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Ayodhya News: राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे मुख्य शिखर पर कलश स्थापित
Mon, 14 Apr 2025 09:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 14 Apr 2025 09:02 PM IST
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अयोध्या। भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण ने सोमवार को एक और ऐतिहासिक पड़ाव पार कर लिया। वैदिक आचार्याें की मौजूदगी में विधि-विधान के साथ मुख्य शिखर पर कलश स्थापित किया गया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसको लेकर प्रसन्नता व्यक्त की है। राम मंदिर के 161 फीट ऊंचे शिखर पर कलश स्थापित किया गया है। यह कलश नवरत्नों के ऊपर स्थापित हुआ है। मुख्य शिखर के कलश को स्वर्ण मंडित किए जाने की भी योजना है।
कलश स्थापना का शुभ कार्य सुबह 9:15 बजे शुरू हुआ और 10:30 बजे शिखर पर कलश की स्थापना पूरी हुई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सतुआ संक्रांति और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर यह कार्य संपन्न हुआ। अब मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजदंड स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। मंदिर निर्माण प्रगति पर है। चंपत राय ने बताया कि मंदिर परिसर से अब निर्माण कार्य में लगी मशीनों को हटा लिया जाएगा। प्रथम तल पर राजा राम, परकोटे और सप्त ऋषियों के मंदिरों में मूर्तियों की प्रतिष्ठा का कार्य भी शीघ्र शुरू होगा। मंदिर परिसर में बन रहे 16 अन्य मंदिरों के शिखर पर भी कलश स्थापित किए जाएंगे। जैसे-जैसे मंदिर के शिखर बनते जाएंगे उन पर कलश की स्थापना भी की जाएगी। मंदिर का निर्माण कार्य निर्धारित समय पर आगे बढ़ रहा है, जिससे भक्तों में उत्साह है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि राम मंदिर का निर्माण न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण देशवासियों की आस्था और संकल्प का परिणाम है। यह भारत की सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर और सशक्त करेगा। योगी ने ट्रस्ट और निर्माण कार्य से जुड़े सभी लोगों की सराहना की और इसे 'नए भारत' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। अयोध्या को विश्वस्तरीय तकेर्थ स्थल बनाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ-साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
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राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि अब मंदिर में पत्थरों का काम पूरा हो चुका है। मंदिर में चार लाख घनफीट से अधिक पत्थरों का इस्तेमाल हुआ है। शिखर का काम भी पूर्णता को प्राप्त कर चुका है। कुबेर टीला के पास एक जलाशय बन रहा है। इसके अलावा सप्त मंडपम के बीच में कुंड निर्मित हो चुका है। सितंबर-अक्तूबर तक परकोटा के निर्माण का काम भी पूरा हो जाने की उम्मीद है।
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कलश स्थापना का शुभ कार्य सुबह 9:15 बजे शुरू हुआ और 10:30 बजे शिखर पर कलश की स्थापना पूरी हुई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सतुआ संक्रांति और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर यह कार्य संपन्न हुआ। अब मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजदंड स्थापना की प्रक्रिया शुरू होगी। मंदिर निर्माण प्रगति पर है। चंपत राय ने बताया कि मंदिर परिसर से अब निर्माण कार्य में लगी मशीनों को हटा लिया जाएगा। प्रथम तल पर राजा राम, परकोटे और सप्त ऋषियों के मंदिरों में मूर्तियों की प्रतिष्ठा का कार्य भी शीघ्र शुरू होगा। मंदिर परिसर में बन रहे 16 अन्य मंदिरों के शिखर पर भी कलश स्थापित किए जाएंगे। जैसे-जैसे मंदिर के शिखर बनते जाएंगे उन पर कलश की स्थापना भी की जाएगी। मंदिर का निर्माण कार्य निर्धारित समय पर आगे बढ़ रहा है, जिससे भक्तों में उत्साह है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि राम मंदिर का निर्माण न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण देशवासियों की आस्था और संकल्प का परिणाम है। यह भारत की सनातन संस्कृति को विश्व पटल पर और सशक्त करेगा। योगी ने ट्रस्ट और निर्माण कार्य से जुड़े सभी लोगों की सराहना की और इसे 'नए भारत' की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। अयोध्या को विश्वस्तरीय तकेर्थ स्थल बनाने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ-साथ पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
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राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि अब मंदिर में पत्थरों का काम पूरा हो चुका है। मंदिर में चार लाख घनफीट से अधिक पत्थरों का इस्तेमाल हुआ है। शिखर का काम भी पूर्णता को प्राप्त कर चुका है। कुबेर टीला के पास एक जलाशय बन रहा है। इसके अलावा सप्त मंडपम के बीच में कुंड निर्मित हो चुका है। सितंबर-अक्तूबर तक परकोटा के निर्माण का काम भी पूरा हो जाने की उम्मीद है।