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Ayodhya News: अब नहीं चलेगा जुगाड़, एमआरआई से पकड़ी जाएगी बिजली चोरी
Fri, 19 Apr 2024 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 19 Apr 2024 11:31 PM IST
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सतीश पाठक
अयोध्या। मीटर में छेड़छाड़ करके व जुगाड़ से बिजली चोरी करने वालों पर शिकंजा और कसेगा। इसके लिए अब तीन व चार किलोवाट के लगभग 20,000 उपभोक्ताओं के मीटर में मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट (एमआरआई) लगाया जाएगा। इसके जरिये मीटर से होने वाली छेड़छाड़ के साथ ही बिजली के वास्तविक भार का भी पता चलेगा। शासन के निर्देश पर जिले में यह व्यवस्था लागू करने की कवायद तेज हुई है।
जिले के 52 उपकेंद्रों में लगभग 5,04,000 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें लगभग 30,000 वह उपभोक्ता हैं, जो बड़ी मात्रा में बिजली खर्च करते हैं। इनके कनेक्शन की क्षमता तीन किलोवाट से ऊपर है। ये उपभोक्ता कम भार का कनेक्शन लेकर अधिक मात्रा में बिजली खर्च करते हैं। इनमें ज्यादातार बड़े प्रतिष्ठान, फैक्ट्रियां, कारखाने आदि हैं। इसे लेकर पॉवर कार्पोरेशन गंभीर हुआ तो पांच किलोवाट से ऊपर के कनेक्शन धारकों के मीटर की एमआरआई शुरू की गई। जिले में भी व्यवस्था लागू हुई तो इसके दायरे में लगभग 7400 उपभोक्ता आए।
इसके बेहतर परिणाम दिखे तो अब तीन से चार किलोवाट के उपभोक्ताओं के मीटर की भी एमआरआई कराने का निर्णय लिया गया है। मेसर्स इनोवेटिव सॉफ्टवेयर नामक एजेंसी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। संस्था से जुड़े लगभग 25 कर्मचारी घर-घर जाकर एक विशेष उपकरण से मीटर की एमआरआई करके वास्तविक आंकड़ा दर्ज करके पोर्टल पर अपलोड करते हैं।
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क्या है एमआरआई
इनोवेटिव सॉफ्टवेयर कंपनी के जोनल मैनेजर भारत भूषण मिश्रा ने बताया कि इस इंस्ट्रूमेंट को मीटर में लगाकर बिजली की मांग और खपत की जानकारी की जाती है। मीटर पर यदि अधिक लोड पड़ रहा है तो उसका भी पता चलता है और उपभोक्ता का लोड बढ़ाया जाता है। साथ ही मीटर शंट करके बिजली चोरी करने की भी जानकारी मिल जाती है।
अब तीन-चार किलोवाट के उपभोक्ताओं की भी एमआरआई की जाएगी। शासनादेश के अनुपालन के लिए संबंधित संस्था को निर्देशित किया गया है। इस व्यवस्था के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।-आदित्य वर्मा, अधिशासी अभियंता, विद्युत परीक्षण खंड, अयोध्या
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अयोध्या। मीटर में छेड़छाड़ करके व जुगाड़ से बिजली चोरी करने वालों पर शिकंजा और कसेगा। इसके लिए अब तीन व चार किलोवाट के लगभग 20,000 उपभोक्ताओं के मीटर में मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट (एमआरआई) लगाया जाएगा। इसके जरिये मीटर से होने वाली छेड़छाड़ के साथ ही बिजली के वास्तविक भार का भी पता चलेगा। शासन के निर्देश पर जिले में यह व्यवस्था लागू करने की कवायद तेज हुई है।
जिले के 52 उपकेंद्रों में लगभग 5,04,000 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें लगभग 30,000 वह उपभोक्ता हैं, जो बड़ी मात्रा में बिजली खर्च करते हैं। इनके कनेक्शन की क्षमता तीन किलोवाट से ऊपर है। ये उपभोक्ता कम भार का कनेक्शन लेकर अधिक मात्रा में बिजली खर्च करते हैं। इनमें ज्यादातार बड़े प्रतिष्ठान, फैक्ट्रियां, कारखाने आदि हैं। इसे लेकर पॉवर कार्पोरेशन गंभीर हुआ तो पांच किलोवाट से ऊपर के कनेक्शन धारकों के मीटर की एमआरआई शुरू की गई। जिले में भी व्यवस्था लागू हुई तो इसके दायरे में लगभग 7400 उपभोक्ता आए।
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इसके बेहतर परिणाम दिखे तो अब तीन से चार किलोवाट के उपभोक्ताओं के मीटर की भी एमआरआई कराने का निर्णय लिया गया है। मेसर्स इनोवेटिव सॉफ्टवेयर नामक एजेंसी को इसका जिम्मा सौंपा गया है। संस्था से जुड़े लगभग 25 कर्मचारी घर-घर जाकर एक विशेष उपकरण से मीटर की एमआरआई करके वास्तविक आंकड़ा दर्ज करके पोर्टल पर अपलोड करते हैं।
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क्या है एमआरआई
इनोवेटिव सॉफ्टवेयर कंपनी के जोनल मैनेजर भारत भूषण मिश्रा ने बताया कि इस इंस्ट्रूमेंट को मीटर में लगाकर बिजली की मांग और खपत की जानकारी की जाती है। मीटर पर यदि अधिक लोड पड़ रहा है तो उसका भी पता चलता है और उपभोक्ता का लोड बढ़ाया जाता है। साथ ही मीटर शंट करके बिजली चोरी करने की भी जानकारी मिल जाती है।
अब तीन-चार किलोवाट के उपभोक्ताओं की भी एमआरआई की जाएगी। शासनादेश के अनुपालन के लिए संबंधित संस्था को निर्देशित किया गया है। इस व्यवस्था के बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।-आदित्य वर्मा, अधिशासी अभियंता, विद्युत परीक्षण खंड, अयोध्या