, भदरसा नगर पंचायत और नवाबगंज (गोंडा) क्षेत्र भी योजना का हिस्सा बनाए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत सड़क किनारे बने आवासीय भवनों में छोटी दुकानें चलाने वालों को राहत दी गई है। ऐसे मामलों में अब भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में छूट या सरल प्रावधान लागू किए गए हैं, जिससे छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। पार्क और खुले क्षेत्रों के लिए भी पर्याप्त भूमि आरक्षित रखी गई है, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे।
महायोजना के अनुसार, वर्ष 2031 तक अयोध्या की आबादी करीब 14 लाख तक पहुंच सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए सीवरेज, यातायात, सड़क नेटवर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का समुचित प्रावधान शामिल किया गया है। महायोजना के लागू होने से अयोध्या में न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और शहर का समग्र विकास सुनिश्चित हो सकेगा।
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व्यावसायिक भू-उपयोग 2306.37 हेक्टेयर हुआ
- महायोजना में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं। व्यावसायिक भू-उपयोग को 1206.59 हेक्टेयर से बढ़ाकर करीब 2306.37 हेक्टेयर कर दिया गया है, जो लगभग 91 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं, मिश्रित भू-उपयोग में भी उल्लेखनीय इजाफा किया गया है, जिससे आवासीय क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय संचालित करने वालों को सहूलियत मिलेगी।
वर्जन
अयोध्या महायोजना 2031 (भाग-ख) को शासन से स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इसके संबंध में आगामी सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे प्राधिकरण कार्यालय के मीटिंग हॉल में बैठक आयोजित कर आगे की कार्रवाई और क्रियान्वयन की रूपरेखा तय की जाएगी।- राजेश कुमार मिश्रा सचिव, अयोध्या विकास प्राधिकरण
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संशोधित महायोजना के तहत अयोध्या का दायरा अब काफी बढ़ा दिया गया है। कुल 873 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली इस योजना में 343 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें अयोध्या के 154, बस्ती के 126 और गोंडा के 63 गांव शामिल हैं। इसके अलावा अयोध्या नगर निगम, भदरसा नगर पंचायत और नवाबगंज (गोंडा) क्षेत्र भी योजना का हिस्सा बनाए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत सड़क किनारे बने आवासीय भवनों में छोटी दुकानें चलाने वालों को राहत दी गई है। ऐसे मामलों में अब भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में छूट या सरल प्रावधान लागू किए गए हैं, जिससे छोटे व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा। पार्क और खुले क्षेत्रों के लिए भी पर्याप्त भूमि आरक्षित रखी गई है, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे।
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महायोजना के अनुसार, वर्ष 2031 तक अयोध्या की आबादी करीब 14 लाख तक पहुंच सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए सीवरेज, यातायात, सड़क नेटवर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं का समुचित प्रावधान शामिल किया गया है। महायोजना के लागू होने से अयोध्या में न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और शहर का समग्र विकास सुनिश्चित हो सकेगा।
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व्यावसायिक भू-उपयोग 2306.37 हेक्टेयर हुआ
- महायोजना में व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े बदलाव किए गए हैं। व्यावसायिक भू-उपयोग को 1206.59 हेक्टेयर से बढ़ाकर करीब 2306.37 हेक्टेयर कर दिया गया है, जो लगभग 91 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं, मिश्रित भू-उपयोग में भी उल्लेखनीय इजाफा किया गया है, जिससे आवासीय क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय संचालित करने वालों को सहूलियत मिलेगी।
वर्जन
अयोध्या महायोजना 2031 (भाग-ख) को शासन से स्वीकृति प्राप्त हो गई है। इसके संबंध में आगामी सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे प्राधिकरण कार्यालय के मीटिंग हॉल में बैठक आयोजित कर आगे की कार्रवाई और क्रियान्वयन की रूपरेखा तय की जाएगी।- राजेश कुमार मिश्रा सचिव, अयोध्या विकास प्राधिकरण