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Ayodhya News: अगर मानसून भी देता मोहलत... तो साफ होते शहर के कुछ और नाले
Wed, 01 Jul 2026 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:19 PM IST
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23- आदर्श नगर में नालियों की सफाई न होने से सड़क पर भरा गंदा पानी - संवाद
अयोध्या। अगर मानसून नगर निगम को कुछ और समय देकर आता, तो शहर के कई नाले शायद इस बार पूरी तरह साफ हो चुके होते। लेकिन बारिश ने पहले ही दस्तक दे दी और नगर निगम का नाला सफाई अभियान अधूरा रह गया। जलभराव से बचाव के लिए शुरू किया गया यह अभियान अब समयसीमा और धीमी रफ्तार के चलते सवालों के घेरे में है।
30 अप्रैल की समीक्षा बैठक में महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने 31 मई तक सभी नालों की सफाई हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए थे। तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद कई बार अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी।
मानसून की शुरुआती बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। पिछले तीन दिनों की बारिश में कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ी।
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नगर निगम के अनुसार अब तक करीब 60 प्रतिशत नालों की सफाई ही पूरी हो पाई है। दो महीने के काम के आधार पर औसतन 30 प्रतिशत प्रतिमाह की रफ्तार से कार्य हुआ है। इसी गति से आगे बढ़ने पर शेष 40 प्रतिशत नालों की सफाई में लगभग 40 दिन और लग सकते हैं। ऐसे में आशंका है कि अभियान मानसून के बीच तक खिंच सकता है।
नगर निगम क्षेत्र में कुल 314 नाले चिह्नित हैं, जिनमें 21 बड़े, 125 मझोले और 168 छोटे नाले शामिल हैं। शुरुआती चरण में 77 नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया गया था, लेकिन इसके बाद भी कई क्षेत्रों में स्थिति जस की तस बनी हुई है। महापौर ने एक बार फिर अधिकारियों को एक सप्ताह का समय देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
देवकाली, बछड़ा सुल्तानपुर, शक्तिनगर, टकसाल, ऋषि टोला, कृष्णानगर, आदर्श नगर जनौरा, जलावनपुरा, पक्का तालाब, वजीरगंज जप्ती और फतेहगंज जैसे इलाके हर साल जलभराव की समस्या से जूझते हैं। इस बार भी शुरुआती बारिश में इन क्षेत्रों में पानी भरने और निकासी में दिक्कतें सामने आईं।
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30 अप्रैल की समीक्षा बैठक में महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने 31 मई तक सभी नालों की सफाई हर हाल में पूरी करने के निर्देश दिए थे। तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका। इसके बाद कई बार अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी।
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मानसून की शुरुआती बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की पोल खोल दी है। पिछले तीन दिनों की बारिश में कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ी।
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नगर निगम के अनुसार अब तक करीब 60 प्रतिशत नालों की सफाई ही पूरी हो पाई है। दो महीने के काम के आधार पर औसतन 30 प्रतिशत प्रतिमाह की रफ्तार से कार्य हुआ है। इसी गति से आगे बढ़ने पर शेष 40 प्रतिशत नालों की सफाई में लगभग 40 दिन और लग सकते हैं। ऐसे में आशंका है कि अभियान मानसून के बीच तक खिंच सकता है।
नगर निगम क्षेत्र में कुल 314 नाले चिह्नित हैं, जिनमें 21 बड़े, 125 मझोले और 168 छोटे नाले शामिल हैं। शुरुआती चरण में 77 नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया गया था, लेकिन इसके बाद भी कई क्षेत्रों में स्थिति जस की तस बनी हुई है। महापौर ने एक बार फिर अधिकारियों को एक सप्ताह का समय देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
देवकाली, बछड़ा सुल्तानपुर, शक्तिनगर, टकसाल, ऋषि टोला, कृष्णानगर, आदर्श नगर जनौरा, जलावनपुरा, पक्का तालाब, वजीरगंज जप्ती और फतेहगंज जैसे इलाके हर साल जलभराव की समस्या से जूझते हैं। इस बार भी शुरुआती बारिश में इन क्षेत्रों में पानी भरने और निकासी में दिक्कतें सामने आईं।