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Ayodhya News: चढ़ावा चोरी के आरोपियों के रहन-सहन में हुए बदलाव की जांच
Wed, 01 Jul 2026 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:10 PM IST
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अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जांच अब उनकी जीवनशैली तक पहुंच गई है। पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मंदिर से जुड़ने के बाद उनके रहन-सहन और खर्च करने के तौर-तरीकों में किस तरह का बदलाव आया। इसके लिए बैंक खातों, चल-अचल संपत्तियों, मोबाइल लेनदेन और परिजनों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी के साथ पुलिस की जांच भी तेज हो गई है। मामले की जांच में करीब 11 टीमें लगी हैं, जो अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, देर रात सीओ अयोध्या और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक होती है, जिसमें सभी टीमें अपने-अपने इनपुट साझा करती हैं। इसके आधार पर अगले दिन की जांच की दिशा तय की जाती है और टीमों का रूट भी निर्धारित किया जाता है। इसकी जानकारी केवल संबंधित टीमों और चुनिंदा अधिकारियों तक ही सीमित रहती है। (संवाद)
धार्मिक आयोजनों पर हुए खर्च का भी जुटाया जा रहा ब्योरा
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम आरोपियों की ओर से कराए गए सामाजिक और धार्मिक आयोजनों पर हुए खर्च की भी जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी लवकुश मिश्रा की जीवनशैली में पिछले कुछ समय में उल्लेखनीय बदलाव आया। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि उसने हाल ही में अपने पिता को चारधाम यात्रा कराई थी। यात्रा से लौटने के बाद वह गांव में एक बड़े भंडारे की तैयारी भी कर रहा था। ग्रामीणों के हवाले से जांच टीम को यह भी जानकारी मिली है कि गांव जाने पर वह खुले हाथ से खर्च करता था। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में राजनीति में सक्रिय होने की उसकी योजना भी बताई जा रही है। इसी उद्देश्य से वह लोगों का एक समूह तैयार कर रहा था और उन पर भी अच्छा-खासा खर्च करता था।
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अनुकल्प की कथा और मनीष के भंडारे की भी जांच
आरोपी अनुकल्प मिश्रा की ओर से कुछ समय पहले कराई गई धार्मिक कथा भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। सूत्रों के अनुसार, कथा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं को साड़ियां वितरित की गई थीं और आयोजन पर पर्याप्त धनराशि खर्च हुई थी। जांच एजेंसियां साड़ियों की आपूर्ति करने वाले दुकानदार का भी पता लगाने में जुटी हैं। वहीं, आरोपी मनीष यादव की ओर से कराए गए भंडारे की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां इन आयोजनों पर हुए खर्च और उनके वित्तीय स्रोतों का मिलान कर रही हैं।
रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ
सूत्र बताते हैं कि आरोपी अविनाश शुक्ला के संबंध में अब तक किसी बड़े सार्वजनिक आयोजन की जानकारी जांच में सामने नहीं आई है। हालांकि, उसके इस्तेमाल किए गए वाहनों, महंगे मोबाइल फोन और अन्य खर्चों से जुड़ी सूचनाओं का भी सत्यापन किया जा रहा है। जांच एजेंसियां ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ कर रही हैं ताकि पिछले कुछ वर्षों में आरोपियों की आर्थिक स्थिति, रहन-सहन और खर्च करने की शैली में आए बदलाव का आकलन किया जा सके। इन सभी तथ्यों के आधार पर उनकी आय, संपत्ति और खर्च का मिलान कर विस्तृत आर्थिक प्रोफाइल तैयार की जा रही है।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी के साथ पुलिस की जांच भी तेज हो गई है। मामले की जांच में करीब 11 टीमें लगी हैं, जो अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, देर रात सीओ अयोध्या और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक होती है, जिसमें सभी टीमें अपने-अपने इनपुट साझा करती हैं। इसके आधार पर अगले दिन की जांच की दिशा तय की जाती है और टीमों का रूट भी निर्धारित किया जाता है। इसकी जानकारी केवल संबंधित टीमों और चुनिंदा अधिकारियों तक ही सीमित रहती है। (संवाद)
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धार्मिक आयोजनों पर हुए खर्च का भी जुटाया जा रहा ब्योरा
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम आरोपियों की ओर से कराए गए सामाजिक और धार्मिक आयोजनों पर हुए खर्च की भी जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी लवकुश मिश्रा की जीवनशैली में पिछले कुछ समय में उल्लेखनीय बदलाव आया। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि उसने हाल ही में अपने पिता को चारधाम यात्रा कराई थी। यात्रा से लौटने के बाद वह गांव में एक बड़े भंडारे की तैयारी भी कर रहा था। ग्रामीणों के हवाले से जांच टीम को यह भी जानकारी मिली है कि गांव जाने पर वह खुले हाथ से खर्च करता था। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में राजनीति में सक्रिय होने की उसकी योजना भी बताई जा रही है। इसी उद्देश्य से वह लोगों का एक समूह तैयार कर रहा था और उन पर भी अच्छा-खासा खर्च करता था।
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अनुकल्प की कथा और मनीष के भंडारे की भी जांच
आरोपी अनुकल्प मिश्रा की ओर से कुछ समय पहले कराई गई धार्मिक कथा भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। सूत्रों के अनुसार, कथा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं को साड़ियां वितरित की गई थीं और आयोजन पर पर्याप्त धनराशि खर्च हुई थी। जांच एजेंसियां साड़ियों की आपूर्ति करने वाले दुकानदार का भी पता लगाने में जुटी हैं। वहीं, आरोपी मनीष यादव की ओर से कराए गए भंडारे की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां इन आयोजनों पर हुए खर्च और उनके वित्तीय स्रोतों का मिलान कर रही हैं।
रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ
सूत्र बताते हैं कि आरोपी अविनाश शुक्ला के संबंध में अब तक किसी बड़े सार्वजनिक आयोजन की जानकारी जांच में सामने नहीं आई है। हालांकि, उसके इस्तेमाल किए गए वाहनों, महंगे मोबाइल फोन और अन्य खर्चों से जुड़ी सूचनाओं का भी सत्यापन किया जा रहा है। जांच एजेंसियां ग्रामीणों, रिश्तेदारों और परिचितों से भी पूछताछ कर रही हैं ताकि पिछले कुछ वर्षों में आरोपियों की आर्थिक स्थिति, रहन-सहन और खर्च करने की शैली में आए बदलाव का आकलन किया जा सके। इन सभी तथ्यों के आधार पर उनकी आय, संपत्ति और खर्च का मिलान कर विस्तृत आर्थिक प्रोफाइल तैयार की जा रही है।